
तलगाजरडा, भावनगर 23 मार्च 2025: प्रख्यात आध्यात्मिक गुरु और रामकथा के मर्मज्ञ मोरारी बापू ने भारतीय और गुजराती मूल की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स के पृथ्वी पर सुरक्षित लौटने पर प्रशंसा व्यक्त करते हुए उनका हार्दिक स्वागत किया है।
महुवा में विद्या विहार स्कूल के वार्षिक समारोह में मोरारी बापू ने सुनीता विलियम्स के नौ महीने के असाधारण अंतरिक्ष प्रवास का उल्लेख करते हुए कहा, “सुनीता आठ दिनों के लिए अंतरिक्ष में गई थीं, लेकिन उन्हें नौ महीने से अधिक वहां रहना पड़ा। कहा जाता है कि जब कोई शिशु माता के गर्भ में होता है, तो वह भी संपूर्ण ब्रह्मांड को अपने भीतर समेटे होता है। माता यशोदा ने भगवान कृष्ण के मुख में पूरा ब्रह्मांड देखा था। यह कितना अद्भुत है कि एक बेटी पूरे नौ महीने अंतरिक्ष में रही और फिर पृथ्वी पर लौटी।”
मोरारी बापू ने सुनीता विलियम्स के अंतरिक्ष प्रवास के दौरान उनके साथ मौजूद आध्यात्मिक शक्ति पर प्रकाश डाला और बताया कि वह अपने साथ भगवद् गीता और भगवान गणेश की मूर्ति लेकर गई थीं।
“उन्हें यह ऊर्जा और शक्ति कहां से मिली? उन्होंने ये दो चीजें अपने साथ ली थीं। भगवान गणेश ने उनके मार्ग की बाधाएं दूर कीं और भगवद गीता ने उन्हें पृथ्वी पर वापस लाने का संबल दिया।”
मोरारी बापू ने सुनीता विलियम्स को अपना आशीर्वाद दिया तथा उनके शीघ्र स्वस्थ होने का विश्वास व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि, “हम इस बेटी को बड़े गौरव के साथ याद करते हैं और उनका हार्दिक स्वागत करते हैं। 45 से 50 दिनों में वह अपनी शारीरिक शक्ति पूरी तरह से पुनः प्राप्त कर लेंगी। भगवान हनुमान उनके स्वास्थ्य को शीघ्र ही ठीक कर देंगे। मुझे विश्वास है कि वह जल्द ही गुजरात आएंगी और भारत उनका सम्मान करेगा। मुझे यह कहते हुए अत्यंत संतोष की अनुभूति हो रही है।”
गौरतलब है कि नासा के अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स और बुच विलमोर पिछले वर्ष जून में अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) के लिए रवाना हुए थे। यह मिशन केवल आठ दिनों के लिए निर्धारित था, लेकिन तकनीकी समस्याओं के चलते उनके यान को बिना यात्रियों के वापस लौटना पड़ा। अंततः, दोनों अंतरिक्ष यात्री मंगलवार को सुरक्षित पृथ्वी पर लौटे।