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अमेज़न एड्स के अध्ययन से पता चलता है कि एआई किस तरह भारत के SMBs को नए ग्राहकों तक पहुँचने और उनके विकास में मदद कर रहा है

  • अमेज़न एड्स ने भारत में SMBs द्वारा एआई को अपनाने के बड़े ट्रेंड्स का खुलासा किया है
  • अध्ययन से पता चलता है कि एआई विज्ञापन के खर्च और दूसरी बाधाओं को दूर करने में भारतीय
    SMBs की मदद कर रहा है
  • 87% का कहना है कि एआई टूल्स ने उन्हें विज्ञापन के ऐसे अवसरों तक पहुँचने में सक्षम बनाया है
    जो पहले उनकी पहुँच से बाहर लगते थे, जिसमें स्ट्रीमिंग टीवी और अन्य वीडियो फॉर्मेट शामिल हैं
  • 75% का कहना है कि एआई-सक्षम विज्ञापनों ने उनके कारोबार बढ़ाने में मदद  की है

बेंगलुरू| 07 सितम्बर 2026 | अमेज़न एड्स ने आज अपने एक नए अध्‍ययन के नतीजे पेश किए, जिससे पता  चलता है कि एआई भारत के SMBs के लिए विज्ञापनों की दुनिया को कैसे बदल रहा है। अध्‍ययन के मुताबिक, एआई छोटे बिजनेस को महँगे खर्च, विज्ञापन की जटिलताओं और कम संसाधनों जैसी पुरानी दिक्कतों से निपटने में  मदद कर रहा है। इसकी मदद से अब बेहतरीन और बड़े स्तर के विज्ञापन करना बेहद आसान हो गया है। करीब 87% छोटे कारोबारियों का कहना है कि एआई टूल्स की वजह से वे अब उन प्लेटफॉर्म्स, दर्शकों और फॉर्मेट्स तक पहुँच पा रहे हैं जो पहले मुमकिन नहीं लगते थे, जैसे कि स्ट्रीमिंग टीवी पर वीडियो विज्ञापन चलाना। सिर्फ पहुँच ही नहीं, बल्कि 75% कारोबारियों का मानना है कि एआई विज्ञापनों से उनके बिजनेस की ग्रोथ बढ़ी है। इसके अलावा, 68% लोगों का कहना है कि आसान एआई टूल्स मिलने से वे अपने विज्ञापनों को और भी ज़्यादा क्रिएटिव बना पा रहे हैं। 

“भारतीय SMBs आज विज्ञापन को लेकर जितने कॉन्फिडेंट दिख रहे हैं, वैसा पहले कभी नहीं देखा गया। भारत में एआई टूल्स इस्तेमाल करने वाले अमेज़न एडवर्टाइजर्स की संख्या में साल-दर-साल 77% का उछाल आया है। इसके साथ ही, SMBs ने पिछले साल के मुकाबले 2026 की पहली तिमाही में एआई की मदद से 62% ज़्यादा विज्ञापन बनाए हैं। आज एआई टूल्स की वजह से स्ट्रीमिंग टीवी जैसे बड़े प्लेटफॉर्म्स पर भी विज्ञापन देना मुमकिन हो गया है, जबकि पहले ऐसा सोचना सिर्फ बड़े बजट वाले मंहगे ब्रांड्स के बस की बात थी। SMBs को इस तरह आगे बढ़ते देखना बहुत सुखद है। अमेज़न एड्स में हमारा मकसद उनके लिए ऐसे आसान और खुद इस्तेमाल किए जाने वाले टूल्स बनाना है, जिससे हर छोटा-बड़ा बिजनेस आसानी से तरक्की कर सके।”— कपिल शर्मा, डायरेक्टर – अमेज़न एड्स इंडिया 

SMBs के लिए स्ट्रीमिंग टीवी पर विज्ञापन देना अब एक हकीकत बनता जा रहा है

तीन साल पहले तक, सिर्फ 56% कारोबारी ही स्ट्रीमिंग टीवी को विज्ञापन का एक सही जरिया मानते थे। जो लोग इसे अपनी पहुँच से बाहर समझते थे, उनके लिए सबसे बड़ी रुकावटें थीं—महँगा खर्च (48%), विज्ञापन शुरू करने के लिए एक बड़ी रकम लगाने की शर्त (39%), और विज्ञापन को प्लान करने या खरीदने में जटिलता (36%)। लेकिन आज स्थिति बदल चुकी है और SMBs इस प्लेटफॉर्म के फायदों को समझ रहे हैं। टीवी या स्ट्रीमिंग टीवी पर विज्ञापन देने के इच्‍छुक कारोबारियों में से 62% का कहना है कि इससे वे बिल्कुल नए ग्राहकों तक पहुँच सकते हैं, 59% का मानना है कि इससे उनके ब्रांड की पहचान बढ़ेगी और 48% का कहना है कि इससे ग्राहकों के बीच उनकी विश्‍वसनीयता बढ़ेगी। 

आई की मदद से अब SMBs घरेलू अभियानों से आगे सोच पा रहे हैं और बाज़ार उनके लिए समान अवसर पैदा कर रहा है

यह बदलाव सिर्फ स्ट्रीमिंग टीवी तक ही सीमित नहीं है। दूसरे देशों में विज्ञापन चलाने के लिए हमेशा से मंहगे संसाधनों की ज़रूरत होती थी जो छोटे कारोबारियों के पास नहीं होते—जैसे अलग-अलग भाषाओं और संस्‍कृ‍ति  के हिसाब से विज्ञापनों को बदलना, या अलग-अलग देशों में सही ग्राहकों को टारगेट करना। लेकिन एआई टूल्स ने इस समस्‍या को काफी कम कर दिया है। भारत में जिन 56% कारोबारियों को तीन साल पहले विदेशी विज्ञापन चलाना नामुमकिन लगता था, वे अब मानते हैं कि यह बेहद आसान हो गया है। दुनिया भर में अपना बिजनेस फैलाने की चाह रखने वाले भारतीय दुकानदारों के लिए अमेज़न का सेलर असिस्टेंट अब एआई की मदद से मदद दे रहा है। यह टूल विदेशी बाज़ारों में ग्रोथ के मौके तलाशने के लिए बेस्ट प्रोडक्ट्स और वहां की डिमांड की जानकारी देता है, और साथ ही अलग-अलग देशों के कानूनी औपचारिकताओं को पूरा करने में भी मदद करता है।

नए प्रयोगों की लागत को कम करके और असरदार रणनीति पर तेज़ी से फीडबैक प्रदान करके, एआई SMBs को विकास की रणनीतियों को अपनाने का आत्मविश्वास दे रहा है—जैसे कि विदेशों में विस्तार करना या नए उत्पाद लॉन्च करना। तीन-चौथाई (75%) उत्तरदाताओं का कहना है कि एआई-सक्षम विज्ञापन गतिविधियों या रणनीतियों ने उनके व्यवसाय के विकास में  मदद की है, 59% का कहना है कि इसने नए देशों में विस्तार करने में मदद की है और 58% का कहना है कि इसने उन्हें नई उत्पाद श्रेणियों को बाजार में उतारने में समर्थ बनाया है। 

एआई खोल रहा है क्रिएटिविटी के नए रास्ते

नए चैनल तक पहुँचने और दुनिया भर में करोबार फैलाने के अलावा, एआई SMBs के क्रिएटिव सोच को भी पूरी तरह बदल रहा है। करीब 88% कारोबारियों का कहना है कि वे विज्ञापन की सामग्री तैयार करने के लिए एआई का इस्तेमाल कर सकते हैं, जबकि 85% का मानना है कि वे खास तौर पर स्ट्रीमिंग टीवी के विज्ञापन बनाने के लिए एआई की मदद लेंगे। इसके अलावा, 68% लोगों का कहना है कि आसान टूल्स मिलने की वजह से एआई ने उनके विज्ञापनों को पहले से कहीं ज़्यादा क्रिएटिव बना दिया है।

सिर्फ विज्ञापन बनाने में ही नहीं, बल्कि विज्ञापनों को चलाने में भी SMBs को इसके बड़े व्यावहारिक फायदे दिख रहे हैं: 65% का कहना है कि एआई विज्ञापनों में तुरंत सुधार करने में मदद करता है, 62% का मानना है कि यह कम बजट में सही ग्राहकों को तेज़ी से ढूंढ लेता है जिससे उनका पैसा बर्बाद नहीं होता, और 55% का कहना है कि इसकी मदद से वे भारी बजट वाले बड़े ब्रांड्स को कड़ी टक्कर दे पा रहे हैं।

अमेज़न एड्स लगातार ऐसे एआई टूल्स पर काम कर रहा है जो बड़े विज्ञापनों को हर छोटे-बड़े बिजनेस के लिए आसान और सुलभ बना सकें। विज्ञापन बनाने, उसे सेट करने और सुधारने के तरीकों को आसान बनाकर ये नए टूल्स SMBs का हौसला बढ़ा रहे हैं। इससे उनका मैन्युअल काम का समय बच रहा है और वे अपना पूरा ध्यान बिजनेस बढ़ाने में लगा पा रहे हैं।

एआई के विस्‍तार के बावजूद इंसानी सूझबूझ अभी भी सबसे ज़रूरी है

एआई SMBs को समझदारी से काम करने में मदद तो कर रहा है, लेकिन सबसे अच्छे नतीजे तब मिल रहे हैं जब एआई के सुझावों और इंसान के निर्णयों के साथ मिलाया जाता है। रिसर्च के मुताबिक, विज्ञापन में एआई का इस्तेमाल करने के बावजूद आखिरी फैसला लेने वाले 40% मामलों में खुद बिजनेस के मालिक ही होते हैं। इसके बाद 32% लोग ऐसे हैं जो एआई टूल्स की मदद लेते हैं लेकिन इंसानी रिव्यू के साथ, और 19% मामलों में मार्केटिंग हेड फैसला लेते हैं। केवल 2% लोग ऐसे हैं जो बिना किसी इंसानी जांच के फैसले पूरी तरह एआई पर छोड़ देते हैं। इससे साफ पता चलता है कि SMBs ‘ह्यूमन-लेड, एआई-सपोर्टेड’ रास्ता चुन रहे हैं—यानी काम की रफ्तार बढ़ाने के लिए एआई का सहारा ले रहे हैं, लेकिन जहाँ सबसे ज़्यादा ज़रूरत है, वहाँ फैसला इंसान का ही होता है।

आने वाले समय में एआई की भूमिका और भी ज़्यादा बढ़ने वाली है

आगे की बात करें तो, भारतीय SMBs को पूरी उम्मीद है कि विज्ञापन के ज़रिए अपने बिजनेस गोल्स को पाने में एआई एक बहुत बड़ा रोल निभाएगा। करीब 92% लोगों का मानना है कि भविष्य के कॉम्पिटिशन में टिके रहने के लिए एआई बेहद ज़रूरी होगा। ये बिजनेस अभी से ही विज्ञापन की सामग्री तैयार करने (64%), स्ट्रैटेजिक प्लानिंग (58%) और कॉम्पिटिटर एनालिसिस (53%) के लिए एआई का सहारा ले रहे हैं। इससे जाहिर है कि एआई अब सिर्फ काम को पूरा करने का जरिया नहीं रहा, बल्कि प्लानिंग और बड़े फैसले लेने में भी इसका उपयोग हो  रहा है। कुल मिलाकर, ये नतीजे विज्ञापनों की दुनिया के और भी ज़्यादा खुले होने का इशारा करते हैं, जहाँ एआई SMBs को बेहद क्रिएटिव बनने और बड़े प्लेटफॉर्म्स पर विज्ञापन चलाने की ताकत दे रहा है, लेकिन इन टूल्स का सही इस्तेमाल कैसे करना है, इसका कंट्रोल अभी भी इंसानी के हाथ में ही है।

“हमने अमेज़न एड्स के एआई टूल्स का इस्तेमाल किया, जिसने चुटकियों में हमारे एक स्टेटिक प्रोडक्‍ट लिस्टिंग को एक शानदार वीडियो विज्ञापन में बदल दिया। लेकिन जो चीज़ हमारे लिए सबसे बड़ा सरप्राइज़ रही, वो था इसका प्रभाव। जब हमने इस एआई वीडियो को अपने स्मार्ट स्ट्रीमिंग टीवी कैंपेन में चलाया, तो जिन ग्राहकों तक हम पहुँचे, उनमें से 80% लोग हमारे ब्रांड के लिए बिल्कुल नए थे। इतना ही नहीं, जब हमने इसे सर्च एड्स के साथ मिलाकर चलाया, तो हमारी बिक्री में 3 गुना का बड़ा उछाल आया।”— विशाल सिंह सिसौदिया, फाउंडर, क्लोसिया, महिलाओं के पारंपरिक परिधानों का एक लोकप्रिय ब्रांड।

==समाप्त==

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