
- जागरूकता से उद्यमिता तक की संरचित प्रक्रिया के माध्यम से 270+ गांवों की 55,000 से अधिक ग्रामीण महिलाओं को संगठित किया गया
- साझेदारी का विस्तार 1,000 गांवों तक, 1,20,000 ग्रामीण महिलाओं को लाभ पहुंचाने और महिला-नेतृत्व वाली आजीविका और लचीले समुदायों को मजबूत करने का लक्ष्य
गुजरात | 24 फरवरी 2026— समावेशी विकास और सामुदायिक सशक्तिकरण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को मजबूत करते हुए, पेप्सिको इंडिया ने कृदा हार्ट ‘एन सॉइल फाउंडेशन के साथ साझेदारी में ग्रामीण भारत में महिला-केंद्रित कौशल विकास और आजीविका सशक्तिकरण को बढ़ावा दिया है। पेप्सिको इंडिया की ‘पार्टनरशिप ऑफ प्रोग्रेस’ फिलॉसफी पर आधारित इस पहल के माध्यम से उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, गुजरात, पंजाब और दादरा एवं नगर हवेली सहित पांच राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 272 गांवों में 55,000 से अधिक महिलाओं तक पहुंच बनाई गई है, जिससे स्थानीय परिस्थितियों पर आधारित टिकाऊ आजीविका को समर्थन मिला है।
यह पहल पेप्सिको इंडिया के व्यापक कौशल विकास और सशक्तिकरण इकोसिस्टम ‘रेवोल्यूशनारी’ का हिस्सा है, जो सामुदायिक पहुंच, लक्षित कौशल उन्नयन और आजीविका सृजन के माध्यम से भारत में स्किल गैप को कम करने पर केंद्रित एक राष्ट्र-निर्माण पहल है। वर्तमान प्रगति को आगे बढ़ाते हुए, कार्यक्रम का लक्ष्य 15 से अधिक राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के 1,000 गांवों तक विस्तार करना है, जिससे इसकी पहुंच और प्रभाव दोनों में वृद्धि होगी।
कार्यक्रम का प्रमुख प्रभाव और विस्तार
- 55,100+ महिलाओं तक सामुदायिक जागरूकता और मोबिलाइजेशन के माध्यम से पहुंच (अवेयरनारीज)
- 4,800+ महिलाओं को बाजार-उपयुक्त और उन्नत कौशल से सुसज्जित किया गया (स्किल्डनारीज और अपस्किल्डनारीज)
- 25 महिलाओं को सूक्ष्म उद्यमी के रूप में सक्षम बनाया गया, जिन्होंने व्यापार-विशिष्ट उद्यम स्थापित किए (एंटरप्रेन्यूनारीज)
- गांवों में 2,000+ सत्र आयोजित किए गए, जिनसे विश्वास निर्माण, ज्ञान हस्तांतरण और सामाजिक व आर्थिक सशक्तिकरण की संरचित प्रक्रिया के माध्यम से महिलाओं की प्रगति को समर्थन मिला।
- आजीविका के अवसरों में सिलाई, खाखरा उत्पादन, साबुन एवं अगरबत्ती निर्माण, ब्यूटी और वेलनेस सेवाएं, प्राकृतिक खेती, कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण, ज्वेलरी निर्माण, मेहंदी और नेल आर्ट आदि शामिल हैं, जो स्थानीय मांग और स्थायी आय के अनुरूप हैं।
इस पहल पर बोलते हुए, यशिका सिंह, चीफ कॉरपोरेट अफेयर्स ऑफिसर एवं सस्टेनेबिलिटी हेड, पेप्सिको इंडिया और साउथ एशिया ने कहा, “पेप्सिको इंडिया में हमारा मानना है कि समावेशी विकास की शुरुआत समुदाय स्तर से होती है, जब महिलाओं को अपने भविष्य को आकार देने के लिए कौशल, आत्मविश्वास और अवसर मिलते हैं। हमने इस पहल की शुरुआत ग्रामीण महिलाओं को कौशल विकसित करने, आजीविका अपनाने और अपने समुदायों में नेतृत्वकर्ता बनने में सक्षम बनाने की एक सरल दृष्टि के साथ की थी। 272 गांवों में मिला प्रभाव हमें कार्यक्रम को 1,000 गांवों तक विस्तार देने के लिए प्रेरित करता है, ताकि अधिक महिलाओं तक पहुंच बनाई जा सके और टिकाऊ आजीविका के नए अवसर तैयार किए जा सकें। यही हमारी ‘पार्टनरशिप ऑफ प्रोग्रेस’ फिलॉसफी का सार है, जहां जमीनी विशेषज्ञता और संस्थागत क्षमता मिलकर स्थायी प्रभाव उत्पन्न करती हैं। जब महिलाएं अपने समुदायों में बदलाव की अगुवाई करती हैं, तब प्रगति आत्मनिर्भर बन जाती है।”
कार्यक्रम पर टिप्पणी करते हुए, अरुण नागपाल, मृदा के सह-संस्थापक एवं निदेशक ने कहा, “पेप्सिको इंडिया के साथ यह सहयोग हमें अपनी पहुंच और प्रभाव को उल्लेखनीय रूप से बढ़ाने में सक्षम बना रहा है। सामुदायिक विश्वास को संरचित कौशल और उद्यमिता समर्थन के साथ जोड़कर हम वास्तविक परिवर्तन देख रहे हैं, महिलाएं सूचित वित्तीय निर्णय ले रही हैं, सूक्ष्म उद्यमों का नेतृत्व कर रही हैं और अन्य महिलाओं को प्रेरित कर रही हैं। महिला सशक्तिकरण मृदा की ग्रामीण विकास रणनीति का एक प्रमुख स्तंभ है। इस प्रकार की साझेदारियां टिकाऊ और सशक्त ग्रामीण समुदायों के निर्माण के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं, साथ ही विकास पहलों को स्थायी और विस्तार योग्य बनाती हैं।”
अपने अनुभव साझा करते हुए, उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले के मिलक ब्लॉक के बत्रा गांव की कार्यक्रम प्रतिभागी फूल कुमारी ने कहा, “इस प्रशिक्षण ने मुझे अपना छोटा व्यवसाय शुरू करने का कौशल और आत्मविश्वास दिया और मेरे गांव की अन्य महिलाओं को प्रेरित करने का अवसर भी मिला। मैंने कभी नहीं सोचा था कि मैं अपने समुदाय में एक रोल मॉडल बन सकती हूं।”
विस्तार के अलावा, इस पहल ने स्थानीय नेतृत्व को मजबूत किया है, महिलाओं में वित्तीय निर्णय लेने की क्षमता को बेहतर बनाया है और गांव स्तर पर आजीविका पहलों में स्वामित्व की भावना विकसित की है, जिससे दीर्घकालिक सामुदायिक मजबूती को बढ़ावा मिला है। आगामी विस्तार समान विचारधारा वाले संगठनों, सरकारी संस्थाओं और स्थानीय हितधारकों के सहयोग से आगे बढ़ाया जाएगा, यह मानते हुए कि बड़े स्तर पर स्थायी सामाजिक परिवर्तन के लिए साझेदारी केंद्रीय भूमिका निभाती है।
इस सहयोग के माध्यम से पेप्सिको इंडिया यह प्रदर्शित कर रहा है कि उद्देश्य-प्रेरित साझेदारियां कैसे अवसरों
को खोल सकती हैं, समुदायों को मजबूत कर सकती हैं और आर्थिक व सामाजिक प्रगति में सार्थक योगदान दे
सकती हैं।

