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ISAR 2026: बांझपन पर 30वां वार्षिक सम्मेलन, डॉ. आर. जी. पटेल के नेतृत्व में

अहमदाबाद, गुजरात | 19 फरवरी 2026 — इंडियन सोसाइटी फॉर असिस्टेड रिप्रोडक्शन (ISAR) का 30वां वार्षिक सम्मेलन ISAR 2026, 20 से 22 फरवरी तक अहमदाबाद में आयोजित हो रहा है। यह सम्मेलन ISAR की गुजरात शाखा द्वारा आयोजित किया जा रहा है। देश-विदेश से बांझपन और प्रजनन चिकित्सा के विशेषज्ञ इसमें भाग लेंगे।

सम्मेलन में 3,000 से अधिक प्रतिनिधियों और 800 से ज्यादा राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों के शामिल होने की संभावना है। इनमें स्त्री रोग विशेषज्ञ, IVF विशेषज्ञ, एम्ब्रियोलॉजिस्ट, शोधकर्ता और वैज्ञानिक शामिल होंगे।

सम्मेलन में वैज्ञानिक कार्यक्रम के तहत प्रतिष्ठित व्याख्यान, विशेषज्ञ पैनल चर्चा, बहस और व्यावहारिक कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी। इसमें खास तौर पर असिस्टेड रिप्रोडक्शन (बांझपन)और IVF तकनीकों में नई प्रगति पर चर्चा होगी।

आयोजन अध्यक्ष डॉ. आर.जी. पटेल ने कहा कि बदलती जीवनशैली, देर से विवाह, काम का तनाव और विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं के कारण बांझपन के मामले बढ़ रहे हैं। ऐसे में डॉक्टरों के लिए नई और प्रमाणित चिकित्सा पद्धतियों की जानकारी रखना जरूरी है। ISAR 2026 ज्ञान साझा करने और बेहतर मरीज-केंद्रित इलाज को बढ़ावा देने का महत्वपूर्ण मंच बनेगा।

उन्होंने बताया कि सम्मेलन में फर्टिलिटी प्रिजर्वेशन, देर से माता-पिता बनने की योजना के लिए एग फ्रीजिंग और नई, अधिक सटीक व कम खर्चीली IVF तकनीकों पर विशेष जोर दिया जाएगा, जिससे बेहतर परिणाम मिल सकें।

आयोजन समिति
• आयोजन अध्यक्ष – डॉ. आर. जी. पटेल
• सह-अध्यक्ष – डॉ. मेहुल दामाणी
• सचिव – डॉ. जितेन्द्र प्रजापति एवं डॉ. धर्मेश कापड़िया
• कोषाध्यक्ष – डॉ. मुकेश पटेल
• अध्यक्ष – डॉ. अमीत पाटकी
• अध्यक्ष-निर्वाचित – डॉ. सुनीता तंदुलवाडकर
सनफ्लावर हॉस्पिटल के सीएमओ अशोक पटेल ने पूरे प्रोग्राम को कोऑर्डिनेट करने में भूमिका निभाई।

ISAR 2026 का मकसद क्लिनिकल एक्सीलेंस को मज़बूत करना, मिलकर सीखने को बढ़ावा देना और इनफर्टिलिटी केयर में समय पर जागरूकता और दखल को बढ़ावा देना है। कॉन्फ्रेंस में हिस्सा लेने वाले एक्सपर्ट इस बात पर भी बात करेंगे कि कैसे शुरुआती काउंसलिंग और सही इलाज से माता-पिता बनने की चाह रखने वालों को नई उम्मीद मिल सकती है, जिससे देश भर में रिप्रोडक्टिव (बांझपन) मेडिसिन को आगे बढ़ाने के लिए ISAR का कमिटमेंट और मज़बूत होगा।

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