
कृष्ण का अभिषेक आंसू से होता है,गदगद गिरा से होता है।।
हूकम करो मगर ‘हूं’ कम करो!
श्रेष्ठ की रक्षा उनकी मां करती है।
सेवक स्वामी की रक्षा करता है।।
हनुमान ने राम की रक्षा की है।
हमारे गुरु की कृपा हमारी रक्षा करती है।।
परमात्मा के शब्द,स्पर्श,रूप,रस,गंध हमारी रक्षा करता है।।
आठवें दिन के संवाद में प्रवेश से पूर्व सभी को जन्माष्टमी के दिन पर बापू ने बहुत बधाइयां देते हुए कहा परात्पर ब्रह्म,पूर्णावतार ब्रह्म,शुध्धावतार जो प्रभु ने साधुओं के परित्राण के लिए अवतार लिया है सनातन धर्म जहां है कोई घर ऐसा नहीं होगा जहां कृष्ण जन्म का उत्सव और उत्साह नहीं होगा।। सभी को त्रिभुवनीय जन्माष्टमी की बहुत बधाई हो बापू ने आज गोपी गीत का टुकड़ा उठाते हुए कहा कि आज मुझे कृष्ण के बारे में थोड़ा बोलने दो! जो साक्षात परम नारायण है।।हमारी परंपरा सभ्यता में 11 नारायण है:आदि नारायण,लक्ष्मी नारायण,बद्री नारायण,नर नारायण,राम नारायण,शिव नारायण, सूर्य नारायण,सत्यनारायण,हनुमान नारायण,गणेश नारायण और दुर्गा नारायण है।।
बहुधा शिवजी का अभिषेक गंगाजल से होता है, यदि यह जल उपलब्ध न हो तो किसी भी जल से कर सकते हैं।राम का अभिषेक मॉं कौशल्या जी ने सरयू के जल से किया है।।कृष्ण का अभिषेक आंसू से होता है। गदगद गिरा से होता है।।
और उसे अथ से इति कोई एक नवल कथा मैंने जिंदगी में पढी है तो वह गुजराती के हरिन्द्र दवे की ‘माधव क्या है नथी मधुबन मां’ वहां मैंने कहा था: हूकम करो मगर ‘हूं’ कम करो! कृष्ण अकेला नहीं आया पूरा व्रज पूरा स्वर्ग लेकर आया है।।
एक छोटी बेटी ने प्रश्न पूछा कि राम सब की रक्षा करते हैं लेकिन राम की रक्षा कौन करता है? कृष्ण के पूरे ब्रजमंडल की रक्षा की और गिरिराज की लीला करके जब घर आया तो मां यशोदा ने कृष्ण को गोद में ले लिया! और कहती है मैं कृष्ण की रक्षा करती हूं।। श्रेष्ठ की रक्षा उनकी मां करती है। दूसरा सेवक स्वामी की रक्षा करता है।। हनुमान ने राम की रक्षा की है कभी-कभी छोटे भाई लक्ष्मण ने राम की रक्षा की है।। कभी धर्मपत्नी भी ईश्वर की रक्षा करते हैं।। सन्नारी भी रक्षा करती है।। झांसी की रानी ने सब की रक्षा की।।
बालकांड भोजन शाला है। अयोध्या कांड धर्मशाला है और अरण्कांड पर्णशाला है। किष्किंधा कांड व्यायाम शाला है।सुंदरकॉंड पाठशाला है। लंकाकॉंड प्रयोगशाला है।उत्तरकॉंड गौशाला है।।
हमारे गुरु की कृपा हमारी रक्षा करती है।।
आज भुशुंडि जी की अदा से बहूत संक्षिप्त में बाकी के सभी कॉंड का विहंगावलोकन का गान करते हुए मुख्य विषयों को स्पर्श करते हुए राम राज्याभिषेक तक कल प्रसंग को पहुंचायेगे और कल रामकथा का विराम का दिन है,उप संहारक सूत्र की कथा सुबह ९ से ११ तक चलेगी।।

