
कंपनी ₹1,347.84 लाख जुटाकर नए प्लांट और मशीनरी के लिए करेगी पूंजी निवेश
गुजरात, जामनगर | 03 सितंबर 2025: जामनगर स्थित ब्रास और कॉपर उद्योग की अग्रणी कंपनी क्रुपालु मेटल्स लिमिटेड ने अपनी वृद्धि और उत्पादन क्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) SME प्लेटफॉर्म पर अपना इनिशियल पब्लिक ऑफर (IPO) जारी करने की घोषणा की है। यह फिक्स्ड प्राइस इश्यू के माध्यम से कंपनी ₹1,347.84 लाख जुटाने की योजना रखती है। IPO के लिए सब्सक्रिप्शन 8 सितम्बर 2025 से 10 सितम्बर 2025 तक खुला रहेगा।
IPO की प्रमुख जानकारियाँ:
कुल 18,72,000 इक्विटी शेयर जारी किए जाएंगे।
प्रति शेयर मूल्य ₹72 होगा।
फेस वैल्यू ₹10 रहेगी।
इश्यू के बाद कंपनी की कुल इक्विटी कैपिटल ₹587.20 लाख होगी।
प्रमोटर्स की हिस्सेदारी घटकर 31.88% रह जाएगी।
न्यूनतम लॉट साइज: 1,600 शेयर (₹1,15,200 का निवेश)।
इश्यू में 50% रिटेल निवेशकों और 50% नॉन-रिटेल निवेशकों के लिए आरक्षित रहेगा, साथ ही कुछ हिस्सा मार्केट मेकर के लिए।
कंपनी की विकास यात्रा:
स्थापना: वर्ष 2009, श्री जगदीश परसोतामभाई कटारिया द्वारा।
प्रारंभ: “क्रुपालु इंजीनियरिंग सर्विसेज प्रा. लि.”।
मैन्युफैक्चरिंग प्लांट: 10,532 वर्ग फुट, जामनगर।
उत्पाद: ब्रास और कॉपर शीट्स, स्ट्रिप्स और कस्टमाइज्ड कम्पोनेंट्स।
प्रमाणन: ISO 9001:2015।
वित्तीय प्रदर्शन (पिछले 3 वर्षों में):
राजस्व: ₹3,357.94 लाख (FY 2023) से बढ़कर ₹4,849.59 लाख (FY 2025)।
शुद्ध लाभ (PAT): ₹41.85 लाख से बढ़कर ₹215.09 लाख।
EBITDA मार्जिन: 3.20% से बढ़कर 7.65%।
RoNW: 35.12% (FY 2025)।
ये आंकड़े कंपनी की वित्तीय स्थिरता और शेयरधारकों को मजबूत रिटर्न देने की क्षमता दर्शाते हैं।
लीडरशिप का अभिमत:
कंपनी के प्रमोटर और मैनेजिंग डायरेक्टर श्री जगदीश कटारिया ने कहा: “यह IPO हमारी कंपनी की विकास यात्रा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। निवेशकों के सहयोग से हम तकनीकी उन्नयन कर सकेंगे, उत्पादन क्षमता बढ़ा सकेंगे और घरेलू एवं अंतरराष्ट्रीय बाजारों में बढ़ती मांग को पूरा कर सकेंगे।”
उद्योग परिदृश्य और भविष्य:
भारत सरकार की “मेक इन इंडिया” पहल से ब्रास और कॉपर उद्योग में तेजी।
इन्फ्रास्ट्रक्चर और विद्युतीकरण परियोजनाओं से मांग में वृद्धि।
IPO लिस्टिंग के बाद कंपनी को मिलेगा:
अधिक दृश्यता,
बेहतर पूंजी जुटाने की सुविधा,
और मजबूत कॉर्पोरेट गवर्नेंस।
क्रुपालु मेटल्स लिमिटेड का IPO केवल पूंजी जुटाने का प्रयास नहीं है, बल्कि कंपनी को नई तकनीक, उत्पादन विस्तार और अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रतिस्पर्धात्मक स्थान दिलाने की दिशा में एक सशक्त कदम है।

