
डॉ. कमलेश जे. उपाध्याय एवं गुजरात सरकार के युवा एम्बेसडर विदित शर्मा की सक्रिय उपस्थिति में जागरूकता का संदेश
अहमदाबाद, गुजरात | 12 अगस्त 2026 | राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण कार्यक्रम (NACP) के अंतर्गत बी. जे. मेडिकल कॉलेज एवं सिविल हॉस्पिटल, अहमदाबाद में Intensified IEC Campaign – HIV Awareness & Breakthrough Rally का आयोजन किया गया। अभियान का मुख्य संदेश था — “Together for Awareness, Health and Life – Know, Prevent, Protect”, अर्थात “जागरूकता, स्वास्थ्य और जीवन के लिए साथ मिलकर – जानें, रोकें, सुरक्षित रहें।”
इस जागरूकता रैली में 250 से अधिक प्रतिभागियों, जिनमें बी. जे. मेडिकल कॉलेज के 180 से अधिक नर्सिंग विद्यार्थी, ART Centre-1 एवं ART Centre-2 के स्टाफ सदस्य तथा District DISHA Cluster टीम के सदस्य शामिल थे, ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम में डॉ. कमलेश जे. उपाध्याय, HOD एवं नोडल ऑफिसर, ART Centre-1, बी. जे. मेडिकल कॉलेज एवं सिविल हॉस्पिटल की विशेष उपस्थिति रही। साथ ही श्री विदित शर्मा, युवा एम्बेसडर, गुजरात सरकार, ने स्वास्थ्यकर्मियों एवं विद्यार्थियों के साथ HIV जागरूकता, रोकथाम, समय पर जांच, उपचार तथा कलंक-मुक्त समाज के संदेश को आगे बढ़ाने में सक्रिय भागीदारी की।
कार्यक्रम में डॉ. निलिमा के. शाह, प्रोफेसर ऑफ मेडिसिन एवं नोडल ऑफिसर, ART Centre-2; डॉ. चिराग धुवड़, DTO HIV-TB; श्री अविनाश आर. दोशातवार, Scientist-E, ICMR; तथा श्री प्रणित अयाचित, Senior Technician, ICMR सहित स्वास्थ्यकर्मी, नर्सिंग विद्यार्थी एवं अभियान से जुड़े सदस्य उपस्थित रहे।
जागरूकता और रोकथाम का मजबूत संदेश
डॉ. कमलेश जे. उपाध्याय ने HIV के संबंध में सही एवं विश्वसनीय जानकारी समाज तक पहुंचाने, लोगों को रोकथाम के उचित उपाय अपनाने, समय पर HIV जांच कराने तथा उपचार को लगातार जारी रखने के लिए प्रोत्साहित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
युवा एम्बेसडर विदित शर्मा ने भी इस जागरूकता अभियान में सक्रिय भागीदारी की और युवाओं को सार्वजनिक स्वास्थ्य जागरूकता से जोड़ने तथा सही एवं वैज्ञानिक जानकारी विद्यार्थियों एवं समाज के व्यापक वर्ग तक पहुंचाने के महत्व पर जोर दिया।
रैली के दौरान HIV का संक्रमण, रोकथाम, समय पर जांच, उपचार का पालन, पोषण तथा HIV के साथ जीवन जी रहे लोगों के प्रति कलंक और भेदभाव को समाप्त करने के संबंध में जागरूकता फैलाई गई।
HIV जानें – तथ्य जानें
प्रतिभागियों को बताया गया कि HIV का संक्रमण असुरक्षित यौन संपर्क, दूषित सुई या सिरिंज साझा करने, उचित स्क्रीनिंग न किए गए HIV संक्रमित रक्त या रक्त उत्पादों के ट्रांसफ्यूजन तथा मां से बच्चे में संक्रमण के माध्यम से हो सकता है।
साथ ही स्पष्ट किया गया कि HIV सामान्य सामाजिक संपर्क से नहीं फैलता। जैसे गले मिलने, हाथ मिलाने, भोजन या बर्तन साझा करने, सामान्य शौचालय का उपयोग करने, साथ पढ़ने या काम करने, खांसने या छींकने अथवा मच्छर के काटने से HIV नहीं फैलता।
अभियान का स्पष्ट संदेश था:
“HIV के साथ जीवन जी रहे व्यक्ति से डरें नहीं। गलत जानकारी और कलंक से सावधान रहें।”
रोकथाम संभव है – उपचार प्रभावी है
अभियान में सुरक्षित यौन व्यवहार, कंडोम का सही एवं लगातार उपयोग, स्टेराइल सुई एवं सिरिंज, स्क्रीन किए गए रक्त एवं रक्त उत्पादों, समय पर HIV जांच तथा गर्भावस्था के दौरान उचित चिकित्सकीय देखभाल के माध्यम से HIV संक्रमण को रोकने की जानकारी दी गई।
Antiretroviral Therapy (ART) तथा उपचार का नियमित रूप से पालन करने के महत्व पर भी जोर दिया गया। प्रभावी ART के माध्यम से HIV के वायरल लोड को इतना कम किया जा सकता है कि वह पता न चलने योग्य स्तर तक पहुंच जाए, जिससे HIV के साथ जीवन जी रहे व्यक्ति के स्वास्थ्य की रक्षा होती है।
अभियान में वैज्ञानिक रूप से स्थापित संदेश को भी प्रमुखता दी गई:
“Undetectable = Untransmittable (U=U)”
HIV एवं TB की देखभाल में पोषण का महत्व
अभियान में बताया गया कि HIV एवं TB की देखभाल और उपचार के दौरान पोषण महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। संतुलित आहार के माध्यम से पर्याप्त ऊर्जा, प्रोटीन एवं माइक्रोन्यूट्रिएंट्स का सेवन शरीर के वजन, मांसपेशियों की शक्ति, रोग प्रतिरोधक क्षमता तथा बीमारी और उपचार का सामना करने की क्षमता को बनाए रखने में सहायक हो सकता है।
विशेष रूप से कुपोषित मरीजों, TB का उपचार करा रहे लोगों, HIV के साथ जीवन जी रहे बच्चों तथा HIV के साथ जीवन जी रही गर्भवती महिलाओं की पोषण संबंधी आवश्यकताओं पर विशेष जोर दिया गया।
अभियान के माध्यम से नागरिकों, NGO, स्वयंसेवी संस्थाओं, शैक्षणिक संस्थानों, उद्योगों, CSR भागीदारों एवं सामुदायिक संगठनों से HIV के साथ जीवन जी रहे संवेदनशील लोगों के लिए पोषण किट उपलब्ध कराने में सहयोग करने की अपील की गई।
कलंक के खिलाफ मिलकर खड़े होने का संदेश
रैली के माध्यम से समाज को स्पष्ट संदेश दिया गया कि HIV के साथ जीवन जी रहे लोगों को देखभाल, सम्मान, संवेदना और सहयोग की आवश्यकता है — कलंक या भेदभाव की नहीं।
District DISHA Cluster Ahmedabad Unit और ART Centre, B.J. Medical College ने समाज से अपील की कि भय के स्थान पर तथ्य, गलत जानकारी के स्थान पर रोकथाम और भेदभाव के स्थान पर संवेदना का संदेश फैलाया जाए।
अभियान का अंतिम संदेश रहा:
“HIV जानें। जांच कराएं। संक्रमण रोकें। उपचार जारी रखें। पोषण का सहयोग करें। कलंक समाप्त करें।”
डॉ. कमलेश जे. उपाध्याय एवं युवा एम्बेसडर विदित शर्मा ने स्वास्थ्यकर्मियों, विद्यार्थियों एवं समाज के प्रतिनिधियों के साथ मिलकर इस संदेश को मजबूत किया कि सामूहिक जागरूकता, जिम्मेदार व्यवहार और संवेदना के माध्यम से एक अधिक स्वस्थ, जागरूक एवं कलंक-मुक्त समाज का निर्माण किया जा सकता है।
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