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लीपफ्रॉग इंजीनियरिंग सर्विसेज लिमिटेड का लघु उद्योग शेयर प्रस्ताव, विस्तार की ओर बड़ा कदम

बेंगलुरु | 21 अप्रैल 2026 — लीपफ्रॉग इंजीनियरिंग सर्विसेज लिमिटेड ने शेयर बाज़ार के लघु उद्योग मंच पर अपना प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) लाने की योजना की घोषणा की है। यह कंपनी की विकास यात्रा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है। पिछले दो दशकों में इंजीनियरिंग और आधारभूत ढांचा सेवाओं में अपनी मजबूत पहचान बनाने के बाद, कंपनी अब अपनी वित्तीय स्थिति को और सुदृढ़ करने और कामकाज का विस्तार करने की तैयारी में है।

इस निर्गम का कुल आकार ₹88.51 करोड़ है। इसमें नए शेयर जारी करने के साथ-साथ कुछ पुराने शेयरों की बिक्री भी शामिल है। नए शेयरों के तहत लगभग 3.46 करोड़ शेयर (₹79.60 करोड़) जारी किए जाएंगे, जबकि पुराने शेयरों की बिक्री में लगभग 0.39 करोड़ शेयर (₹8.91 करोड़) शामिल हैं।

यह निर्गम 23 अप्रैल 2026 को खुलेगा और 27 अप्रैल 2026 को बंद होगा। कंपनी के शेयरों की सूचीबद्धता 30 अप्रैल 2026 को होने की संभावना है।

प्रति शेयर मूल्य सीमा ₹21 से ₹23 तय की गई है। निवेशकों को कम से कम 2 समूह (6,000 शेयर) के लिए आवेदन करना होगा। ऊपरी मूल्य पर छोटे निवेशकों को न्यूनतम ₹1,38,000 का निवेश करना होगा, जबकि बड़े निवेशकों के लिए यह राशि ₹4,14,000 होगी।

साल 2005 में स्थापित इस कंपनी ने एक छोटे इंजीनियरिंग संस्थान के रूप में शुरुआत की थी और धीरे-धीरे एक पूर्ण सेवा देने वाली निर्माण और परियोजना निष्पादन कंपनी के रूप में विकसित हुई है। आज यह विद्युत, स्वचालन प्रणाली, अग्नि सुरक्षा और मॉड्यूलर उपकेंद्र जैसे क्षेत्रों में कार्य कर रही है।

कंपनी ने तेल और गैस, दवा निर्माण, खाद्य प्रसंस्करण, धातु और आधारभूत ढांचा जैसे कई क्षेत्रों में परियोजनाएं पूरी की हैं। शुरू से अंत तक परियोजनाओं को पूरा करने की क्षमता ने इसे दोबारा काम मिलने और लंबे समय तक ग्राहकों से जुड़ाव बनाए रखने में मदद की है।

वित्त वर्ष 2025 में कंपनी ने ₹13,000 लाख से अधिक की आय दर्ज की है और लगातार स्थिर प्रदर्शन किया है।

कंपनी के पास विभिन्न क्षेत्रों और स्थानों में फैला हुआ काम का भंडार है, जिससे भविष्य की आय की स्पष्टता बनी रहती है और किसी एक क्षेत्र पर निर्भरता कम होती है।

मध्य पूर्व के देशों जैसे कुवैत और बहरीन में भी कंपनी ने कई परियोजनाएं पूरी की हैं, खासकर तेल और गैस क्षेत्र में। इससे यह साफ होता है कि कंपनी विदेशी बाजारों में भी अपनी पकड़ बना रही है।

विस्तार योजना के तहत कंपनी बेंगलुरु में एक नई इकाई स्थापित करने की तैयारी कर रही है, जहां उत्पादन और संयोजन का काम किया जाएगा।

इस निर्गम से जुटाई गई राशि का उपयोग पूंजीगत खर्च, कार्यशील पूंजी और अन्य सामान्य जरूरतों के लिए किया जाएगा।

भारत में आधारभूत ढांचा क्षेत्र में लगातार निवेश बढ़ रहा है, जिससे इंजीनियरिंग सेवाओं की मांग भी बढ़ रही है। ऐसे में लीपफ्रॉग जैसी कंपनियों के लिए आगे बढ़ने के अच्छे अवसर दिखाई दे रहे हैं।

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