
अप्रैल-सितंबर 2026** के दौरान भारत से निर्यात किए गए इलेक्ट्रिक यात्री वाहनों में लगभग 93% हिस्सेदारी
UK, Norway, Germany, Japan और Switzerland सहित लगभग 50 देशों में इलेक्ट्रिक व्हीकल्स का निर्यात
हंसलपुर | 29 अक्टूबर 2026 | मारुति सुज़ुकी इंडिया लिमिटेड (“मारुति सुज़ुकी”) ने आज घोषणा की कि अगस्त 2025 में वैश्विक शिपमेंट शुरू होने के बाद से उसके Made-in-India इलेक्ट्रिक वाहनों का संचयी निर्यात 50,000 यूनिट के आंकड़े को पार कर गया है।
यूरोप इन वाहनों को प्राप्त करने वाला पहला बाजार था और आज भी यह सबसे बड़ा निर्यात गंतव्य बना हुआ है। वित्त वर्ष 2025-26 में मारुति सुज़ुकी भारत की नंबर 1 इलेक्ट्रिक वाहन* निर्यातक रही और अप्रैल-सितंबर 2026** में भी कंपनी ने अपनी अग्रणी स्थिति बनाए रखी।
इस उपलब्धि पर बोलते हुए, श्री हिसाशी ताकेउचि, मैनेजिंग डायरेक्टर एवं सीईओ, मारुति सुज़ुकी इंडिया लिमिटेड, ने कहा, “मारुति सुज़ुकी की इलेक्ट्रिक व्हीकल की निर्यात यात्रा अगस्त 2025 में आरम्भ हुई थी, जब भारत के माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने हंसलपुर संयंत्र में 100 से अधिक देशों में बिक्री के लिए बनाए जा रहे इलेक्ट्रिक वाहन के उत्पादन की शुरुआत की थी। इसी अवसर पर उन्होंने मारुति सुज़ुकी को ‘मेक इन इंडिया’ पहल का ब्रांड एंबेसडर^ भी बताया था। आज मारुति सुज़ुकी अपने इलेक्ट्रिक वाहन का निर्यात इनमें से लगभग 50 देशों में कर रही है, जिनमें यूरोप सबसे बड़ा गंतव्य है। अप्रैल-सितंबर 2026 में भारत से निर्यात किए गए इलेक्ट्रिक यात्री वाहनों में मारुति सुज़ुकी की हिस्सेदारी लगभग 93%** रही। यह उपलब्धि भारत की उन्नत मैन्युफैक्चरिंग क्षमताओं और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में उसकी बढ़ती ताकत को दर्शाती है।”
‘मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड’ की एक सच्ची मिसाल पेश करते हुए, कंपनी लगातार पांच वित्त वर्षों^^ से भारत की नंबर 1 यात्री वाहन निर्यातक रही है। अप्रैल-सितंबर 2026 के दौरान भारत के कुल यात्री वाहन निर्यात में कंपनी की हिस्सेदारी 50% से अधिक** रही। वर्तमान में मारुति सुज़ुकी अपने 16 मॉडलों का निर्यात लगभग 120 देशों में करती है।
मारुति सुज़ुकी की इलेक्ट्रिक व्हीकल निर्यात के सफलता के केंद्र में गुजरात स्थित कंपनी का हंसलपुर संयंत्र है, जो सुज़ुकी के पहले वैश्विक बैटरी इलेक्ट्रिक व्हीकल (BEV) का एकमात्र मैन्युफैक्चरिंग केंद्र है। हाल ही में इस संयंत्र की वार्षिक उत्पादन क्षमता बढ़कर 10 लाख वाहन हो गई है, जिससे यह एक ही स्थान पर इतनी क्षमता वाला सुज़ुकी का दुनिया का पहला मैन्युफैक्चरिंग केंद्र बन गया है। 25,288.7 करोड़ रुपये के संचयी निवेश के साथ हंसलपुर संयंत्र कंपनी के प्रमुख निर्यात केंद्रों में से एक है और वित्त वर्ष 2025-26 में मारुति सुज़ुकी के कुल निर्यात में इसकी हिस्सेदारी लगभग आधी रही।
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