
विनिर्माण क्षमता बढ़ाने के लिए सार्वजनिक बाजार में उतरेगी बेंगलुरु की EPCC कंपनी
बेंगलुरु, भारत | 11 जून 2026 | बेंगलुरु स्थित इंजीनियरिंग ठेकेदार लीपफ्रॉग इंजीनियरिंग सर्विसेज लिमिटेड शेयर बाजार में प्रवेश करने जा रही है। कंपनी ने अपने IPO के लिए 17 से 19 जून 2026 तक का समय निर्धारित किया है। यह इश्यू BSE SME प्लेटफॉर्म पर लॉन्च होगा और शेयरों का मूल्य बैंड ₹21 से ₹23 प्रति शेयर तय किया गया है।
कंपनी इस IPO के माध्यम से कुल ₹88.51 करोड़ जुटाने की योजना बना रही है। इसमें से ₹79.60 करोड़ की राशि 3.46 करोड़ नए इक्विटी शेयरों के फ्रेश इश्यू से प्राप्त होगी, जबकि ₹8.91 करोड़ की राशि मौजूदा शेयरधारकों द्वारा ऑफर फॉर सेल (OFS) के माध्यम से आएगी। सूचीबद्ध होने के बाद प्रमोटरों की हिस्सेदारी 67 प्रतिशत से अधिक रहेगी।
जुटाई गई राशि का उपयोग
फ्रेश इश्यू से प्राप्त राशि का बड़ा हिस्सा कंपनी के विस्तार कार्यक्रम में लगाया जाएगा। लगभग ₹27 करोड़ बेंगलुरु के येलेनहल्ली क्षेत्र में एक नई असेंबली सुविधा स्थापित करने पर खर्च किए जाएंगे, जबकि ₹36 करोड़ कार्यशील पूंजी (वर्किंग कैपिटल) की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए उपयोग किए जाएंगे। शेष राशि का उपयोग इश्यू से संबंधित खर्चों और सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाएगा।
यह नई फैक्ट्री केवल उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए ही नहीं, बल्कि पैनल असेंबली कार्य के लिए बाहरी विक्रेताओं पर कंपनी की निर्भरता कम करने के लिए भी महत्वपूर्ण होगी। बढ़ते निर्यात ऑर्डरों के बीच यह निर्भरता अब तक कंपनी के लिए एक संरचनात्मक चुनौती रही है।
दो दशकों की विकास यात्रा
वर्ष 2005 में स्थापित लीपफ्रॉग ने अपनी शुरुआत एक इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग सेवा प्रदाता के रूप में की थी। आज कंपनी इलेक्ट्रिकल, इंस्ट्रूमेंटेशन, ऑटोमेशन और कंट्रोल सिस्टम्स में विशेषज्ञता रखने वाली बहुआयामी इंजीनियरिंग समाधान प्रदाता बन चुकी है।
पिछले दो दशकों में कंपनी ने भारत के साथ-साथ कुवैत, अमेरिका, जर्मनी, नाइजीरिया और कनाडा सहित कई अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सफलतापूर्वक परियोजनाएं पूरी की हैं। कंपनी बहुराष्ट्रीय निगमों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों और वैश्विक EPC ठेकेदारों को सेवाएं प्रदान करती है।
कंपनी की विकास यात्रा निरंतर विस्तार, तकनीकी उन्नति और परिचालन उत्कृष्टता से चिह्नित रही है। इसकी प्रमुख उपलब्धियों में बड़े तेल एवं गैस परियोजनाओं का निष्पादन, असेंबली यूनिट की स्थापना, ERP सिस्टम का कार्यान्वयन, ऑटोमेशन क्षेत्र में प्रवेश, निर्यात उत्कृष्टता के कई पुरस्कार प्राप्त करना, पब्लिक लिमिटेड कंपनी में रूपांतरण तथा UL 508A प्रमाणन हासिल करना शामिल है। इन उपलब्धियों ने कंपनी को वैश्विक स्तर पर एक विश्वसनीय इंजीनियरिंग भागीदार के रूप में स्थापित किया है।
वित्तीय प्रदर्शन
वित्त वर्ष 2024-25 में कंपनी का राजस्व ₹134.66 करोड़ रहा। EBITDA ₹21.57 करोड़ दर्ज किया गया, जो लगभग 16 प्रतिशत मार्जिन को दर्शाता है। यह वित्त वर्ष 2022-23 की तुलना में उल्लेखनीय सुधार है, जब EBITDA मार्जिन मुश्किल से 1 प्रतिशत तक पहुंच पाया था। वित्त वर्ष 2024-25 में कंपनी का शुद्ध लाभ (PAT) ₹16.22 करोड़ रहा।
दिसंबर 2025 तक के नौ महीनों के आंकड़े और भी बेहतर तस्वीर प्रस्तुत करते हैं। इस अवधि में EBITDA मार्जिन लगभग 20 प्रतिशत तक पहुंच गया, जबकि PAT मार्जिन 14 प्रतिशत से अधिक रहा। हालांकि यह देखना बाकी है कि यह प्रदर्शन पूरे वित्तीय वर्ष में कायम रहता है या नहीं, लेकिन कंपनी की दिशा स्पष्ट रूप से सकारात्मक दिखाई देती है।
कंपनी की नेटवर्थ वित्त वर्ष 2022-23 के ₹5.32 करोड़ से बढ़कर दिसंबर 2025 तक ₹67.44 करोड़ हो गई है। वहीं ऋण-इक्विटी अनुपात (Debt-Equity Ratio) 2.45 गुना से घटकर 0.48 गुना पर आ गया है।
मजबूत ऑर्डर बुक
मार्च 2026 तक कंपनी की कुल ऑर्डर बुक ₹384 करोड़ की थी, जो निवेशकों के लिए एक महत्वपूर्ण संकेतक मानी जा रही है। इसमें से ₹327 करोड़ के ऑर्डर निर्यात बाजारों से जुड़े हुए हैं। इनमें कुवैत, बहरीन और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में चल रही तथा आगामी परियोजनाएं शामिल हैं।
कंपनी पिछले 15 वर्षों से अधिक समय से Kuwait Oil Company से जुड़े ग्राहकों के साथ कार्य कर रही है। इस दौरान उसने मॉड्यूलर सबस्टेशन, SCADA सिस्टम तथा विभिन्न तेल क्षेत्र सुविधाओं के लिए विद्युत अवसंरचना परियोजनाओं को सफलतापूर्वक पूरा किया है।
नेतृत्व
कंपनी के प्रबंध निदेशक प्रभव नरसिम्हा राव स्थापना काल से ही इसके नेतृत्व में हैं। बड़ी इंजीनियरिंग कंपनियों और बहुराष्ट्रीय संस्थानों में परियोजना प्रबंधन का उनका तीन दशकों का अनुभव कंपनी के मध्य-पूर्व आधारित मजबूत कारोबारी संबंधों में स्पष्ट रूप से दिखाई देता है।
मुख्य वित्तीय अधिकारी (CFO) एवं पूर्णकालिक निदेशक सपना राघवेंद्र कंपनी के वित्तीय संचालन की जिम्मेदारी संभालती हैं, जबकि उद्योग में 42 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले कोम्मनहल्ली गिरिधर गैर-कार्यकारी निदेशक के रूप में बोर्ड की अध्यक्षता कर रहे हैं।
मूल्यांकन
प्राइस बैंड के ऊपरी स्तर पर कंपनी का पोस्ट-इश्यू मार्केट कैपिटलाइजेशन लगभग ₹326 करोड़ बैठता है। वित्त वर्ष 2024-25 की आय के आधार पर इसका P/E अनुपात लगभग 14.6 गुना है। वहीं दिसंबर 2025 तक के आंकड़ों के आधार पर (वार्षिकीकृत नहीं) यह अनुपात लगभग 17.4 गुना है।
कंपनी के आकार, मजबूत निर्यात कारोबार, स्पष्ट ऑर्डर बुक और लगातार सुधरते मार्जिन को देखते हुए इसका मूल्यांकन अत्यधिक महंगा नहीं माना जा सकता। हालांकि कुवैत पर अधिक निर्भरता और EPCC अनुबंधों में कार्यशील पूंजी की उच्च आवश्यकता जैसे जोखिम ऐसे पहलू हैं जिन्हें निवेशकों को प्रॉस्पेक्टस में विस्तार से समझना चाहिए।
फिनशोर मैनेजमेंट सर्विसेज, कोलकाता इस इश्यू की बुक रनिंग लीड मैनेजर है, जबकि इंटीग्रेटेड रजिस्ट्री मैनेजमेंट सर्विसेज, बेंगलुरु रजिस्ट्रार की भूमिका निभा रही है।
निवेशकों को किसी भी निवेश निर्णय से पहले रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस का अध्ययन कर सभी जोखिम कारकों का सावधानीपूर्वक मूल्यांकन करना चाहिए।
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