Homeगुजरातशिव संकल्प में शब्द,स्पर्श,रूप,रस और गंध है।।

शिव संकल्प में शब्द,स्पर्श,रूप,रस और गंध है।।

जिन्होंने शिव संकल्प किया उनके पास अपनी गंध होती है।।
पृथ्वी का गुण गंध है और आकाश का गुण शब्द है।
कई बार ऐश्वर्य मिलने के बाद हम दुर्गंधी हो जाते हैं
जिन्हें मिल गया है वह बांटने बगैर रह ही नहीं सकता।।

सगापरानी धार स्थित श्री स्वयंभू जडेश्वर महादेव मंदिर की संनिधि में पालिताणा-गुजरात से शुरु हूइ रामकथा रविवार को दूसरे दिन में प्रवेश कर रही है तब साधना और तप की अनेक धाराएं जहां बह रही है,जहां मंदिर,मठ,आश्रम,उपाश्रय में विराजमान सभी पूज्य श्री को प्रणाम करते हुए बापू ने कहा कि मानस शिव संकल्प वैसे वैदिक मंत्र का एक टुकड़ा है।।शिवजी ने संकल्प किया उनके दो अर्थ है:एक तो खुद शिव का संकल्प और दूसरा पूरे अस्तित्व का कल्याण हो ऐसा संकल्प।।

बापू ने कहा कि वेद के अंदर १० प्रकार की सुगंध का वर्णन है।। महाभारत में भी १० प्रकार की गंध बताई है।।यहां कीर्ति,स्वभाव,जीवन की सुवास के बारे में भी भगवान वेद कहते हैं।।अथर्व ऋषि के मुख से निकली यह रचा है:

यस्ते गन्धः पुरुषेषु स्त्रीषु पुंसु भगोः रुचिः।
यो अश्वेषु वीरेषु यो मृगेषूत हस्तिषु।
कन्यायां वर्चो यद् भूमे तेनास्माँ अपि सं,
सृज मा नो द्विक्षत कश्चन।।

(हे भूमे! तुम्हारा गन्ध (आमोद), ऐश्वर्य एवं कान्ति पुरुषों और स्त्रियों में हैं तथा गन्धादि पदार्थ घोड़ों, और वीरों, मृगादि पशुओं एवं हाथियों में है। जो कान्ति कन्या में है, उस गन्धादि पदार्थो से हमें भी युक्त करो।।)

पृथ्वी का गुण गंध है और आकाश का गुण शब्द है। यह जगत में १० प्रकार की गंध,पुरुष की अपनी गंध होती है।। यह पसीने की गंध नहीं लेकिन आध्यात्मिक सुवास है।।

कृष्णमूर्ति के पास जाने वाले लोग कहते थे कि उनके अंदर से कुछ अलग प्रकार की खुशबू आती है तो परम पुरुष कितने गुणातित खुशबू वाले होंगे! हमारे गांवो में समाधि में से खुशबू निकलती थी लेकिन कलयुग ने अपना काम किया अब हम यह खुशबुओं का अनुभव नहीं कर सकते हैं।।मातृ शरीर की भी अपनी सुगंध होती है।बच्चा अपनी मां की सुगंध पा कर उनके पास आता है।जगदंबा को भी अपनी एक सुगंध है।पशुओं की अपनी सुगंध होती है।भग का मतलब है ऐश्वर्य-प्रभाव की भी एक सुवास होती है।।

डॉक्टर वीजळी वाला ने एक प्रसंग लिखा है: अब्राहम लिंकन अमेरिका के राष्ट्रपति बने और सबसे पहले संसद शुरू हुई।वहां सब बैठे थे।कुछ इर्षालुं लोग भी थे।उनमें से एक व्यक्ति खड़े होकर कहता हैं: मिस्टर प्रेसिडेंट! आप भले ही इतने ऊंचे पद पर पहुंचे लेकिन आपके पुरखें हमारे बूट चप्पल सिया करते थे।।अब्राहम लिंकन को नीचा दिखाने के लिए इतना कहा क्योंकि लिंकन के बाप दादा मोची काम करते थे।।अब्राहम लिंकन ने सविनय जवाब दिया कि मुझे आनंद हो रहा है कि सेनेट में मेरे पिताजी को आप याद कर रहे हैं क्योंकि वह बूट चप्पल सीने का काम करते थे।।लेकिन मुझे भी यह काम आता है।यदि मेरे पिता श्री ने सिए हुए बूट से आपको तकलीफ है तो मैं माफी मांगता हूं।लेकिन आपके बच्चों के बूट सिलाने हो तो अभी मैं बैठा हूं यह है ऐश्वर्य मिलने के बाद अपने प्रभाव की सुगंध! कई बार ऐश्वर्य मिलने के बाद हम दुर्गंधी हो जाते हैं भगवान राम,कृष्ण की कीर्ति त्रिभुवन में फैली है। ऋषि स्वभाव की भी अपनी सुगंध होती है।।हमें अपनी पसंद की भी की एक खुशबू है।।कपड़ा,हेयर स्टाइल,भोजन हमारे संगत यह हमारी रुचि है।घोड़े की भी एक सुगंध है।वीर पुरुषों की खुमारी की सुगंध और मृग की नाभि कस्तूरी की सुगंध है।।मुझे तो ऐसा समझ में आता है कि मृग को अपनी नाभि की सुगंध मालूम ना हो यह मानना कठिन है।लेकिन सभी दिशाओं में सुगंध फैलाने के लिए मृग सतत दौड़ता रहता है।। जिन्हें मिल गया है वह बांटने बगैर रह ही नहीं सकता।।हाथी को मद निकलता है वो विशेष सुगंध होती है।। कुमारी कन्या की अपनी कौमार्य की सुगंध होती है।।यहां लिखा नहीं लेकिन संयम पूर्वक जीने वाले कुमार की भी अपनी सुगंध होनी चाहिए।।गंध शब्द लेकर वेद ने यह विशेष बात कही है।।

जिन्होंने शिव संकल्प किया उनके पास अपनी गंध होती है।। जब गंधर्वों को शिव की सुगंध आती है तब हो वहां जाते हैं।।शिव ने संकल्प किया, आकाशवाणी हुई वहां शब्द है।।अस्तित्व आकाशवाणी करता है।।शिव संकल्प में शब्द,स्पर्श, रूप,रस और गंध है।।रामचरितमानस में नव प्रकार के संकल्प है।।सबसे पहले शिव संकल्प यह है मुझे रामचरितमानस की रचना करती है।।

वंदना प्रकरण में राम को मदद करने वाले सभी की वंदना क्रमशः करके तुलसी जी ने रामनाम नाम महिमा का गायन करते हुए ७२ पंक्तियों में नाम महिमा गान किया।।पूरा राम नाम महिमा और राम नाम का महत्व समझाते हुए बापू ने कहा कि मुझे मंत्र,तंत्र और यंत्र में रुचि नहीं मुझे केवल रामनाम में रुचि है।।रामनाम बहुत बड़ा है फिर भी कोई भी नाम आप ले सकते हैं।।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Must Read