
राष्ट्रीय | 17 अगस्त 2025: 17 अगस्त की शाम 8:10 बजे का समय इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया पर्यावरण और ग्लोबल पॉलिटिक्स पर आधारित “बिगेस्ट केस स्टडी ऑन अर्थ” का पहला एपिसोड दुनिया भर के 300 से अधिक यूट्यूब चैनलों पर एक साथ प्रसारित हुआ। लेकिन लॉन्च होते ही इस केस स्टडी पर विवादों का पहाड़ टूट पड़ा
कुछ ही घंटों में यूट्यूब ने कंटेंट पॉलिसी उल्लंघन और वायरलेस डेटा का हवाला देते हुए इस केस स्टडी को हटा दिया नतीजतन कई देशों में यह बैन हो गई और चैनलों को स्ट्राइक का सामना करना पड़ा। यह घटना रातों-रात अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियों में आ गई।
क्यों रोकी गई केस स्टडी…?
इस स्टडी में ऐसे चौंकाने वाले खुलासे किए गए थे जिनमें अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, पाकिस्तान के सेना प्रमुख, और कई अन्य वैश्विक नेताओं के संदर्भ शामिल थे। केस स्टडी ने जलवायु परिवर्तन, पर्यावरण संकट और भू-राजनीतिक रणनीतियों पर गंभीर सवाल खड़े किए।
कई देशों ने इसे “संवेदनशील और गोपनीय जानकारी का सार्वजनिक प्रसारण” बताया। यूट्यूब ने आधिकारिक तौर पर कहा कि वीडियो में कुछ कंटेंट पॉलिसी वॉयलेशन के अंतर्गत आता है और इसमें इस्तेमाल किए गए कुछ साक्ष्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करते हैं।
संदीप चौधरी का कड़ा बयान…
सेव अर्थ मिशन® के संस्थापक और पर्यावरण योद्धा संदीप चौधरी ने इस रोक को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा:-
“मैं हार मानने वालों में से नहीं हूँ। यूट्यूब या कोई भी ताक़त मुझे रोक नहीं सकती। धरती की सच्चाई और वैश्विक षड्यंत्रों का सच मैं भारत और पूरी दुनिया के सामने लाकर रहूँगा।”
साफ कर दिया कि यह केस स्टडी भारत में यूनिवर्सिटीज़, पब्लिक प्लेटफ़ॉर्म्स और ऑफलाइन क्लासेज़ के ज़रिए लोगों तक पहुँचाई जाएगी। उनका कहना है कि यह सिर्फ़ एक वीडियो सीरीज़ नहीं बल्कि धरती के भविष्य की दिशा तय करने वाला ऐतिहासिक दस्तावेज़ है।
इंटरनेट पर चर्चा और जिज्ञासा…
यूट्यूब बैन के बाद बिगेस्ट केस स्टडी ऑन अर्थ इंटरनेट पर सबसे ज्यादा सर्च किया जाने वाला विषय बन गया। ट्विटर (X), इंस्टाग्राम और फेसबुक पर #BiggestCaseStudyOnEarth और #SandeepChoudhary टॉप ट्रेंड करने लगे।
लोगों की जिज्ञासा और बढ़ गई कि आखिर इस केस स्टडी में ऐसा क्या है जिसे दुनिया का सबसे बड़ा वीडियो प्लेटफ़ॉर्म रोकने को मजबूर हो गया। इतनी बड़ी पाबंदी लगाई जाती…?
सेव अर्थ मिशन और संदीप चौधरी
संदीप चौधरी पर्यावरण संरक्षण और जलवायु परिवर्तन के मुद्दों पर काम कर रहे हैं। उन्होंने “सेव अर्थ मिशन®” की स्थापना की, जिसका लक्ष्य वर्ष 2040 तक 30 अरब पेड़ लगाना है।
हाल ही में उन्होंने एक घंटे में 5 लाख पेड़ लगाकर गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया था।
उनकी पहचान केवल पर्यावरण कार्यकर्ता की ही नहीं, बल्कि एक ग्रीन इनोवेटर और सीरियल उद्यमी के रूप में भी है। अब तक वह 102 स्टार्टअप्स लॉन्च कर चुके हैं और 103वां स्टार्टअप “एलईडी ग्रीन प्रोजेक्शंस” जल्द ही लॉन्च होने वाला है।
केस स्टडी का महत्व..
इस केस स्टडी को संदीप चौधरी ने 25 साल की मेहनत से तैयार किया है। इसमें जलवायु संकट, प्रदूषण, वैश्विक राजनीति, ऊर्जा संकट और पर्यावरणीय असमानताओं पर गहराई से रिसर्च शामिल है।
बताया जा रहा है कि इसमें कई ऐसे साक्ष्य और इंटरव्यूज़ हैं जो अब तक सार्वजनिक नहीं हुए थे। यही वजह है कि इसे “धरती की अब तक की सबसे बड़ी और साहसिक केस स्टडी” कहा जा रहा है।
यूट्यूब द्वारा बैन किए जाने के बाद भी बिगेस्ट केस स्टडी ऑन अर्थ की लोकप्रियता थमने का नाम नहीं ले रही। बल्कि यह और अधिक चर्चित हो गई है।

