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भारत में हायरिंग करना कठिन हुआ, 71 रिक्रूटर्स ‘छिपी हुई प्रतिभा’ को खोजने के लिए एआई का इस्तेमाल कर रहे हैं – लिंक्डइन

भारत | 03 फरवरी 2026 — भारत का हायरिंग मार्केट तेजी से आगे बढ़ रहा है, लेकिन सही प्रतिभा ढूंढना अब और कठिन हो गया है। लिंक्‍डइन की नई रिसर्च के अनुसार, अब 74% रिक्रूटर्स को योग्य उम्मीदवारों को ढूंढने में परेशानी हो रही है, भले ही हायरिंग गतिविधि महामारी से पहले के स्तर से 40% अधिक चल रही हो।

यह इसलिए है क्योंकि रिक्रूटर्स को मात्रा-गुणवत्ता में असंतुलन का सामना करना पड़ रहा है। उन रिक्रूटर्स में से जिन्होंने कहा कि भर्ती अधिक कठिन हो गई है, उनमें से आधे से अधिक (53%) ने AI-जनरेटेड आवेदनों में वृद्धि की ओर इशारा किया है, जबकि कई ने मांग वाली स्किल्स की निरंतर कमी (47%) का हवाला दिया है। लगभग आधे (48%) ने यह भी कहा कि वास्तविक आवेदनों को कम-गुणवत्ता या भ्रामक आवेदनों से अलग करना प्रक्रिया को बाधिात कर रहा है।

इसके परिणामस्वरूप एक ज्‍यादा क्राउडेड और प्रतिस्पर्धी श्रम बाजार बन गया है। लिंक्डइन प्लेटफॉर्म डेटा के अनुसार, भारत में एक ओपन रोल पर आवेदकों की संख्या 2022 से दोगुनी से अधिक हो गई है। इसके अलावा, जबकि 72% पेशेवर कहते हैं कि वे 2026 में सक्रिय रूप से नौकरी की तलाश कर रहे हैं, 85% ने माना है वे इस प्रक्रिया को नैविगेट करने के लिए तैयार नहीं हैं। 

रिक्रूटर्स एआई का उपयोग करके सही स्किल्स को पहचान रहे हैं, भर्ती को तेज कर रहे हैं, और उम्मीदवारों के सफर को अधिक संतोषजनक बना रहे हैं

इन दबावों के बीच, रिक्रूटर्स एआई को समाधान का हिस्सा मान रहे हैं। भारत में जो पहले से इसका उपयोग कर रहे हैं, उनमें से 71% का कहना कि एआई ने उन्हें ऐसे उम्मीदवारों को खोजने में मदद की है जिनकी स्किल्स वे पहले मिस कर देते थे, जबकि 80% ने कहा कि इससे उम्मीदवार की स्किल्स के बारे में जानकारी प्राप्त करना आसान हो गया है। तीन-चौथाई से अधिक (76%) मानते हैं कि एआई पहले से ही भर्ती प्रक्रिया को तेज कर रही है।

आगे देखें तो इसे अपनाने में और तेजी आने वाली है। भारत के लगभग 8 में से 8 रिक्रूटर्स कहते हैं कि वे भर्ती लक्ष्यों को समर्थन देने, आवेदकों का मूल्यांकन करने और टॉप टैलेंट को सोर्स करने के लिए एआई के उपयोग को बढ़ाने की योजना बना रहे हैं। अधिकांश की 2026 में प्री-स्क्रीनिंग इंटरव्यू के लिए एआई उपयोग बढ़ाने की योजना भी है, और वे मानते हैं कि इससे रिक्रूटर्स-उम्मीदवारों के बीच अधिक मूल्यवान बातचीत होगी (83%), भर्ती अनुभव तेज होगा (83%), और उम्मीदवारों की बेहतर जानकारी मिलेगी (82%)।

रुचि आनंद,APAC VP, लिंक्‍डइन टैलेंट सॉल्‍यूशंस, ने कहा  “हम हायरिंग में एक बड़ा बदलाव देख रहे हैं—अब पुरानी डिग्री या पिछले पदों से ज्यादा ध्यान इस बात पर दिया जा रहा है कि व्यक्ति ने असल में कौन-सी स्किल्स दिखाई हैं और वह क्या कर सकता है। इस बदलाव को बड़े स्तर पर लागू करना एआई के बिना बहुत मुश्किल है। अगर एआई को सही और जिम्मेदारी से इस्तेमाल किया जाए, तो यह रिक्रूटर्स की मदद करता है कि वे सही स्किल्स वाले लोगों को जल्दी पहचान सकें, स्क्रीनिंग में परेशानी कम हो और मूल्यांकन प्रक्रिया ज्यादा एकसमान और निष्पक्ष बने। लिंक्डइन में हमारी मुख्य कोशिश ऐसे एआई टूल्स बनाने की है, जैसे हायरिंग असिस्टेंट, जो भर्ती में फैसला लेने में सहायता करें। इससे रिक्रूटर्स सही टैलेंट को तेजी से और भरोसे के साथ ढूंढ सकें, बिना गुणवत्ता या उम्मीदवार के अनुभव पर कोई असर डाले।”

पारदर्शिता रिक्रूटर–जॉब ढूंढने के वाले के संबंध में सबसे अहम बन रही है

जैसे-जैसे एआई भर्ती में अधिक गहराई से जुड़ रहा है, उम्मीदवारों की अपेक्षाएं भी बढ़ रही हैं। पेशेवर अब भर्ती निर्णय कैसे लिए जाते हैं, इसकी स्पष्टता चाहते हैं, जो पारदर्शिता की मजबूत मांग को दर्शाता है। भारत में आधे रिक्रूटर्स (50%) अब कहते हैं कि उन्हें दबाव है कि वे बताएं कि उनके प्रोसेस और हायरिंग फ्लो में एआई कैसे इस्तेमाल हो रहा है, खासकर स्क्रीनिंग और शॉर्टलिस्टिंग उम्मीदवारों के मामले में।

लिंक्डइन रिक्रूटर्स को तेजी और स्‍मार्ट तरीके से भर्ती करने के लिए कैसे मदद कर रहा है

भारत में रिक्रूटर्स की मूल चुनौतियों—स्‍पीड एवं क्‍वॉलिटी—को दूर करने के लिए लिंक्डइन एआई-पावर्ड हायरिंग टूल्स में निरंतर निवेश कर रहा है, जो टैलेंट बातचीत को आगे बढ़ाने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं:

  • सैलरी और नोटिस पीरियड फिल्टर्स सदस्यों को अपनी अपेक्षित सैलरी और नोटिस पीरियड शेयर करने की अनुमति देते हैं—यह जानकारी केवल रिक्रूटर्स को दिखाई देती है—जिससे शुरुआती हायरिंग प्रोसेस में घटराहट कम होती है।
  • हायरिंग असिस्टेंट, लिंक्डइन का रिक्रूटर्स के लिए एआई एजेंट, एएमडी, ऑरेकॉन, च्यूवी, एक्सपीडिया ग्रुप, फैबलेटिक्स, जैकब्स, सीमेंस और विप्रो जैसी कंपनियों को योग्य टैलेंट तेजी से खोजने में मदद कर रहा है। अर्ली एडॉप्‍टर्स की रिपोर्ट के अनुसार, 62% कम प्रोफाइल्स की समीक्षा की जा रही है, प्रति रोल 4 घंटे से अधिक की बचत हो रही है, और इनमेल स्वीकृति दर में 69% सुधार देखा गया है। हायरिंग असिस्‍टेंट वैश्विक स्‍तर पर अंग्रेजी में उपलब्ध है।
  • लिंक्डइन हायरिंग प्रो छोटे व्यवसायों के लिए एआई एजेंट है जो मजबूत उम्मीदवारों को पहचानने, शॉर्टलिस्ट करने और उनसे जल्दी संपर्क करने में मदद करता है। शुरुआती उपयोग के आधार पर, इस प्रोडक्ट का इस्तेमाल करने वाले लगभग 60% हायरर्स पहले सप्ताह में ही किसी को इंटरव्यू के लिए ढूंढ लेते हैं, जबकि समय बचत रिपोर्ट करने वालों को औसतन हर सप्ताह 6+ घंटे की बचत हो रही है। नई फीचर्स में शामिल हैं:
  • शुरुआती स्क्रीनिंग के लिए एआई-पावर्ड इंटरव्यू सपोर्ट
  • एक अपडेटेड, कन्वर्सेशनल इंटरफेस जो हायरिंग जरूरतों का वर्णन करना और कैंडिडेट सर्च रिजल्ट्स को बेहतर बनाने के लिए फीडबैक देना आसान बनाता है
  • योग्य उम्मीदवारों से सीधे जुड़ने के लिए एआई-असिस्टेड पर्सनलाइज्ड इनमेल्‍स

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