
मुंबई | 09 जुलाई 2026 | SBI फंड्स मैनेजमेंट लिमिटेड ने अपने पहले इनिशियल पब्लिक ऑफर (IPO) के लिए प्रति शेयर 545 रुपए से 574 रुपए का प्राइस बैंड तय किया है। इसके एक शेयर की फेस वैल्यू 1 रुपए है।
कंपनी का यह आईपीओ (IPO या ऑफर) आम निवेशकों के सब्सक्रिप्शन के लिए मंगलवार, 14 जुलाई 2026 को खुलेगा और गुरुवार, 16 जुलाई 2026 को बंद होगा। निवेशक कम से कम 26 शेयरों के लिए बोली लगा सकते हैं। इसके बाद 26 के मल्टीपल्स में ही बोली लगाना होगा।
यह IPO पूरी तरह से ऑफर-फॉर-सेल (OFS) है। इसके तहत 1 रुपए की फेस वैल्यू वाले 20,37,09,239 इक्विटी शेयर बेचे जाएंगे। एंकर इन्वेस्टर्स के लिए बोली लगाने की शुरुआत और समाप्ति सोमवार, 13 जुलाई 2026 को होगी।
साल 1992 में शुरू हुई यह कंपनी देश की सबसे बड़ी एसेट मैनेजमेंट कंपनी (AMC) यानी म्यूचुअल फंड कंपनी है। मार्च तिमाही के औसत म्यूचुअल फंड एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (QAAUM) के मामले में यह नंबर वन पर है।
31 मार्च 2026 तक कंपनी का QAAUM 12,509.98 बिलियन रुपए था और म्यूचुअल फंड मार्केट में इसकी हिस्सेदारी 15.3% थी। मार्च 2021 से कंपनी लगातार इस नंबर वन पोजीशन पर बनी हुई है।
अगर इसके पोर्टफोलियो मैनेजमेंट सर्विसेज (PMS) और दूसरी सलाहकारी सेवाओं को भी जोड़ लें, तो 31 मार्च 2026 तक इसका कुल QAAUM 29,461.05 बिलियन रुपए था। यह भारत की सबसे पुरानी AMC है, जो SBI म्यूचुअल फंड के लिए इन्वेस्टमेंट मैनेजर के तौर पर काम करती है।
SBI म्यूचुअल फंड ने जून 1987 में काम शुरू किया था और यह यूनिट ट्रस्ट ऑफ इंडिया (UTI) के बाहर देश की पहली म्यूचुअल फंड संस्था थी (सोर्स: क्रिसिल रिपोर्ट, पैराग्राफ 1, पेज 216)।
यह कंपनी भारत की सबसे बड़ी पैसिव (एक्सचेंज ट्रेडेड फंड यानी ETF और इंडेक्स फंड्स) एसेट मैनेजर भी है। 31 मार्च 2026 तक इसका पैसिव QAAUM 4,055.26 बिलियन रुपए था, जो कुल मार्केट का 27.9% है। मार्च 2021 से कंपनी इस मामले में लीडर बनी हुई है (सोर्स: क्रिसिल रिपोर्ट, पैराग्राफ 1, पेज 210)।
31 मार्च 2024 से 31 मार्च 2026 के बीच कंपनी का कुल QAAUM 14.22% की सालाना चक्रवृद्धि दर (CAGR) से बढ़ा है, जबकि इसी दौरान इसका म्यूचुअल फंड QAAUM 16.97% की सालाना दर (CAGR) से बढ़ा है। वहीं कंपनी का इक्विटी , इक्विटी-ओरिएंटेड और इक्विटी-हाइब्रिड (आर्बिट्राज को छोड़कर और विदेशी फंड ऑफ फंड्स को मिलाकर) QAAUM इसी अवधि के दौरान 21.79% की सालाना दर (CAGR) से बढ़ा है।
कंपनी को 1993 में सेबी से एसबीआई म्यूचुअल फंड के एसेट मैनेजमेंट के तौर पर काम करने की मंजूरी मिली थी। साल 2004 में यह कंपनी एक जॉइंट वेंचर बन गई, जब सोसिएते जेनेराले एसेट मैनेजमेंट S.A. (Société Générale Asset Management S.A.) ने कंपनी में 37% हिस्सेदारी खरीदी थी।
इसके बाद 2011 में जब क्रेडिट एग्रीकोल और सोसिएते जेनेराले के एसेट मैनेजमेंट बिजनेस का विलय हुआ, तो अमुंडी एसेट मैनेजमेंट की पूर्ण स्वामित्व वाली सब्सिडियरी कंपनी अमुंडी इंडिया होल्डिंग ने सोसिएते जेनेराले एसेट मैनेजमेंट S.A. वाली हिस्सेदारी खरीद ली और यह जॉइंट वेंचर के रूप में काम करती रही।
कंपनी के प्रमोटर्स स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI), अमुंडी इंडिया होल्डिंग और अमुंडी एसेट मैनेजमेंट हैं।
इस ऑफर के बुक-रनिंग लीड मैनेजर्स कोटक महिंद्रा कैपिटल कंपनी लिमिटेड, एक्सिस कैपिटल लिमिटेड, बोफा सिक्योरिटीज इंडिया लिमिटेड, एचएसबीसी सिक्योरिटीज एंड कैपिटल मार्केट्स (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड, ICICI सिक्योरिटीज लिमिटेड, जेफरीज इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, जेएम फाइनेंशियल लिमिटेड, मोतीलाल ओसवाल इन्वेस्टमेंट एडवाइजर्स लिमिटेड और SBI कैपिटल मार्केट्स लिमिटेड हैं। वहीं केफिन टेक्नोलॉजीज लिमिटेड इस ऑफर की रजिस्ट्रार है।
यह ऑफर बुक-बिल्डिंग प्रोसेस के जरिए लाया जा रहा है। इसमें नेट ऑफर का ज्यादा से ज्यादा 50% हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए रिजर्व है। वहीं कम से कम 15% हिस्सा नॉन-इंस्टीट्यूशनल बिडर्स (NII) के लिए और कम से कम 35% हिस्सा रिटेल यानी आम व्यक्तिगत निवेशकों के लिए तय किया गया है। इसके अलावा, ऑफर में योग्य SBI शेयरधारकों, योग्य SBIFM कर्मचारियों और SBI कर्मचारियों के लिए भी कोटा रिजर्व रखा गया है। कर्मचारी रिजर्वेशन वाले हिस्से में बोली लगाने वाले योग्य SBIFM कर्मचारियों और SBI कर्मचारियों को प्रति शेयर 54 रुपए का डिस्काउंट दिया जा रहा है।
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