
गुरुग्राम | 11 अगस्त 2026 | भारत के सबसे भरोसेमंद फुटवियर ब्रांड बाटा इंडिया ने आज 30 जून 2026 को खत्म हुई तिमाही के वित्तीय नतीजे जारी किए। कंपनी का रेवेन्यू 978.9 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल की इसी तिमाही (वित्त वर्ष 26 की पहली तिमाही) से करीब 4% ज्यादा है। इस तिमाही में कर के बाद मुनाफा (पीएटी) 63.7 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में यह 51.7 करोड़ रुपये था। यानी इसमें 23% से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है।
एकमुश्त खर्चों को छोड़कर, टैक्स से पहले का मुनाफा इस तिमाही में 90.6 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल की इसी तिमाही के 74.5 करोड़ रुपये से 22% से ज्यादा बढ़ा है। इस तिमाही के एकबारगी खर्चों में लगातार करेंसी की कीमत गिरने की वजह से लाइसेंस फीस पर 2.7 करोड़ रुपये का नॉन-कैश फॉरेक्स नुकसान और एक बार का ईआरपी लागू करने का 2.4 करोड़ रुपये का खर्च शामिल है।
कंपनी ने ऑपरेशन को असरदार बनाने, खर्चों पर सख्त नियंत्रण रखने और हर चैनल पर बेहतर काम करने पर लगातार ध्यान दिया, जिसकी वजह से इस तिमाही में ऑपरेटिंग कैश प्रॉफिट 216.6 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल से 7.6% ज्यादा है। बाटा के बोर्ड ने प्रति शेयर 25 रुपये का अंतरिम लाभांश भी घोषित किया है, जो कुल मिलाकर 321.3 करोड़ रुपये होता है।
नतीजों पर बात करते हुए बाटा इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ श्री गुंजन शाह ने कहा, “लगातार तीसरी तिमाही में वृद्धि का यह सिलसिला जारी रखते हुए हमें यह बताते हुए खुशी हो रही है कि वित्त वर्ष 27 की पहली तिमाही में हमारी टॉपलाइन में 4% की बढ़ोतरी हुई है, जिसमें प्रीमियमाइजेशन और वॉल्यूम वृद्धि, दोनों का हाथ है। हमारे विज्ञापन निवेश में करीब 25% की बढ़ोतरी हुई है, जिससे ग्राहकों का जुड़ाव मजबूत हुआ है और इस वृद्धि को सहारा मिला है। दुनिया भर के भू-राजनीतिक हालात का असर फ्रेट लागत, शिपिंग और माल पहुंचने के समय पर पड़ा, लेकिन हमने इसे अच्छे से संभाला।”
उन्होंने आगे कहा, “इन्वेंट्री के आंकड़े मात्रा और क्वॉलिटी, दोनों के मामले में बेहतर हुए हैं, और 30 जून 2025 के मुकाबले कुल इन्वेंट्री 10% से ज्यादा कम रही। जीरो बेस मर्चेंडाइजिंग प्रोजेक्ट को अब 775 स्टोर तक बढ़ाया गया है, जिससे ग्राहकों के अनुभव और प्रति वर्ग फुट रेवेन्यू में अच्छे नतीजे मिल रहे हैं। हमने ग्रॉस मार्जिन में 130 बेसिक अंकों की अच्छी बढ़ोतरी हासिल की है, जिसमें फुल प्राइस पर सबसे ज्यादा बिक्री हुई और मार्कडाउन कम रहे। वृद्धि हर तरफ से आई है, सभी चैनलों ने इसमें अच्छा योगदान दिया, और ई-कॉमर्स में खासतौर पर अच्छी बढ़ोतरी देखने को मिली।
उन्होंने यह भी कहा, “बाटा इंडिया अपनी वृद्धि को आगे बढ़ाते हुए टिकाऊ और मुनाफे वाली वृद्धि पर ध्यान दे रहा है। इसके लिए हम प्रीमियमाइजेशन, वॉल्यूम बढ़ाने, ग्राहकों से मजबूत जुड़ाव, बेहतरीन ऑपरेशन और पूंजी के सोच-समझकर इस्तेमाल पर संतुलित तरीके से काम कर रहे हैं। मानसून का कारोबार अब सितंबर तिमाही में शिफ्ट हो रहा है, इसलिए हमें उम्मीद है कि यह वृद्धि आगे भी जारी रहेगी।”
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