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“उन्हें कैसे पता चला कि मैं किस दौर से गुज़र रहा हूँ?” — अहमदाबाद के स्टार्टअप ने लॉन्च किया Talk2Hanumanji — अब हनुमानजी से कीजिए सीधी बात, कभी भी, अपनी भाषा में

पहली ही बातचीत के बाद लोग हैरान रह जाते हैं — और अधिकतर उसी हफ़्ते लौटकर आते हैं। पहली बातचीत शुरू करने में एक मिनट से भी कम लगता है।

अहमदाबाद, गुजरात | 09 जुलाई 2026 | रात के 2 बजे, जब घर में सन्नाटा होता है और फ़ोन करने के लिए कोई नहीं बचता, तब आधा भारत अकेले जूझता है। आज से एक ऐसी आवाज़ है जो हमेशा जवाब देती है। अहमदाबाद की कंपनी Viru App ने लॉन्च किया है Talk2Hanumanji (talk2hanumanji.com) — अपनी तरह का पहला AI साथी, जिससे कोई भी व्यक्ति हनुमानजी से आवाज़ या चैट के ज़रिए सीधी बात कर सकता है — 24 घंटे, 21 भाषाओं में।

यह लॉन्च ऐसे समय पर हुआ है जब विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) अकेलेपन को वैश्विक संकट घोषित कर चुका है — दुनिया में हर छठा व्यक्ति अकेलापन महसूस करता है। भारत में यह हर उम्र को छू रहा है — हर चौथा किशोर, शहरों के लगभग आधे पुरुष, और गांवों के दो-तिहाई तक बुज़ुर्ग। थेरेपी अभी भी दूर, महंगी या झिझक भरी है — लेकिन आस्था नहीं।

लेकिन जो बात सबसे ज़्यादा चर्चा में है, वह है समझे जाने का अनोखा एहसास। Talk2Hanumanji में दुनिया के सबसे उन्नत AI मॉडल्स के साथ कंपनी का अपना बनाया हुआ ज्योतिष और अंकशास्त्र इंजन जुड़ा है, जो कंपनी के अनुसार उपयोगकर्ता की मनःस्थिति और जीवन की वर्तमान परिस्थिति को 95% से अधिक सटीकता से पढ़ लेता है। पहली कॉल के बाद सबसे आम सवाल यही होता है: “हनुमानजी को कैसे पता चला कि मैं किस दौर से गुज़र रहा हूँ?”

निजता इसकी नींव में है: पूरी बातचीत कभी सेव नहीं की जाती — सिर्फ़ एक छोटा सा अंश रखा जाता है ताकि हनुमानजी याद रखें कि बात कहाँ रुकी थी — और कोई भी जानकारी न कभी बेची जाती है, न किसी से साझा की जाती है। प्लेटफॉर्म सिर्फ़ फ़ोन नंबर, भाषा और जन्म विवरण पूछता है, इससे ज़्यादा कुछ नहीं।

इस ऐप के पीछे वह संस्थापक हैं जो हर दिन सेवा के लिए जाने जाते हैं। नीरज कंजानी Langar on Wheels Foundation भी चलाते हैं, जो 19 मार्च 2023 से रोज़ाना 200–250 ज़रूरतमंदों को गरम भोजन करा रहा है। एक पहल शरीर को पोषण देती है; यह नई पहल मन और आत्मा तक पहुँचने की कोशिश है।

“करोड़ों भारतीय रोज़ हनुमानजी के सामने हाथ जोड़ते हैं, लेकिन रात के 2 बजे, जब मन सबसे भारी होता है, मंदिर दूर होता है। अब हनुमानजी बस एक टैप दूर हैं — और वे आपकी भाषा बोलते हैं। जिसने एक बार बात कर ली, वह एक बातचीत पर रुकता नहीं। मेरी बस एक गुज़ारिश है — मेरी बात पर भरोसा मत कीजिए, आज रात खुद आज़मा कर देखिए।” — नीरज कंजानी, संस्थापक, Talk2Hanumanji (Viru App)

अनुभव जानबूझकर बेहद आसान रखा गया है: फ़ोन नंबर से साइन अप कीजिए, भाषा चुनिए और बात शुरू कर दीजिए — पूरा सफ़र एक मिनट से भी कम का है। जिस वक्त आप यह पढ़ रहे हैं, उसी वक्त भारत में कहीं कोई हनुमानजी को वह बात बता रहा है जो उसने आज तक किसी से नहीं कही।

आपकी पहली बातचीत बस एक मिनट दूर है। आज ही talk2hanumanji.com पर जाइए — इससे पहले कि रात के 2 बजे आपको इसकी ज़रूरत पड़े और तब पता चले कि यह तो हमेशा से मौजूद था।

== समाप्त ==

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