
- हल्के मोटर वाहनों (LMV) और दोपहिया वाहनों (TW) के ड्राइविंग लाइसेंस टेस्ट के लिए 10 शहरों मेंऑटोमेटेडड्राइविंग टेस्ट ट्रैक (ADTT) बनाये जायेंगे
- स्टैंडर्डाइज़्डऔरटेक्नोलॉजी-संचालित टेस्ट के लिए ट्रैक एडवांस्ड वीडियो एनालिटिक्स, रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (RFID) और हार्नेसिंग ऑटोमोबाइल्स फॉर सेफ्टी (HAMS) तकनीकों से लैस होंगे
चेन्नई/नई दिल्ली | 14 अक्टूबर 2025: मारुति सुज़ुकी इंडिया लिमिटेड (“मारुति सुज़ुकी”) ने तमिलनाडु राज्य में 10 ऑटोमेटेडड्राइविंग टेस्ट ट्रैक (“ADTT”) बनाने के लिए तमिलनाडु सरकार के परिवहन विभाग के साथ एक मेमोरेंडम ऑफ़ एग्रीमेंट (“MoA”) पर हस्ताक्षर किए हैं।
ये ADTT तमिलनाडु के मार्तंडम, तिरुनेलवेली, कोयंबटूर (मध्य), मदुरई (उत्तर), तूतीकोरिन, कृष्णागिरी, डिंडीगुल, तिरुवन्नामलाई, शिवगंगा और त्रिची (पश्चिम) में बनाए जाएंगे। इन स्थानों का चुनावजारी किए गए ड्राइविंग लाइसेंस की अधिक संख्या और उनके निकटवर्ती शहरों से कनेक्टिविटी को ध्यान मेंरखकर तमिलनाडु सरकार के परिवहन विभाग द्वारा किये गएहैं।
मेमोरेंडम ऑफ़ एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर समारोह में माननीय परिवहन एवं विद्युत मंत्री श्री एस.एस. शिवशंकर और गृह सचिव श्री धीरज कुमार, IAS उपस्थित थे। इस MoA पर परिवहन एवं सड़क सुरक्षा आयुक्त, श्रीमती आर गजलक्ष्मी, IAS और मारुति सुज़ुकी के कॉर्पोरेट सोशल रिसपॉन्सिबिलिटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्री तरुण अग्रवाल ने हस्ताक्षर किए।
ADTT,तकनीकीरुप से सक्षम, स्टैंडर्डाइज़्डऔर लक्ष्यआधारित ड्राइविंग लाइसेंस टेस्ट प्रक्रिया के लिएवीडियो एनालिटिक्स, रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन (RFID), और हारनेसिंग ऑटोमोबाइल्स फॉर सेफ्टी (HAMS) का उपयोग करते हैं। इसमें मानवीय दखल शून्य होता है, पारदर्शिता बढ़ती है और केंद्रीय मोटर वाहन नियमों (CMVR) का पालन सुनिश्चित होता है।
सड़क सुरक्षा प्रयासों के लिए मारुति सुज़ुकी की सराहना करते हुए माननीय परिवहन एवं विद्युत मंत्री श्री एस.एस. शिवशंकर ने कहा, “मैं भारतकीअग्रणीकारनिर्माताकंपनीमारुति सुज़ुकी की सराहना करता हूं, जिन्होंने देश भर में प्रभावशाली पहलों के माध्यम से सड़क सुरक्षा के लिए निरंतर प्रतिबद्धता दिखाई है। हमारी सरकार तमिलनाडु में सड़क सुरक्षा में सुधार के लिए प्रतिबद्ध है और ऑटोमेटेड ड्राइविंग लाइसेंस टेस्ट ट्रैक बनाने के लिए मारुति सुज़ुकी के साथ यह सहयोग इसी दिशा में एक कदम है। मुझे भरोसा है कि इससे लोग अधिक अनुशासन के साथ ड्राइविंग सीखेंगे और उसे व्यवहार में लाएंगे, जिससे राज्य भर में सड़क सुरक्षा मानकों में सुधार होगा।
मारुति सुज़ुकी के कॉर्पोरेट मामलों के वरिष्ठ कार्यकारी अधिकारी, श्री राहुल भारती ने कहा, “राज्य में ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक शुरू करने के लिए तमिलनाडु सरकार के साथ साझेदारी करके हमें गर्व महसूस हो रहा है। ऑटोमेटेड ड्राइविंग लाइसेंस टेस्ट, ड्राइवर के कौशल और ज्ञान का एक व्यापक, कठोर, पारदर्शी और कुशल मूल्यांकन करता है। इस प्रक्रिया के माध्यम से केवल योग्य और कुशल आवेदकों को ही ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्त होता है। हमारा मानना है कि इन कुशल ड्राइवरों द्वारा अनुशासित ड्राइविंग सड़कों को सुरक्षित बनाने में योगदान दे सकती है। यह पहल तमिलनाडु में सड़क सुरक्षा को मज़बूत करने की दिशा में मारुति सुज़ुकी का एक विनम्र योगदान है।

सड़क सुरक्षा में मारुति सुज़ुकी के प्रयास:
मारुति सुज़ुकी 5Es यानी शिक्षा (एजुकेशन), मूल्यांकन (इवैल्युएशन), प्रवर्तन (इन्फोर्समेंट), इंजीनियरिंग और आपातकालीन देखभाल (इमरजेंसी केयर) के माध्यम से सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देती है। इस दिशा में सबसे महत्वपूर्ण परियोजनाओं में से एक ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक्स (ADTT) को बड़े पैमाने पर तैयार किया गया है।
अब तक, मारुति सुज़ुकी ने पूरे भारत में 45 ADTT स्थापित किए हैं, जिनमें उत्तर प्रदेश में 17, दिल्ली में 14, बिहार में 7, उत्तराखंड में 4, हरियाणा में 2 और जम्मू औरकश्मीरमें 1 ट्रैक बनाया गया है। अगस्त 2025 में, कंपनी ने राजस्थान में 21 ADTT स्थापित करने के लिए स्थानीय राज्य सरकार के परिवहन विभाग के साथ एक मेमोरेंडम ऑफ़ एग्रीमेंटपर हस्ताक्षर किए। तमिलनाडु में 10 ADTT जुड़ने के साथ, देश भर में ADTT की संख्या बढ़कर 76 हो जाएगी।
कंपनी ने ड्राइवरों को ड्राइविंग की जरूरी जानकारी और कौशल से लैस करने के लिए विभिन्न राज्य सरकारों के सहयोग से 8 ड्राइविंग एवं यातायात अनुसंधान संस्थान (IDTR) और 23 सड़क सुरक्षा ज्ञान केंद्र (RSKC) भी स्थापित किए हैं।
इसके अतिरिक्त, कंपनी कानून प्रवर्तन में सहायता करने और अनुशासित ड्राइविंग व्यवहार को बढ़ावा देने के लिए वास्तविक समय की निगरानी के साथ एकीकृत यातायात सुरक्षा प्रबंधन प्रणाली (ITMS) लागू करती है। इमरजेंसी केयर में सुधार के लिए, कंपनी कमर्शियल ड्राइवरों और अन्य हितधारकों को प्रथम प्रतिक्रिया प्रशिक्षण (फर्स्ट रिस्पॉन्डर ट्रेनिंग) प्रदान करती है।

