Homeउद्यमशीलताईडीआईआईने एम्प्रेसारियो 2025 वार्षिक स्टार्टअप समिटका किया आयोजन

ईडीआईआईने एम्प्रेसारियो 2025 वार्षिक स्टार्टअप समिटका किया आयोजन

अहमदाबाद 6 मार्च 2025: भारतीय उद्यमिता विकास संस्थान (EDII), अहमदाबाद द्वारा एम्प्रेसारियो 2025 वार्षिक स्टार्टअप समिट (2 दिवसीय) का आयोजन 6 मार्च को संस्थान के परिसर में किया गया। एम्प्रेसारियोस्टार्टअप समिट 2025, 13वां वार्षिक प्रमुख आयोजन है, जो ‘भविष्य के नवाचार’ पर आधारित है, और यह 7 मार्च को समाप्त होगा।

एम्प्रेसारियो स्टार्टअप समिट में स्टार्टअप्स, नए उद्यमी, उद्योग मार्गदर्शक, निवेशक और छात्र समुदाय एकत्रित होते हैं, जो अपने उद्यमिता के अनुभवों को साझा करते हैं, नए अद्वितीय दृष्टिकोण प्राप्त करते हैं, और विकसित हो रहे स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र का अभिन्न हिस्सा बनने का एक विशेष मंच है। एम्प्रेसारियो, एक अनोखा मंच, 2012 में शुरू हुआ था और तब से यह सबसे बड़े उद्यमिता सम्मेलनों में से एक बन चुका है।

समिट का उद्घाटन मुख्य अतिथिश्रीडॉ. धन सिंह रावत, माननीय स्वास्थ्य, शिक्षा एवं सहकारिता मंत्री, उत्तराखंड सरकार ने किया. इस अवसर पर उन्होने कहा, “उद्यमिता और स्टार्टअप्स का सिद्धांत देश में तेजी से बढ़ रहा है। आज का समय इनोवेटर्स, इनोवेशन, विचारों, इनक्यूबेशन और निवेशकों का है। युवाओं को आगे बढ़कर अपने सामने उपस्थित अवसरों का लाभ उठाना चाहिए। उन्हें बस विचार प्रस्तुत करना है , और बाकी सब कार्य स्वचालित रूप से हो जायेगा. हमारा देश मजबूत उद्यमिता पारिस्थितिकी तंत्र पर फोकस कर रहा है। गुजरात को हमेशा अपने उद्यमिता क्षमता के लिए सराहा गया है। मुझे विश्वास है कि छात्रो के लिए गुजरात में शिक्षा प्राप्त करनासौभाग्य की बात हैं। उत्तराखंड के युवाओं को समर्थन देने के लिए, उत्तराखंड सरकार ने EDII के साथ सहयोग किया है। मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि सिर्फ एक वर्ष में 400 से अधिकउद्यम स्थापित हो चुके हैं और कई अन्य उद्यम स्थापित होने की प्रक्रिया में हैं। आइए हम सभी मिलकर उद्यमिता को बढ़ावा दें और ‘विकसित भारत’ के अभियान में एक महत्वपूर्ण योगदान दें।”

श्री प्रकाशभाई वरमोरा, विधायक, धांग्रधा, सुरेन्द्रनगर ने कहा, “ मैं सभीइच्छुकउद्यमियों से अनुरोध करता हूँ कि वे विचारपूर्वक जोखिम ले,विशेषज्ञों से बातचीत करे, संस्थानों का दौरा करे, प्रशिक्षण, ज्ञान और खुद को शिक्षित करें। कई उद्यमी अपने विचारों को लागू करने में अपनी पूरी ताकत लगाते हैं; लेकिन कहीं न कहीं वे विस्तृत बाजार या लोगों और नए विचारों से जुड़ना भूल जाते हैं। इसलिए अपने आप को मार्केट से अपटेड रखने के लिएज्यादा से ज्यादा नेटवर्किंग करे, जिससे आप सफल होंगे। मेरी शुभकामनाएं छात्रों के साथ है। आप बडे सपने देखेऔर उपलब्धियों को हासिल करें।”

डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा, सचिव, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग, उत्तराखंड सरकार ने कहा,  “भारत में संस्थान, नीतियाँ, इनक्यूबेशन और एक्सेलेरेटर का उत्कृष्ट संयोजन है। स्टार्टअप्स के लिए यह समय सबसे अनुकूल है, और गुजरात में होना एक अतिरिक्त लाभ है। उद्यमिता के छात्रों के पास सर्वोत्तम संसाधन, मार्गदर्शन और प्रशिक्षण उपलब्ध हैं, उन्हें मैं अनुरोध करता हूं कि विफलता से डर बिनाइसका पूरा लाभ उठाएं। उनको विफलता के डर से ऊपर उठना होगा सफलता अवश्य मिलेगी। उद्यमिता एक विकास का माध्यम है, और हमें खुशी है कि हमादादेश इसे प्रोत्साहित कर रहा है ।”

श्री दिनेश रमेश गुरव, आईएएस, डिरेक्टर, उच्च और तकनीकी शिक्षा, गुजरात सरकार ने नई शिक्षा नीति के बारे में कहा, “गुजरात हमेशा से एक ऐसा स्थान रहा है जहाँ उद्यमिता की भावना पनपती है, और एम्प्रेसारियो जैसे आयोजन से छात्रों और युवा नवप्रवर्तकों को प्रेरित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। राज्य की नई शिक्षा नीति का उद्देश्य रचनात्मकता, आलोचनात्मक सोच और कौशल विकास को बढ़ावा देना है, ताकि छात्रों को वह माध्यम मिलें जिससे वे भविष्य में उद्यमियों बन सके।”

श्री आर.डी. बर्हाट, उद्योग विभाग के संयुक्त आयुक्त, गुजरात सरकार ने गुजरात के छोटे और मध्यम उद्योगों (SMEs) के विकास के बारे में बात करते हुए कहा, “जैसे-जैसे गुजरात विकसित हो रहा है, राज्य की औद्योगिक नीतियाँ एक गतिशील उद्यमिता पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा देने के लिए काम कर रही हैं। विशेष रूप से, छोटे और मध्यम उद्योग हमारे औद्योगिक परिप्रेक्ष्य का अहम हिस्सा हैं, और क्षमता निर्माण कार्यशालाओं और नीति चर्चाओं के माध्यम से, हम यह सुनिश्चित करने के लिए काम कर रहे हैं कि गुजरात नवाचार और उद्यमिता का केंद्र बना रहे। नवाचार को बढ़ावा देकर और सही समर्थन प्रदान करके, हम उद्यमियों को आगे बढने का अवसर दे रहे हैं और आत्मनिर्भर गुजरात में योगदान करने में मदद कर रहे हैं।”

उद्यमियो को प्रोत्साहन देते हुए, डॉ. सुनील शुक्ला, डायरेक्टर जनरल, ईडीआईआई ने कहा, “यह एम्प्रेसारियो हर साल कई उद्यमीयोंके लिए एक गेम चेंजर साबित होता है। यह वार्षिक स्टार्टअप शिखर सम्मेलन एक बड़ा नेटवर्किंग मंच है, और नेटवर्किंग एक उद्यमी के लिए सीमाओं को बढ़ाने, अवसरों को संजोने और ज्ञान विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। मैं उद्यमियो के लिए समर्पण, ईमानदारी और प्रतिबद्धता के महत्व पर जोर देता हूं। संभावित और मौजूदा उद्यमियों और स्टार्टअप्स को मेरी सलाह है कि आप नये विचार, संसाधनों का सह-चयन करना, नेटवर्किंग करना और प्रयोग करना जारी रखें।“

दो दिवसीय शिखर सम्मेलन में श्री अशनीर ग्रोवर, पूर्व संस्थापक और एमडी भारतपे; सीए अभिनव मालवीय, मेनेजिग पार्टनर, जे के पटेल एंड एसोसिएट्स; श्री अर्चित सोमानी, मेनेजिग डिरेक्टर, ट्रैकोमो ऑटोमेशन एंड कैमरा सिस्टम; श्री सनी वाघेला, संस्थापक और सीईओ, टेकडिफेंस लैब्स; श्री योगेश ब्रह्मंकर, इनोवेशन निदेशक, एमओई का इनोवेशन सेल, भारत सरकार; श्री गगन गोस्वामी, ओनर हेरिटेज इंफ्रास्पेस प्राइवेट लिमिटेड; श्री रवींद्र भोजानी, सीबीआरई; श्री लवलीन गर्ग, मुख्य योजनाकार – गिफ्ट सिटी; श्री जिग्नेश वोहरा, ओनर – पोलारिस ग्रुप ऑफ कंपनीज जैसे वक्ताओं के इंटरैक्टिव सेशन शामिल थे।

शिखर सम्मेलन में व्यवहार्य विचारों के लिए निवेश हांसिल करने के उद्देश्य से एक बड़ा पिच राउंड भी शामिल था, जिसमें 40 से अधिक स्टार्टअप्स और 28 छात्रों ने निवेशकों के सामने अपने उत्पादों और सेवाओं को पिच किया। CrAdLEस्टार्टअप्स, EDII पूर्व छात्र, EDII छात्र और EDII लाभार्थियों सहित 45 से अधिक स्टार्टअप्स ने प्रदर्शनी स्टॉल लगाए।

कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण हिस्सा था ग्लोबल एंटरप्रेन्योरशिप मॉनिटर: इंडिया रिपोर्ट 2023-24 का रिलीज, जो देश के उद्यमिता परिप्रेक्ष्य पर महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करता है।

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