
- लैपटॉप खरीदारों के लिए ब्रांड के नाम से ज़्यादा उसके फीचर्स मायने रखते हैं: 53% लोग उसी कीमत पर बेहतर फीचर्स मिलने पर दूसरा ब्रांड चुनने को तैयार हैं
- कंप्यूटर में AI को लेकर सबसे ज़्यादा उत्साह है: 58% लैपटॉप खरीदार आने वाले AI फीचर्स को काम के लिए “बेहद उपयोगी” मानते हैं। इसमें ऑन-डिवाइस असिस्टेंट (28%) और AI-प्रोसेसिंग चिप्स (25%) उनकी पहली पसंद हैं
- टैबलेट खरीदार इसे किसी खास वजह से चुन रहे हैं: जैसे लैपटॉप से सस्ता होना (29%), मीडिया संबंधी उपयोग (21%) और इसे आसानी से कहीं भी ले जाना (17%)। इसके साथ ही, 59% लोग ₹20,000 से ₹35,000 वाले बजट को देख रहे हैं
- बेस्ट इन टेक सर्वे in की एक पहल है, ताकि यह समझा जा सके कि ग्राहक अपनी टेक खरीदारी से क्या उम्मीद रखते हैं
- इस सर्वे से मिली जानकारियां in पर चयन का एजेंडा तय करती हैं और बेस्ट इन टेक अवार्ड्स का आधार बनती हैं, जो सितंबर 2026 में वापस आ रहा है
बेंगलुरु | 25 अगस्त 2026 | अमेज़न ने आज अपने पहले बेस्ट इन टेक सर्वे के नतीजों का दूसरा हिस्सा जारी किया। स्मार्टफोन से जुड़े नतीजों में जहां AI को एक बुनियादी ज़रूरत बताया गया था, वहीं कंप्यूटर कैटेगरी की कहानी और भी साफ़ है: लैपटॉप खरीदारों के लिए प्रोसेसर की परफॉर्मेंस सबसे बड़ी वजह है, जिसे 87% लोगों ने पहली पसंद बताया। इसके साथ ही, इस कैटेगरी में AI को लेकर उत्साह सबसे ज़्यादा देखा गया। 58% लैपटॉप खरीदारों का कहना है कि आने वाले AI फीचर्स उनके काम के लिए “बेहद उपयोगी” होंगे। वहीं टैबलेट खरीदारों की पसंद भी बिल्कुल साफ़ है: 74% लोगों ने डिस्प्ले की क्वालिटी को अपनी पहली पसंद माना। यह नतीजे सभी प्रमुख कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स कैटेगरी में मिले 40,000 से ज़्यादा जवाबों के आधार पर तैयार किए गए हैं, जो Amazon.in पर प्रोडक्ट्स की उपलब्धता तय करने में मदद करते हैं। ये जानकारियां बेस्ट इन टेक अवार्ड्स का आधार भी बनेंगी, जो 18 सितंबर, 2026 को अपने दूसरे एडिशन के साथ वापस आ रहा है।
“चूंकि लैपटॉप काफी महंगा आता है, इसलिए कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स में लोग इसके बारे में सबसे ज़्यादा रिसर्च करते हैं। ग्राहक अपनी ज़रूरत के हिसाब से खास कॉन्फ़िगरेशन और फीचर्स तलाशते हैं। लोग लैपटॉप को लंबे समय तक इस्तेमाल करते हैं, इसलिए खरीदने से पहले वे अच्छी तरह तुलना करते हैं। हमारे सर्वे के अनुसार इन खरीदारों के लिए ब्रांड के नाम से ज़्यादा उसके फीचर्स मायने रखते हैं, जो हर कंपनी के लिए एक बेहतरीन मौका है। AI भी अब एक साफ़ ज़रूरत बनकर उभरा है, जिससे ऑन-डिवाइस असिस्टेंट और AI-प्रोसेसिंग चिप्स लोगों की पहली पसंद बन गए हैं। बेस्ट इन टेक सर्वे हमें सीधे ग्राहकों से लेकर ज़रूरी जानकारियां देता है, और बेस्ट इन टेक अवार्ड्स उन ब्रांड्स को सम्मानित करेंगे जो इस आने वाले फेस्टिव सीज़न में ग्राहकों की असल ज़रूरतों को पूरा कर रहे हैं।” — ज़ेबा खान, डायरेक्टर – कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स, अमेज़न इंडिया।
लैपटॉप खरीदार परफॉर्मेंस को सबसे ऊपर रखते हैं।
प्रोसेसर की परफॉर्मेंस खरीदारी के फैसले में सबसे आगे है, जिसे 87% लोगों ने अपनी पहली पसंद माना है। इसके बाद रैम एवं स्टोरेज, और फिर बैटरी लाइफ का नंबर आता है। 58% लोगों का कहना है कि आने वाले AI फीचर्स उनके काम के लिए “बेहद उपयोगी” साबित होंगे—यह आंकड़ा सर्वे में शामिल किसी भी अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान के मुकाबले सबसे ज़्यादा है। लोगों की मांग में भी यह साफ़ दिखता है: 28% लोग ऑन-डिवाइस AI असिस्टेंट, 25% लोग तेज़ काम करने वाली AI-प्रोसेसिंग चिप्स और 23% लोग AI की मदद से कंटेंट बनाने और उसे एडिट करने वाले फीचर्स चाहते हैं। इसके बाद 17% लोग रियल-टाइम ट्रांसक्रिप्शन और अनुवाद के फीचर्स को पसंद करते हैं।
ज़्यादातर लैपटॉप खरीदार जाने-पहचाने ब्रांड के बजाय बेहतर फीचर्स चुनेंगे।
53% लैपटॉप खरीदारों का कहना है कि अगर उन्हें उसी कीमत पर बेहतर फीचर्स मिलेंगे, तो वे दूसरा ब्रांड चुनने को तैयार हैं। वहीं, 15% लोगों का कहना है कि वे नए इनोवेशन और डिज़ाइन की तरफ आकर्षित होते हैं। ज़्यादातर खरीदार (48%) फैसला लेने से पहले दो से तीन ब्रांड्स की आपस में तुलना करते हैं, जबकि केवल 18% लोग ही ऐसे हैं जो पहले से कोई एक ब्रांड मन में सोचकर आते हैं।
हर 4 में से 3 खरीदार ₹40,000 या उससे ज़्यादा का लैपटॉप लेने की सोच रहे हैं।
आधे लैपटॉप खरीदार ₹40,000 से ₹80,000 की रेंज में डिवाइस ढूंढ रहे हैं। इसमें ₹40,000 से ₹60,000 का बजट सबसे आगे (28%) है, और ₹60,000 से ₹80,000 का बजट दूसरे नंबर (22%) पर है। महंगे सेगमेंट की बात करें, तो 14% लोग ₹80,000 से ₹1,00,000 के बीच और 12% लोग ₹1,00,000 से ऊपर के लैपटॉप देख रहे हैं। सिर्फ 24% लोग ही ऐसे हैं जो ₹40,000 से कम का लैपटॉप खरीद रहे हैं। ज़्यादातर खरीदार कोई भी फैसला लेने से पहले दो से तीन ब्रांड्स की आपस में तुलना करते हैं, और लगभग एक-चौथाई लोग दो महीने से ज़्यादा समय तक इसके बारे में रिसर्च करते हैं। केवल 18% लोग ही पहले से कोई एक ब्रांड मन में सोचकर आते हैं। लैपटॉप खरीदते समय लोगों के लिए उसकी कीमत और ऑफर्स से ज़्यादा उसके रिव्यूज और रेटिंग्स मायने रखते हैं।
टैबलेट खरीदारों के लिए डिस्प्ले का साइज़ सबसे ज़्यादा मायने रखता है।
इस सर्वे में शामिल किसी भी दूसरी कैटेगरी में कोई एक फीचर इस तरह सबसे आगे नहीं रहा है। 74% टैबलेट खरीदार डिस्प्ले के साइज़ और उसकी क्वालिटी को सबसे ऊपर रखते हैं, जबकि कीमत (12%) और प्रोसेसर (9%) काफी पीछे दूसरे और तीसरे नंबर पर हैं। यानी टैबलेट खरीदने का फैसला पूरी तरह से उसकी स्क्रीन को देखकर लिया जाता है। यह ध्यान उनके बजट में भी साफ़ दिखाई देता है: 59% लोग ₹20,000 से ₹35,000 वाली प्रीमियम मिड-रेंज के टैबलेट देखना पसंद करते हैं, जहाँ डिस्प्ले की बेहतर क्वालिटी बजट डिवाइस के मुकाबले ज़्यादा पैसे खर्च करने को सही साबित करती है। खरीदार इस बात को लेकर भी बिल्कुल साफ़ हैं कि उन्हें टैबलेट क्यों चाहिए: 29% लोग इसे लैपटॉप के एक सस्ते विकल्प के रूप में देखते हैं, 21% लोग मीडिया उपयोग के लिए और 17% लोग सफर के दौरान आसानी से काम करने के लिए इसे चुनते हैं।
पिछले हफ्ते जारी हुए बेस्ट इन टेक सर्वे के पहले हिस्से से पता चला है कि Amazon.in पर 82% स्मार्टफोन खरीदारों के फैसले को अब AI फीचर्स प्रभावित करते हैं। हालांकि AI अब एक बुनियादी ज़रूरत बन चुका है, लेकिन फोन की परफॉर्मेंस, बैटरी और कैमरा अभी भी खरीदारी की सबसे बड़ी वजह बने हुए हैं। हर तीन में से एक खरीदार अपने अगले अपग्रेड के लिए ₹50,000 या उससे ज़्यादा का बजट लेकर चल रहा है, और लगभग आधे लोग अगले तीन महीनों के भीतर नया फोन खरीदने की योजना बना रहे हैं। यह फैसला लेते समय, ग्राहकों के लिए फोन की कीमत और मिलने वाले ऑफर्स से ज़्यादा उसके रिव्यूज और रेटिंग्स मायने रखते हैं।
बेस्ट इन टेक सर्वे कंज्यूमर टेक्नोलॉजी की कई कैटेगरीज में किया गया था। इसमें स्मार्टफोन, लैपटॉप और टैबलेट, होम एंटरटेनमेंट, अप्लायंसेज, वियरेबल्स और ऑडियो डिवाइसेज शामिल थे। बेस्ट इन टेक अवार्ड्स की तैयारी के तहत जारी किए जा रहे नतीजों की सीरीज में यह दूसरी जानकारी है।
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