
ऑरेंज ओ टेक द्वारा लॉन्च किया गया हाइब्रिड प्रिंटर डिजिटल और रोटरी प्रिंटिंग के बीच की दूरी को करेगा कम
भारत में स्थापित तीन मशीनों में से दो सूरत और एक मुंबई में
सूरत, गुजरात | 22 जनवरी 2026 – भारत के टेक्सटाइल प्रिंटिंग उद्योग में एक महत्वपूर्ण तकनीकी क्रांति की शुरुआत हो चुकी है। सूरत स्थित ऑरेंज ओ टेक (Orange O Tec) द्वारा लॉन्च किए गए रॉकेट हाइब्रिड सिंगल-पास डिजिटल प्रिंटर की भारत में पहली तीन मशीनों की सफल बिक्री और स्थापना की गई है। इसके साथ ही डिजिटल और पारंपरिक रोटरी प्रिंटिंग के बीच की खाई अब काफी हद तक कम हो जाएगी।
भारत में स्थापित पहले तीन रॉकेट प्रिंटर्स बिशन प्रिंटिंग एंड वीविंग मिल्स (मुंबई), श्रीरामानुज डाइंग एंड प्रिंटिंग मिल्स (सूरत) और वैल्यू-एडेड फैशन (सूरत) में लगाए गए हैं। अग्रणी टेक्सटाइल यूनिट्स द्वारा इस तकनीक को अपनाया जाना यह दर्शाता है कि उद्योग अब अगली पीढ़ी की डिजिटल प्रिंटिंग तकनीक पर भरोसा कर रहा है।
रॉकेट प्रिंटर की सबसे बड़ी खासियत इसकी प्रतिदिन 75,000 मीटर तक की हाई-स्पीड प्रोडक्शन क्षमता है, जो डिजिटल प्रिंटिंग को पारंपरिक रोटरी प्रिंटिंग के बेहद करीब ले आती है। अब तक बड़े टेक्सटाइल मिल्स कम उत्पादन क्षमता वाले डिजिटल प्रिंटर्स के कारण संकोच करते थे, लेकिन रॉकेट के आने से बड़े स्तर पर डिजिटल प्रिंटिंग संभव हो गई है।
रॉकेट एक हाइब्रिड प्रिंटर है, जिसमें डिजिटल इंकजेट की सटीकता, रोटरी स्क्रीन जैसी उत्पादन क्षमता और इनलाइन कोटिंग टेक्नोलॉजी का संयोजन है। यह मशीन फैब्रिक कोटिंग, बाइंडिंग, फॉइल वर्क, ब्लोच इफेक्ट्स, मेटैलिक और टेक्सचर्ड फिनिश जैसी प्रीमियम एप्लिकेशन्स को एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराती है।
लागत के लिहाज से देखा जाए तो रॉकेट का प्रति मीटर खर्च रोटरी प्रिंटिंग से केवल 15–20% अधिक है, लेकिन कम निवेश, कम जगह की जरूरत, कम मजदूर और लगभग शून्य वेस्टेज जैसे फायदे इसे अधिक लाभकारी बनाते हैं। डिजिटल प्रिंटिंग से डिमांड के अनुसार उत्पादन संभव होता है, जिससे 7–8% तक होने वाली वेस्टेज की समस्या खत्म हो जाती है।
पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी रॉकेट एक महत्वपूर्ण कदम है। इसमें पानी की खपत कम होती है, प्रदूषण घटता है और पानी का रीसाइक्लिंग आसान होता है, जिससे उद्योग को ESG लक्ष्यों की ओर बढ़ने में मदद मिलती है।
ऑरेंज ओ टेक का मजबूत आफ्टर-सेल्स नेटवर्क, स्पेयर पार्ट्स की आसान उपलब्धता और ग्राहक-केंद्रित दृष्टिकोण इस तकनीक को अपनाने में अहम भूमिका निभाते हैं। कंपनी जल्द ही इंटीग्रेटेड CRM और AI आधारित सपोर्ट मोबाइल ऐप लॉन्च करने की योजना भी बना रही है।
उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि रॉकेट प्रिंटर पारंपरिक सिस्टम की गति और डिजिटल टेक्नोलॉजी के संयोजन के साथ भारतीय टेक्सटाइल उद्योग को एक नई दिशा देगा।
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