
- गुजरात के शिक्षाविदों की मांगें अब राष्ट्रीय पटल पर रखी जाएंगी : हेमांग रावल
- सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देशों के आधार पर गुजरात में लागू होने वाले ट्यूशन एक्ट में फेडरेशन के सुझावों को लागू कराना पहली प्राथमिकता : हेमांग रावल
गुजरात, अहमदाबाद | 03 फरवरी 2026 — अंबाजी में फेडरेशन ऑफ एकेडमिक एसोसिएशन द्वारा आयोजित भव्य महाधिवेशन के दौरान कोचिंग क्षेत्र को महत्वपूर्ण राष्ट्रीय प्रतिनिधित्व प्राप्त हुआ। महाधिवेशन में गुजरात भर से आए विभिन्न घटक संगठनों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में कोचिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (CFI) के फाउंडर डायरेक्टर श्री आशीष गंभीर ने श्री हेमांग रावल को नेशनल जॉइंट सेक्रेटरी नियुक्त किए जाने की औपचारिक घोषणा की।
इस अवसर पर नियुक्ति स्वीकार करते हुए श्री हेमांग रावल ने कहा कि गुजरात के शिक्षा जगत और शिक्षाविदों की भावनाओं, समस्याओं एवं जायज़ मांगों को अब राष्ट्रीय स्तर पर प्रभावी रूप से प्रस्तुत किया जाएगा। विशेष रूप से सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देशों के आधार पर गुजरात में लागू होने वाले ट्यूशन एक्ट में फेडरेशन द्वारा सुझाए गए प्रस्तावों को सरकार द्वारा लागू करवाना उनकी पहली प्राथमिकता होगी, ऐसा उन्होंने स्पष्ट किया।
श्री रावल ने आगे कहा कि शिक्षा क्षेत्र में पारदर्शी व्यवस्था स्थापित करना, शिक्षण संस्थाओं के हितों की रक्षा करना तथा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए फेडरेशन निरंतर सक्रिय भूमिका निभाएगा।
उल्लेखनीय है कि श्री हेमांग रावल वर्तमान में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा रहे हैं। वे गुजरात प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता, फेडरेशन ऑफ एकेडमिक एसोसिएशन के अध्यक्ष, कंप्यूटर टेक्नोलॉजी फाउंडेशन के चेयरमैन, चैलेंज कॉलेज ऑफ कंप्यूटर साइंस के डायरेक्टर, औद्योगिक प्रशिक्षण केंद्र के संचालक, अहमदाबाद एजुकेशन ग्रुप के प्रतिनिधि, कंप्यूटर एजुकेशन एसोसिएशन के फाउंडर प्रेसिडेंट, UNHRC – यूनाइटेड नोबल ह्यूमन राइट्स के मुख्य सलाहकार, सत्तर तालुका औदीच्य सहस्त्र मंडल (युवा शाखा) के अध्यक्ष, समस्त गुजरात ब्रह्म समाज के राज्य स्तरीय ट्रस्टी, वर्ल्ड ब्राह्मण ऑर्गनाइजेशन के चेयरमैन, परशुराम इंटरनेशनल के राष्ट्रीय महामंत्री, तथा गुजराती साहित्य परिषद के निर्वाचित मध्यस्थ समिति सदस्य (लगातार तीन कार्यकाल) के रूप में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
शिक्षा क्षेत्र में उनकी इस नई राष्ट्रीय जिम्मेदारी से गुजरात के शिक्षाविदों में उत्साह और नई आशा का संचार हुआ है।
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