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टाटा मोटर्स के आरोग्य कार्यक्रम ने स्वास्थ्य और पोषण के माध्यम से 6.6 लाख से अधिक लोगों के जीवन को बदला

  • गंभीर कुपोषण से पीड़ित बच्चों में 87% रिकवरी और महिलाओं में एनीमिया के मामलों में 80% की कमी

राष्ट्रीय | 04 सितंबर 2025: राष्ट्रीय पोषण सप्ताह के अवसर परटाटा मोटर्सने अपने प्रमुख सामुदायिक स्वास्थ्य पहलआरोग्य कार्यक्रमकी उपलब्धियों को साझा किया, जिसने देशभर में स्वास्थ्य और पोषण सुधार में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। यह कार्यक्रम तीन प्रमुख क्षेत्रों पर केंद्रित है — बच्चों में कुपोषण को दूर करना, महिलाओं और किशोरियों में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाना, और निवारक एवं उपचारात्मक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना।

वित्त वर्ष 2024-25 में, आरोग्य कार्यक्रम ने लगभग 6.66 लाख लोगों तक अपनी पहुंच बनाई, जिसमें कुपोषित बच्चों में 87% रिकवरी और महिलाओं में एनीमिया के मामलों में 80% की कमी हासिल की गई। ये नतीजे टाटा मोटर्स के स्वास्थ्य और पोषण कार्यक्रमों की ताकत और समुदायों पर इसके दीर्घकालिक सकारात्मक प्रभाव को दर्शाते हैं।

जमशेदपुर, पुणे, पंतनगर, धारवाड़, लखनऊ, सानंद और मुंबई सहित ग्रामीण क्षेत्रों और शहरी झुग्‍गी बस्तियों जैसे स्वास्थ्य सेवाओं की गंभीर आवश्यकता वाले इलाकों में काम करते हुए, आरोग्य कार्यक्रम ने पोषण, स्वास्थ्य जागरूकता और निवारक व उपचारात्मक सेवाओं को जरूरतमंदों तक पहुंचाकर उल्लेखनीय बदलाव लाए हैं।

जमशेदपुर में, आरोग्य ने पूर्वी सिंहभूम जिले और इसके दूरदराज के क्षेत्रों में लगभग 3 लाख लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है। शहरी वंचित समुदायों की विशेष चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए, टाटा मोटर्स ने मुंबई के उपनगरीय क्षेत्र ट्रॉम्बे की झुग्‍गी बस्तियों मेंप्रोजेक्ट आरोग्यसंपन्नके माध्यम से अपने प्रयासों को आगे बढ़ाया, जिससे बच्चों में गंभीर कुपोषण के मामलों में 90% तक की उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई। इस गति को बनाए रखते हुए, वित्त वर्ष 2025 में टाटा मोटर्स ने सानंद मेंप्रोजेक्ट अड्रेसिंग मालन्यूट्रीशनशुरू किया, जिसके तहत 506 गंभीर रूप से कुपोषित बच्चों को विशेष देखभाल प्रदान की गई और 88% रिकवरी दर हासिल की गई। 

टाटा मोटर्स के सीएसआर हेड श्री विनोद कुलकर्णी ने आरोग्य कार्यक्रम के प्रभाव के बारे में कहा,“टाटा मोटर्स में हम पोषण को स्वास्थ्य और जीवन की मजबूती की बुनियाद मानते हैं।आरोग्य कार्यक्रमके माध्यम से हम बच्चों में कुपोषण और माताओं के स्वास्थ्य सुधार के लिए सामुदायिक-आधारित मॉडल अपनाते हैं, जो दीर्घकालिक कल्याण को मज़बूत करता है। हमारी सीएसआर रणनीति, सरकारी योजनाओं, भागीदारों और स्थानीय समुदायों के सहयोग सेआरोग्यको बड़े पैमाने पर स्थायी स्वास्थ्य परिणाम देने में सक्षम बनाती है। हमें जो सकारात्मक बदलाव दिखाई दे रहे हैं, वे हमें राष्ट्रीय प्राथमिकताओं जैसेपोषण अभियानको और आगे बढ़ाने तथा एक स्वस्थ और समान भारत के निर्माण के लिए निरंतर प्रेरित करते हैं।”

26 राज्यों और 8 केंद्र शासित प्रदेशों में अपनी उपस्थिति के साथ, टाटा मोटर्स बच्चों में कुपोषण से लड़ने, स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने और निवारक व उपचारात्मक देखभाल को बढ़ावा देकर सामुदायिक स्वास्थ्य को सशक्त बना रहा है। यह पहल सतत विकास लक्ष्यों के अनुरूप है। आरोग्य कार्यक्रम इस बात का उदाहरण है कि सही रणनीति और डेटा-आधारित प्रयास भारत के पोषण परिदृश्य में स्थायी बदलाव ला सकते हैं। यह स्पष्ट करता है कि जब उद्देश्य स्पष्ट हो और पैमाना बड़ा, तो बदलाव निश्चित होता है।

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