
अहमदाबाद, गुजरात | 30 अप्रैल 2026 — अंबाजी में वंचित बच्चों के कल्याण के लिए कार्यरत सामाजिक संस्था श्री शक्ति सेवा केंद्र ने 1 मई को गुजरात स्थापना दिवस के अवसर पर ‘बाल भिक्षा मुक्त गुजरात’नामक राज्यव्यापी जागरूकता अभियान शुरू करने की घोषणा की है।
इस अभियान का उद्देश्य केवल सहानुभूति तक सीमित न रहकर समाज में स्थायी बदलाव लाना है, जिसमें भिक्षावृत्ति में शामिल बच्चों के लिए शिक्षा और पुनर्वास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। अभियान की घोषणा गुरुवार को अहमदाबाद के वैष्णो देवी सर्कल के पास स्थित श्री शक्ति कन्वेंशन सेंटर में की गई। इस कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्य व्यक्ति और सामाजिक अग्रणी उपस्थित रहे।
अभियान का मुख्य संदेश है कि हर बच्चे को सड़क नहीं, बल्कि कक्षा मिलनी चाहिए। श्री शक्ति सेवा केंद्र विभिन्न जन-जागरूकता पहलों के माध्यम से नागरिकों को बच्चों को भिक्षावृत्ति से शिक्षा और सम्मानजनक जीवन की ओर ले जाने में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित करना चाहती है।
अभियान के तहत, गुजरात के 66वें स्थापना दिवस के अवसर पर राज्यभर से 66 प्रमुख हस्तियाँ, जिनमें पेशेवर, उद्योगपति और सार्वजनिक जीवन से जुड़े लोग शामिल हैं, 20-30 सेकंड के वीडियो संदेश साझा करेंगी। ये संदेश सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म पर जारी किए जाएँगे, और इनके माध्यम से जनता से इस पहल का समर्थन करने तथा सकारात्मक बदलाव का हिस्सा बनने का आह्वान किया जाएगा।
इस अवसर पर संस्था की संस्थापक श्रीमती उषा अग्रवाल ने कहा, “यह हमारे लिए एक आध्यात्मिक यात्रा रही है। हमने कुछ बच्चों की मदद करने के छोटे से प्रयास से शुरुआत की थी, लेकिन आज यह कई जिंदगियों को छूने वाला अभियान बन चुका है। इन वर्षों में, हमने ऐसे बच्चों को देखा है जो कभी सड़कों पर भीख मांगते थे, पर आज उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं और सफल पेशेवर तथा खिलाड़ी बने हैं। ये उदाहरण बताते हैं कि जब समाज आगे बढ़कर जिम्मेदारी लेता है, तो बदलाव संभव होता है।”
उन्होंने आगे कहा, “हम मानते हैं कि हर बच्चे को सीखने, आगे बढ़ने और सपने देखने का अधिकार है। ‘बाल भिक्षा मुक्त गुजरात’ अभियान के माध्यम से हम एक सामूहिक आंदोलन की शुरुआत करना चाहते हैं, ताकि कोई भी बच्चा भिक्षा मांगने के लिए मजबूर न हो। हम लोगों से अपील करते हैं कि वे अपनी क्षमता के अनुसार इस प्रयास में योगदान दें, चाहे शिक्षा का समर्थन करके, जागरूकता फैलाकर या भिक्षा देने को बढ़ावा न देकर। । हमारा उद्देश्य ‘भिक्षा’ से ‘शिक्षा’ की ओर बदलाव लाना है।”अब तक हमें जो समर्थन मिला है, वह हमारे लिए बहुत ही उत्साहवर्धक रहा है।”
श्री शक्ति सेवा केंद्र वर्ष 2011 से अंबाजी में कार्यरत है और अब तक 200 से अधिक बच्चों को आश्रय, पोषण और शिक्षा उपलब्ध करा चुका है। एक छोटे प्रयास के रूप में शुरू हुई यह पहल अब एक सुदृढ़ और संरचित व्यवस्था में विकसित हो चुकी है, जो बच्चों में आत्मविश्वास और आकांक्षाओं को विकसित करती है।
संस्था की एक उल्लेखनीय पहल गुजरात की पहली आदिवासी बालिका बैगपाइपर बैंड का गठन है, जिसमें वे बच्चे शामिल हैं जो कभी भिक्षावृत्ति में शामिल थे। इस बैंड ने प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और अन्य गणमान्य व्यक्तियों के समक्ष प्रस्तुति दी है, जो उनके जीवन में आए सकारात्मक परिवर्तन का प्रतीक है। कार्यक्रम में संस्था से जुड़े बच्चे, जिनमें बैंड के सदस्य भी शामिल थे, उपस्थित रहे।
बच्चों के साथ काम करने के अलावा, संस्था ने महिला सशक्तिकरण पर भी विशेष ध्यान दिया है और 350 से अधिक महिलाओं को सिलाई, दीया बनाने और अगरबत्ती बनाने जैसे कौशलों के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाया है।
संस्था भविष्य में और अधिक बच्चों तक पहुंचने के लिए प्रतिबद्ध है। साथ ही, महिलाओं को सशक्त बनाना भी इसके कार्य का प्रमुख हिस्सा बना रहेगा। संस्था थराद और (नाम) में नए प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने की दिशा में काम कर रही है, जिससे अधिक महिलाएं आर्थिक रूप से स्वतंत्र बन सकें।
‘बाल भिक्षा मुक्त गुजरात’ अभियान के माध्यम से श्री शक्ति सेवा केंद्र एक व्यापक जन आंदोलन को प्रोत्साहित करना चाहता है। संस्था का लक्ष्य है की सामूहिक प्रयासों के माध्यम से एक ऐसा गुजरात बनाया जाए, जहां कोई भी बच्चा पीछे न रह जाए।

