
कोलकाता | 25 सितम्बर 2025 – सड़क परिवहन क्षेत्र में एक दशक से अधिक अनुभव रखने वाली उभरती लॉजिस्टिक्स कंपनी धिल्लों फ़्रेट कैरियर लिमिटेड (DFCL) ने अपने पहले प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) की घोषणा की है। कंपनी इस निर्गम के ज़रिए ₹10.08 करोड़ जुटाने की योजना बना रही है। यह IPO 29 सितम्बर 2025 से 1 अक्टूबर 2025 तक सब्सक्रिप्शन के लिए खुला रहेगा और इसके शेयर BSE SME प्लेटफ़ॉर्म पर सूचीबद्ध होंगे।
कंपनी ने बताया कि यह फिक्स्ड प्राइस इश्यू 14,00,000 इक्विटी शेयरों का होगा। प्रत्येक शेयर का फेस वैल्यू ₹10 और इश्यू प्राइस ₹72 तय किया गया है। इश्यू के बाद प्रमोटर्स की हिस्सेदारी 64.29% रहेगी, जबकि पब्लिक शेयरहोल्डिंग 35.71% होगी।
छोटे स्तर से बड़े विस्तार तक
DFCL की शुरुआत 2014 में श्री करण सिंह धिल्लों ने एक छोटे स्तर पर धिल्लों फ़्रेट कैरियर प्राइवेट लिमिटेड के रूप में की थी। धीरे-धीरे यह कंपनी एक पेशेवर और प्रमाणित लॉजिस्टिक्स समाधान प्रदाता बनी और इसे ISO 9001:2015 प्रमाणन भी मिला।
कंपनी वर्तमान में पार्सल/लेस-दैन-ट्रक लोड (LTL) डिलीवरी, कॉन्ट्रैक्ट लॉजिस्टिक्स और फ़्लीट रेंटल/लीज़िंग जैसी सेवाएँ B2B और B2C दोनों ग्राहकों को उपलब्ध करा रही है। DFCL के पास 62 इन-हाउस वाहन हैं और उसने पश्चिम बंगाल, बिहार, दिल्ली और उत्तर प्रदेश में 22 बुकिंग ऑफ़िस, पिकअप पॉइंट्स, वेयरहाउस और डिलीवरी नेटवर्क स्थापित किया है।
नेतृत्व टीम
श्री करण सिंह धिल्लों, संस्थापक एवं प्रबंध निदेशक – बिक्री, मार्केटिंग और संचालन का नेतृत्व।
श्रीमती जॉयस सिंह धिल्लों, निदेशक – प्रशासन और मानव संसाधन की देखरेख।
श्री करमवीर सिंह धिल्लों, निदेशक – 2018 से जुड़े, नवाचार, वित्तीय प्रबंधन और अनुपालन पर ज़िम्मेदार।
वित्तीय स्थिति
पिछले तीन वर्षों में कंपनी ने लगातार बेहतर प्रदर्शन किया है:
FY25 में राजस्व ₹2,473.97 लाख रहा (FY24: ₹2,401.79 लाख)।
EBITDA FY25 में ₹367.23 लाख रहा, मार्जिन 14.84% तक पहुँचा (FY24: 13.79%, FY23: 5.89%)।
कर पश्चात लाभ (PAT) FY25 में ₹172.98 लाख रहा (FY24: ₹109.31 लाख, FY23: ₹35.72 लाख)।
रिटर्न ऑन नेट वर्थ (RoNW) FY25 में 33.09% रहा।
IPO की मुख्य बातें
इश्यू साइज: ₹10.08 करोड़ (14,00,000 इक्विटी शेयर)
इश्यू प्राइस: ₹72 प्रति शेयर
फेस वैल्यू: ₹10 प्रति शेयर
बोली लॉट: 1,600 शेयर
मार्केट मेकर: अनंत सिक्योरिटीज
रजिस्ट्रार: केफिन टेक्नोलॉजीज लि.
लीड मैनेजर: फिनशोर मैनेजमेंट सर्विसेज लि.
IPO से जुटाई गई राशि का इस्तेमाल कंपनी नए परिवहन वाहनों की खरीद, उनके निर्माण (फ़ैब्रिकेशन), सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों और इश्यू से जुड़े खर्चों में करेगी।
भारत का बढ़ता लॉजिस्टिक्स क्षेत्र
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत का लॉजिस्टिक्स सेक्टर 2025 तक $380 बिलियन तक पहुँच जाएगा। ई-कॉमर्स, रिटेल और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर से बढ़ती मांग इस क्षेत्र को गति दे रही है। सड़क परिवहन आज भी माल ढुलाई का प्रमुख साधन है, जो लॉजिस्टिक्स मार्केट का 60% से अधिक हिस्सा है।
DFCL का कहना है कि वह पूर्वी और उत्तरी भारत में अपनी उपस्थिति को मज़बूत करते हुए, फ़्लीट विस्तार और तकनीकी सुधार के ज़रिए ग्राहकों की बढ़ती ज़रूरतों को पूरा करेगा।

