- एसएस इनोवेशन्स ने दूसरे ग्लोबल एसएमआरएससी में एसएसआई मंत्रा टेली-सिंक मोबाइल युनिट, ‘‘एसएसआई मंत्राएम’ का अनावरण किया। यह आधुनिक मोबाइल सर्जिकल युनिट दूरदराज के इलाकों के लिए आधुनिक रोबोटिक-असिस्टेड सर्जरी तथा रियल-टाईम टेली सर्जरी क्षमता के साथ उच्च गुणवत्ता की सर्जिकल देखभाल को सुलभ बनाएगी।
- एसएमआरएससी 2025 में उद्योग जगत के गणमान्य दिग्गज एकजुट हुए, इनमें शामिल थे -थ्योरिसिस्ट एवं फ्युचुरिस्ट डाफ मिचियो काकु; इनोवेटर एवं शिक्षा सुधारक श्री सोनम वांगचक, सर्जिकल रोबोटिक्स के जनक डॉ फ्रेडरिक मोल- इन सभी दिग्गजों ने रोबोटिक सर्जरी और हेल्थकेयर के भविष्य को आयाम देने में इनोवेशन्स की भूमिका पर रोशनी डाली
- कई महाद्वीपों से 150 से अधिक अग्रणी विशेषज्ञों सहित 1200 से अधिक डॉक्टरों ने रोबोटिक सर्जरी के भविष्य और आधुनिक प्रगति पर चर्चा की
- गुरूग्राम स्थित एसएस इनोवेशन्स के मुख्यालय से 1700 किलोमीटर की अधिक दूरी पर बैंगलोर के एस्टर सीएमआई हॉस्पिटल में टेलीसर्जरी को अंजाम दिया गया, जो रिमोट सर्जिकल केयर में बड़ी उपलब्धि है
नई दिल्ली 9 मार्च 2025: भारत के पहले और एकमात्र स्वदेशी सर्जिकल रोबोटिक सिस्टम एसएसआई मंत्रा के निर्माता एसएस इनोवेशन्स ने गुरूग्राम स्थित द लीला में दूसरे ग्लोबल एसएसआई मल्टी-स्पेशलटी रोबोटिक सर्जरी कॉन्फ्रैन्स (एसएमआरएससी) 2025 का आयोजन किया। दो दिवसीय कार्यक्रम में दुनिया भर से 1200 से अधिक प्रख्यात चिकित्सा पेशवर शामिल हुए, जिन्हें इस मंच के माध्यम से रोबोटिक सर्जरी की बदलावकारी क्षमता के बारे में जानने का अवसर मिला। एसएमआरएससी 2025 में की गई एक महत्वपूर्ण घोषणा के तहत एसएस इनोवेशन्स ने एसएसआई मंत्रा टेली-सिंक मोबाइल युनिट -‘‘एसएसआई मंत्राएम’ का अनावरण किया- अपनी तरह की अनूठी यह पहल भारत में रोबोटिक सर्जरी और टेलीमेडिसिन में नया बदलाव लेकर आएगी। यह आधुनिक मोबाइल टेली-सर्जिकल युनिट चिकित्सा तकनीक के आधुनिकीकरण, चिकिसा सेवाओं की बुनियादी सुविधाओं को नया आयाम देने और आधुनिक सर्जिकल देखभाल की पहुंच बढ़ाने के लिए एसएस इनोवेशन्स की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। इसके माध्यम से एसएस इनोवेशन्स मेड-टेक की सीमाओं को पार करने, सर्जिकल इन्फ्रास्ट्रक्चर में बदलाव लाने तथा रोबोटिक सर्जरी एवं हेल्थ टेक इनोवेशन में ग्लोबल लीडर के रूप में भारत की स्थिति को मजबूत बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
एसएसआई मंत्राएम के लॉन्च पर बात करते हुए डॉ सुधीर श्रीवास्तव, संस्थापक एवं चेयरमैन और सीईओ, एसएस इनोवेशन्स ने कहा, ‘‘एसएसआई मंत्राएम एक मोबाइल टेलीसर्जिकल युनिट से कहीं बढ़कर है। यह विश्वस्तरीय स्वास्थ्यसेवाओं में आधुनिक बदलाव लाने का एक आंदोलन है। हाई-स्पीड टेलीकम्युनिकेशन एवं सैटेलाईट कनेक्टिविटी के साथ यह भौगोलिक बाधाओं को दूर करता है तथा उन वंचित समुदायों के लिए जीवन रक्षक रोबोटिक-असिस्टेट सर्जरी को सुलभ बनाता है, जो इससे वंचित हैं। टेली सर्जरी के दायरे से आगे बढ़कर एसएसआई मंत्राएम सर्जिकल शिक्षा, टेली-मेंटरिंग एवं रियल-टाईम पेशेंट डेटा एनालिटिक्स के लिए पावरफुल प्लेटफॉर्म की तरह काम करती है। निरंतर अनुसंधान एवं इनोवेशन के ज़रिए एसएसआई यह सुनिश्चित कर रही है कि आधुनिक रोबोटिक सर्जरी उन सभी लोगों की पहुंच में आ जाए जिन्हें इसकी सबसे ज़्यादा ज़रूरत है।’’
टेलीसर्जरी की आधुनिक क्षमता के साथ एसएसआई मंत्रा दूरदराज के वंचित क्षेत्रों में विश्वस्तरीय रोबोटिक-असिस्टेड प्रक्रियाओं को सुलभ बनाकर सर्जिकल केयर की सभी बाधाओं को दूर कर रही है। टेली सिंक मोबाइल युनिट में एसएसआई मंत्रा सर्जिकल रोबोटिक सिस्टम, हाई-स्पीड कनेक्टिविटी और आधुनिक सर्जिकल रोबोटिक्स शामिल है जो रिमोट एवं ऑन-साईट सर्जिकल टीम के बीच रियल टाईम सहयोग को सुनिश्चित करता है। इस इनोवेशन के ज़रिए सर्जन न्यूनतम लेटेंसी के साथ प्रक्रिया को पूरा कर सकता है, इस तरह आधुनिक सर्जिकल केयर पहले से कहीं अधिक सुलभ हो जाती है।
एसएमआरएससी2024 की सफलता के बाद इस साल के सम्मेलन ने रोबोटिक, यूरोलोजी, जनरल सर्जरी, गायनेकोलोजी, ओंकोलोजी, हैड एण्ड नैक और कार्डियोथोरेसिक सर्जरी पर फोकस करते हुए रोबोटिक सर्जरी एवं टेलीसर्जरी में इनोवेशन्स पर चर्चा को बढ़ावा दिया। इस मंच के ज़रिए एसएस इनोवेशन्स के प्रमुख सर्जिकल रोबोटिक सिस्टम एसएसआई मंत्रा 3 की आधुनिक क्षमता का प्रदर्शन किया गया, जो आधुनिक सर्जिकल केयर में निरंतर बदलाव ला रही है। देश भर के 70 से अधिक अस्पतालों में इंस्टॉल्ड एसएसआईमंत्रा जटिल कार्डियक प्रक्रियाओं सहित 3000 से अधिक मल्टी-स्पेशलटी सर्जरियों को सुगम बना चुका है। इसने सर्जिकल सटीकता और मरीज़ों के परिणामों में नए बेंचमार्क स्थापित किए हैं।
एसएमआरएससी 2025 में दुनिया भर से ऐसे दिग्गज शामिल हुए जो हेल्थकेयर एवं टेक्नोलॉजी के भविष्य को नया आयाम दे रहे हैं। जाने माने थ्योरिटिकल फिज़िसिस्ट एवं फ्युचुरिस्ट डॉ मिचियो काकु ने अपने विचारों के साथ दर्शकों को खूब लुभाया। उन्होंने मेडिकल टेक्नोलॉजी के भविष्य पर विचार रखे। उन्होंने बताया कि किस तरह एआई, क्वांटम कम्प्युटिंग और रोबोटिक्स की प्रगति ने सर्जरी को नया आयाम दिया है और प्रेसीज़न मेडिसिन एवं रियल टाईम रिमोट प्रक्रिया को वास्तविकता बना दिया है। उनकी मौजूदगी ने वैज्ञानिक इनोवेशन एवं हेल्थकेयर की प्रगति पर रोशनी डाली। जाने माने इंजीनियर, इनोवेटर और शिक्षा सुधारक श्री सोनक वांगचक ने बदलावकारी स्वास्थ्यसेवाओं में बुनियादी सुविधाओं और तकनीक की भूमिका पर विचार रखे। एसएस इनोवेशन्स इंटरनेशनल इंक के वाईस चेयरमैन डॉ फ्रेडिक मोल, जिन्हें सर्जिकल रोबोटिक्स का जनक कहा जाता है, ने रोबोटिक-असिस्टेड सर्जरी के विकास पर अपनी विशेषज्ञता को साझा किया तथा प्रेसीज़न उन्मुख चिकित्सा की की प्रगति में नए दौर की एक झलक प्रस्तुत की।
डॉ मिचियो काकु, जाने-माने थ्योरिटिकल फिज़िसिस्ट एवं फ्युचुरिस्ट ने मेडिकल टेक्नोलॉजी के भविष्य पर बात करते हुए कहा, ‘‘रोबोटिक सर्जरी में नई क्रान्ति लाने के लिए एसएसआई को बहुत बहुत बधाई। आज एक नए दौर की शुरूआत हुई है और एसएसआई इस बदलाव में अग्रणी है, जो चिकित्सा क्षेत्र को नया आयाम देगा। लेकिन यह सिर्फ शुरूआत है। यह कदम आने वाले भविष्य को आयाम देगा, हम सर्जरी में क्वांटम मैकेनिक्स का इंटीग्रेशन देख रहे हैं। यह सिर्फ रोबोटिक सर्जरी नहीं बल्कि क्वांटम मैकेनिकल रोबोटिक सर्जरी है, एक विकास जो चिकित्सा में क्रान्ति ला रहा है। एसएसआई इस बदलाव की धुरी होगा, मुझे अगली बड़ी क्रान्ति का इंतज़ार है, जहां क्वांटम मैकेनिक्स और रोबोटिक सर्जरी एक साथ मिलकर चिकित्सा जगत में इनोवेशन का मार्ग प्रशस्त करेंगे।’
श्री सोनम वांगचक, इनोवेटर एवं शिक्षा सुधारक ने कहा, ‘‘सिर्फ एक डॉक्टर ही बीमार व्यक्ति को ठीक कर सकता है, उसी तरह एक एनवायरमेंटल इंजीनियर धरती की समस्याओं को पहचान कर इसमें सुधार ला सकता है, इसके संतुलन को बहाल कर सकता है। इनोवेशन, स्थायी टेक्नोलॉजी एवं समुदाय-उन्मुख समाधानों के साथ हम सभी के लिए स्थायी भविष्य को सुनिश्चित करना चाहते हैं। स्वस्थ धरती सिर्फ एक दृष्टिकोण ही नहीं बल्कि उभरते एवं उज्जवल भविष्य की आवश्यकता है।’
डॉ फ्रेडरिक मोल, सर्जिकल रोबोटिक्स के जनक, संस्थापक इंट्युटिव सर्जिकल और वाईस चेयरमैन- बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स, एसएसआई इंटरनेशनल ने कहा, ‘‘एसएसआई मंत्रा द्वारा की गई प्रगति देखकर मैं बेहद प्रभावित हूं, उन्होंने छोटे सी समय अवधि में शानदार उपलब्धि हासिल की है। यह उपलब्धि डॉ सुधीर श्रीवास्तव और एसएसआई की इंजीनियरिंग टीम की प्रतिभा का प्रमाण है। रोबोटिक्स स्पेस में काम करने के बाद मैं समझता हूं कि इस तरह की उपलब्धि हासिल करने में कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। एसएसआई की रचनात्मकता, दृढ़ता के चलते ही हम इस मुक़ाम तक पहुंचे हैं। रोबोटिक्स लगातार विकसित हो रही है और अधिक इंटेलीजेन्ट बन रही है, ऐसे में हम क्षमता के नए दौर में प्रवेश कर रहे हैं जहां मरीज़ और मानवता दोनों का कल्याण सुनिश्चित होगा। मुझे खुशी है कि मुझे इस यात्रा में शामिल होने का मौका मिला है।’
एसएमआरएससी 2025 के मंच पर रोबोटिक सर्जरी में एआई की बदलावकारी भूमिका पर विचार रखे गए। जिसमें प्री-ऑपरेटिव प्लानिंग से लेकर इंटरा-ऑपरेटिव डिसिज़न मेकिंग और पोस्ट ऑपरेटिव देखभाल तक सभी पहलु शामिल थे। इस मंच पर लाईव टेलीसर्जरी और टेली-प्रॉक्टरिंग सेशन भी हुए, जहां कार्डियक एवं मल्टीस्पेशलटी क्षेत्रों में रियल टाईम रोबोटिक सर्जरियों का प्रसारण किया गया।
इसके अलावा भारत में पहली बार 1700 किलोमीटर की अधिक दूरी से टेलीसर्जरी की गई, प्रोफेसर डॉ सोमशेखर एसपी, सर्जिकल ओंकोलोजिस्ट ने एसएस इनोवेशन्स हैडक्वार्टर गुरूग्राम से रिमोट तरीके से सर्जरी की। जबकि डॉ कुशल अग्रवाल, एसोसिएट कंसलटेन्ट- सर्जिकल ओंकोलोजी ने एस्टर सीएमआई हॉस्पिटल, बैंगलोर से सहायता प्रदान की। एसएसआई के नेतृत्व में की गई यह सर्जरी लम्बी दूरी पर भी आधुनिक सर्जिकल केयर को सुलभ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
सभा के दौरान एसएस इनोवेशन्स के संस्थापक एवं चेयरमैन और सीईओ, डॉ सुधीर श्रीवास्तव ने कहा, ‘एसएमआरएससी 2025 आपसी सहयोग की क्षमता को दर्शाता है, जहां चिकित्सा जगत के प्रतिभाशाली दिग्गज रोबोटिक सर्जरी के भविष्य को आयाम देने के लिए एक मंच पर इकट्ठा हुए हैं। हमें गर्व है कि ‘मेड इन इंडिया’ दृष्टिकोण के साथ, हम रोबोटिक सर्जरी में इनोवेशन का नेतृत्व कर रहे हैं और आधुनिक विश्वस्तरीय तकनीकांं में अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं। रोबोटिक्स हमारा भविष्य है, ऐसे में ये तकनीकें हेल्थकेयर में सटीकता, दक्षता और सुलभता को नई परिभाषा दे रही हैं। भोगोलिक सीमाओं के अंतर को दूर कर और चिकित्सा पेशेवरों को बेजोड़ क्षमता के साथ सशक्त बनाकर हम लोगों के जीवन में बदलाव ला रहे हैं और सर्जिकल उत्कृष्टता के नए मानक स्थापित कर सुनिश्चित कर रहे हैं कि विश्वस्तरीय स्वास्थ्यसेवाएं दुनिया के हर कोने तक पहुंच सकें।’’
सम्मेलन का समापन पद्म विभुषण पुरस्कार प्राप्त सरोद वादक उस्ताद अमजद अली खान के नेतृत्व में मनमोहक संगीत संध्या के साथ हुआ। उनके परफोर्मेन्स ने आयोजन को सांस्कृतिक स्पर्श देते हुए विज्ञान, टेक्नोलॉजी और कला को कनेक्ट करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
आपसी सहयोग एवं ज्ञान के आदान-प्रदान पर ज़ोर देते हुए एसएमआरएससी 2025 रोबोटिक-असिस्टेड सर्जरी के भविष्य को नया आयाम दे रहा है। सम्मेलन ने सर्जनों, मेडिकल पेशेवरों, स्वास्थ्यसेवा लीडरों, टेक्नोलॉजी इनोवेटर्स को एक मंच पर लाकर सर्जिकल उत्कृष्टता एवं इनोवेशन में प्रगति का मार्ग प्रशस्त किया। चिकित्सकीय विशेषज्ञता और तकनीकी प्रगति के बीच के अंतर को दूर कर इस सम्मेलन ने आधुनिक चिकित्सा में रोबोटिक्स की बदलावकारी क्षमता को दर्शाया। सर्जरी के क्षेत्र में निरंतर आधुनिक बदलाव आ रहे हैं, ऐसे में यह सम्मेलन आधुनिक इनोवेशन, विश्वस्तरीय साझेदारियों तथा चिकित्सा सेवाओं को सुलभ बनाने के लिए साझा दृष्टिकोण के महत्व को दर्शाता है।