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मेकर भवन फाउंडेशन™ ने IIT गांधीनगर के सहयोग से इन्वेंट-एक्सके सातवें संस्करण का सफलतापूर्वक समापन किया।

  • IIT गांधीनगर के मार्गदर्शन में 29 छात्रों ने आविष्कार की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए 10 पेटेंट योग्य प्रोटोटाइप विकसित किए।

गांधीनगर, गुजरात | 03 जुलाई 2026 | मेकर भवन फाउंडेशन™ (MBF) ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) गांधीनगर और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) जम्मू के सहयोग सेइन्वेंटएक्स (InventX)के सातवें संस्करण का सफलतापूर्वक समापन किया। छह सप्ताह की इस आवासीय (रेज़िडेंशियल) नवाचार पहल के तहत देशभर से चयनित स्नातक (अंडरग्रेजुएट) छात्रों को आविष्कार, डिज़ाइन और निर्माण की व्यावहारिक प्रक्रिया का प्रशिक्षण दिया गया। इस दौरान प्रतिभागियों ने ऐसे प्रोटोटाइप विकसित किए, जो पेटेंट के लिए तैयार हैं।

इन्वेंटएक्स (InventX), जिसे पहलेइन्वेंशन फैक्ट्री (Invention Factory)के नाम से जाना जाता था, स्नातक (अंडरग्रेजुएट) छात्रों के लिए एक गहन आवासीय नवाचार एवं आविष्कार कार्यक्रम है। छह सप्ताह तक चलने वाले इस कार्यक्रम में देशभर के इंजीनियरिंग, विज्ञान और डिज़ाइन संस्थानों के छात्र-छात्राएँ टीमों के रूप में IIT परिसरों में एकत्र होकर वास्तविक जीवन की समस्याओं की पहचान करते हैं, उनके नवाचारी एवं पेटेंट योग्य समाधान विकसित करते हैं, कार्यशील (वर्किंग) प्रोटोटाइप तैयार करते हैं तथा कार्यक्रम के समापन से पहले अनंतिम (प्रोविजनल) पेटेंट आवेदन भी दाखिल करते हैं।

इस वर्ष देशभर के विभिन्न महाविद्यालयों से प्राप्त 1,000 से अधिक आवेदनों में से 60 छात्रों का चयन किया गया। इन प्रतिभागियों ने IIT गांधीनगर और IIT जम्मू में आयोजित इस कार्यक्रम में भाग लिया।

IIT गांधीनगर में आयोजित इस बैच का समापन 29 छात्रों के प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन के साथ हुआ। इस संस्करण में IIT गांधीनगर के विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में प्रतिभागियों द्वारा 10 (प्रोविजनल) पेटेंट आवेदन दाखिल किए गए।

कार्यक्रम की शुरुआत से अब तक इन्वेंटएक्स (InventX)के माध्यम से कुल 120 से अधिक पेटेंट आवेदन दाखिल किए जा चुके हैं। प्रत्येक आवेदन एक वर्ष के लिए आविष्कार को सुरक्षित अधिकार प्रदान करता है तथा इन्हें भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका (अमेरिका) दोनों देशों में दाखिल किया जाता है।

IIT गांधीनगर में आयोजित इन्वेंटएक्स (InventX) के समापन समारोह में प्रदर्शित आविष्कारों की गुणवत्ता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए मेकर भवन फाउंडेशन™ (MBF) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) गौतम खन्नाने कहा,-“वैश्विक विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) और प्रौद्योगिकी क्षेत्र में अग्रणी बनने की भारत की महत्वाकांक्षा तभी साकार होगी, जब हमारे इंजीनियरों में नवाचार और निर्माण (मेकर) की सोच विकसित होगी। मेकर भवन फाउंडेशन में हमारा संकल्प ऐसे इंजीनियरों की नई पीढ़ी तैयार करना है, जो व्यवस्थित ढंग से और बड़े पैमाने पर नवाचार करते हुए समाधान विकसित कर सके। इस दिशा में IIT गांधीनगर का मार्गदर्शन अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है। बेहद कम समय में प्रतिभागियों द्वारा विकसित किए गए उत्कृष्ट और प्रभावशाली प्रोटोटाइप इस प्रयास की सफलता का प्रमाण हैं।”

छह सप्ताह तक चले इस गहन कार्यक्रम के दौरान छात्रों ने वास्तविक जीवन की इंजीनियरिंग चुनौतियों पर कार्य करते हुए केवल पाठ्यपुस्तकों में दिए गए प्रश्नों के समाधान तक स्वयं को सीमित नहीं रखा, बल्कि सबसे पहले ऐसी समस्याओं की पहचान की जो वास्तव में समाधान की मांग करती थीं। उन्होंने विभिन्न चुनौतियों का विश्लेषण किया, स्थापित धारणाओं को परखा, कार्यशील प्रोटोटाइप विकसित किए, उनकी कमियों से सीखते हुए उनमें निरंतर सुधार किया और बार-बार परीक्षण कर उन्हें बेहतर बनाया।

कार्यक्रम के दौरान विषय-विशेषज्ञ अतिथि मूल्यांकनकर्ताओं (गेस्ट इवैल्यूएटर्स) के रूप में शामिल हुए। उन्होंने प्रतिभागियों के आविष्कारों की समीक्षा करते हुए उन्हें और अधिक परिष्कृत बनाने तथा उनकी व्यावहारिक उपयोगिता को परखने में महत्वपूर्ण मार्गदर्शन प्रदान किया। कार्यक्रम का समापन शिक्षाविदों, उद्योग विशेषज्ञों और पेटेंट अधिवक्ताओं (Patent Attorneys) के पैनल के समक्ष प्रतिभागियों द्वारा अपने आविष्कारों की अंतिम प्रस्तुति के साथ हुआ।

छात्रों की उपलब्धियों पर गर्व व्यक्त करते हुए IIT गांधीनगर के निदेशक प्रो. रजत मूनाने कहा,-“इन्वेंटएक्स (InventX) अपने परिणामोन्मुखी दृष्टिकोण के कारण अन्य कार्यक्रमों से अलग पहचान रखता है। इस कार्यक्रम के माध्यम से छात्र वास्तविक जीवन की समस्याओं की पहचान करते हैं, उनके समाधान के लिए कार्यशील प्रोटोटाइप विकसित करते हैं और पेटेंट आवेदन दाखिल करते हुए नवाचार तथा निर्माण (मेकर) की सोच को विकसित करते हैं। हमारे विशेषज्ञ संकाय सदस्यों और उद्योग विशेषज्ञों के सहयोग से यह कार्यक्रम भारत के भविष्य के लिए आवश्यक ‘मेकर मूवमेंट’ को सशक्त बनाने का कार्य कर रहा है। मेकर भवन फाउंडेशन इस दृष्टि को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ा रहा है।”

प्रत्येक परिसर में शीर्ष तीन टीमों को क्रमशः ₹2,00,000, ₹1,00,000 और ₹50,000 के नकद पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त, प्रत्येक प्रतिभागी टीम ने अपने विकसित प्रोटोटाइप के लिए भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका (अमेरिका) दोनों में (प्रोविजनल) पेटेंट आवेदन दाखिल किए हैं, जो शीघ्र ही छात्र आविष्कारकों को प्रदान किए जाएंगे।

विजेता

IIT गांधीनगर

प्रथम पुरस्कार:

[इशान के. एस. श्रेयांश जैन, रितिक गुप्ता] ने [जीईसी इडुक्की, IIIT नागपुर, IIT इंदौर] से मिलकर [पहनने योग्य डॉग डिटरेंट डिवाइस (Wearable Dog Deterrent Device)] विकसित की।

यह एक ऐसा समाधान है, जो आक्रामक आवारा कुत्तों के हमलों से बच्चों की सुरक्षा की समस्या का प्रभावी ढंग से समाधान करता है।

द्वितीय पुरस्कार:

प्रिया क्याल, खुशी सिंह और दक्ष बेनीवाल (IIT रोपड़, नवरचना विश्वविद्यालय एवं IIT रोपड़) ने ‘सर्पदंश के लिए प्राथमिक उपचार समाधान’ (First Aid Solution for Snake Bite) विकसित किया है।

यह एक अभिनव समाधान है, जो स्वचालित प्रणाली के माध्यम से सर्पदंश के बाद प्रभावित अंग को स्थिर (इमॉबिलाइज़) रखता है तथा आवश्यक दबाव (प्रेशर) लागू करता है। इससे मरीज को अस्पताल पहुँचने तक पर्याप्त समय मिल जाता है, जिससे सर्पदंश से होने वाली मौतों को रोकने में सहायता मिलती है।

तृतीय पुरस्कार:

हरनूर, उज्ज्वल और ऋषभ (IIT जम्मू, NITK सुरथकल एवं DTU) ने ‘फिश होल्ड के लिए मछली भंडारण बॉक्स’ (Fish Storage Box for Fish Hold) विकसित किया है।

यह अभिनव समाधान हर वर्ष लगभग 1.2 करोड़ टन मछलियों के खराब होने की समस्या को ध्यान में रखते हुए विकसित किया गया है। इसका उद्देश्य बेहतर भंडारण तकनीकों के माध्यम से खाद्य सुरक्षा को मजबूत करना तथा आर्थिक लचीलापन (Economic Resilience) बढ़ाना है।

== समाप्त ==

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