
अहमदाबाद, गुजरात | 29 मई 2026 | आईपीएल के शोर-शराबे और रोमांच के बीच भी ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ ने दर्शकों के दिलों में अपनी खास जगह कायम रखी है। देश का सबसे लंबे समय से चल रहा यह लोकप्रिय कॉमेडी शो पिछले एक महीने से लगातार हल्के-फुल्के, मजेदार और उत्सुकता से भरपूर ट्रैक्स के जरिए लोगों का मनोरंजन कर रहा है। सोसायटी में होने वाली छोटी-छोटी घटनाओं को हास्य और भावनाओं के साथ पेश करने की इसकी शैली हर उम्र के दर्शकों को जोड़कर रखती है। यही वजह है कि यह शो आज भी भारत के सबसे पसंदीदा फैमिली एंटरटेनमेंट शोज़ में गिना जाता है।
ऑरमैक्स स्ट्रीमव्यू की 18 से 24 मई 2026 की रैंकिंग के मुताबिक, असित कुमार मोदी का ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ भारत में ओटीटी पर सबसे ज्यादा देखे जाने वाले कार्यक्रमों में दूसरे स्थान पर रहा। 4.2 मिलियन दर्शकों के साथ यह शो आईपीएल 2026 के बाद दूसरे नंबर पर रहा और कई बड़े ओटीटी शोज़ व फिल्मों को पीछे छोड़ दिया। यह उपलब्धि इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि आईपीएल जैसे बड़े लाइव स्पोर्ट्स इवेंट के दौरान भी इस शो ने अपनी मजबूत दर्शक संख्या बनाए रखी है।
आईपीएल और ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ दोनों ही भारत के ऐसे मनोरंजन ब्रांड हैं, जिनके साथ दर्शकों का वर्षों पुराना भावनात्मक रिश्ता जुड़ा हुआ है। जहां क्रिकेट फैंस आईपीएल के रोमांच में डूबे रहते हैं, वहीं ‘तारक मेहता…’ अपनी साफ-सुथरी कॉमेडी, पारिवारिक भावनाओं और रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े किस्सों के जरिए हर पीढ़ी को साथ लेकर चलता है। समय के साथ यह शो सिर्फ टीवी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि ओटीटी और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर भी इसकी लोकप्रियता लगातार बढ़ी है।
हाल के दिनों में शो का “तरबूज ट्रैक” दर्शकों के बीच खूब चर्चा में रहा। गोकुलधाम सोसायटी के बाहर तरबूजों के ढेर लग जाने से जो अफरा-तफरी मची और उससे पैदा हुए मजेदार हालात ने दर्शकों को खूब हंसाया।
इससे पहले “सोसायटी रिपेयर चेक” वाला ट्रैक भी काफी पसंद किया गया था। इस कहानी में जेठालाल चेक जमा करना भूल जाते हैं, लेकिन उन्हें पूरा भरोसा होता है कि उन्होंने चेक ऑफिस में ही रखा था। इसके बाद बापूजी और भिड़े के बीच हुई मजेदार उठक-बैठक ने कॉमेडी और सस्पेंस का शानदार माहौल बना दिया।
इसी तरह “रूपा की खोई हुई अंगूठी” वाला ट्रैक भी दर्शकों को खूब पसंद आया। रतन की दुकान के पांच साल पूरे होने की खुशी में कचौरी बनाते समय रूपा को अपनी अंगूठी गायब मिलती है और शक होता है कि कहीं वह किसी कचौरी में तो नहीं चली गई। इस छोटे से घटनाक्रम को जिस तरह मजेदार अंदाज में पेश किया गया, उसने दर्शकों को अंत तक बांधे रखा।
नई रैंकिंग यह भी दिखाती है कि दर्शक आज भी ऐसे मनोरंजन को पसंद करते हैं जिसे पूरा परिवार साथ बैठकर देख सके। आईपीएल जहां देश का सबसे बड़ा लाइव एंटरटेनमेंट इवेंट बना हुआ है, वहीं ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़ी हल्की-फुल्की कहानियों के जरिए लोगों के दिलों में अपनी जगह बनाए हुए है। टीवी के साथ-साथ डिजिटल और सोशल मीडिया पर भी शो की मजबूत मौजूदगी इसे लगातार नई पीढ़ी से जोड़ रही है।
इस शो की सबसे बड़ी ताकत इसकी सादगी और उससे जुड़ी भावनाएं हैं। रोजमर्रा की साधारण घटनाओं को मनोरंजक अंदाज में पेश करना ही इसकी पहचान बन चुका है। असित कुमार मोदी और उनकी टीम हमेशा आम लोगों की जिंदगी से प्रेरणा लेकर कहानियां तैयार करती है, जिसकी वजह से दर्शकों को शो अपने घर जैसा महसूस होता है।
शो की कहानी कहने की शैली को लेकर असित कुमार मोदी ने कहा, “तारक मेहता का उल्टा चश्मा की सबसे बड़ी ताकत इसकी सादगी और लोगों से जुड़ाव है। हम रोजमर्रा की जिंदगी और आम लोगों की भावनाओं से प्रेरणा लेते हैं। कोशिश हमेशा यही रहती है कि दर्शकों को ऐसा मनोरंजन मिले जिसे पूरा परिवार साथ बैठकर खुशी के साथ देख सके।”
असित कुमार मोदी की सोच और रचनात्मक नेतृत्व की वजह से ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ पिछले 18 वर्षों से लगातार दर्शकों का मनोरंजन कर रहा है। साफ-सुथरी कॉमेडी, यादगार किरदार और बदलते समय के साथ खुद को ढालने की क्षमता ने इस शो को हर पीढ़ी का पसंदीदा बना दिया है। यही कारण है कि इतने वर्षों बाद भी यह शो भारतीय दर्शकों के दिलों में अपनी खास जगह बनाए हुए है।
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