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ओएनजीसी मेहसाणा एसेट का ऊर्जा सुरक्षा में अहम योगदान, उत्पादन 96.03 मिलियन मीट्रिक टन के पार

मेहसाणा, गुजरात | 13 अक्टूबर 2026 | ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉरपोरेशन लिमिटेड (ओएनजीसी) के मेहसाणा एसेट ने 13 अक्टूबर को आयोजित प्रेस वार्ता में देश की ऊर्जा सुरक्षा में अपने योगदान के साथ तकनीकी नवाचार, सामाजिक विकास और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में की गई पहलों की जानकारी दी।

ओएनजीसी का मेहसाणा एसेट देश के प्रमुख ऑनशोर तेल उत्पादक क्षेत्रों में शामिल है। यह 10 बड़े और 11 छोटे तेल क्षेत्रों में काम करता है। वर्ष 2026 तक यहां से कुल 96.03 मिलियन मीट्रिक टन से अधिक कच्चे तेल का उत्पादन हो चुका है। यह ओएनजीसी के कुल ऑनशोर तेल उत्पादन में एक-तिहाई से अधिक का योगदान देता है।

मेहसाणा एसेट के पास 11 ड्रिलिंग रिग, 39 इंस्टॉलेशन कॉम्प्लेक्स, 20 वर्कओवर रिग और करीब 4,700 किलोमीटर लंबा पाइपलाइन नेटवर्क है। इसे एन्हांस्ड ऑयल रिकवरी (ईओआर) के प्रमुख केंद्र के रूप में पहचान मिली है। यहां इन-सीटू कम्बशन तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। साथ ही, रासायनिक तकनीकों के जरिए तेल उत्पादन बढ़ाने के क्षेत्र में भी यह देश के अग्रणी केंद्रों में शामिल है। इन तकनीकों से हल्के से लेकर भारी कच्चे तेल के उत्पादन और पुराने तेल भंडारों से लगातार उत्पादन बनाए रखने में मदद मिलती है।

स्थानीय समुदायों के विकास पर जोर

तेल उत्पादन के साथ ओएनजीसी मेहसाणा एसेट रोजगार, किसानों के कल्याण, स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा और महिला सशक्तीकरण के माध्यम से सामाजिक-आर्थिक विकास में भी योगदान दे रहा है।

वर्ष 2025 में एसेट ने प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना के तहत 85 इंटर्न और 115 अप्रेंटिस को अवसर दिए। इससे युवाओं को कौशल विकास और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के साथ तेल एवं गैस उद्योग में रोजगार पाने में मदद मिली।

किसानों को जमीन के किराये के मुआवजे के रूप में हर साल करीब 92 करोड़ रुपये का भुगतान किया जाता है। इससे लगभग 10,500 किसान लाभान्वित होते हैं।

किसानों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए ओएनजीसी मेहसाणा एसेट ने ‘खेड़ूत सहयोग केंद्र’ शुरू किया है। इसके जरिए किसान अपनी शिकायतें दर्ज करा सकते हैं और उनकी स्थिति की जानकारी भी प्राप्त कर सकते हैं।

स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए मेहसाणा एसेट ने विसनगर के जी.डी. जनरल हॉस्पिटल में एमआरआई मशीन लगाने के लिए 9.90 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता दी है। इसके अलावा, स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने, स्कूलों में शिक्षा को सहयोग देने, मेडिकल कैंप आयोजित करने, महिलाओं को व्यावसायिक प्रशिक्षण देने और कचरा प्रबंधन को बढ़ावा देने जैसी पहल भी की जा रही हैं।

पिछले तीन वर्षों में ओएनजीसी मेहसाणा एसेट ने कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) के तहत अपने खर्च में लगातार वृद्धि की है। वर्ष 2023 में करीब 10.65 करोड़ रुपये, 2024 में 14.35 करोड़ रुपये और 2025 में 22.66 करोड़ रुपये खर्च किए गए।

पर्यावरण संरक्षण के लिए पहल

ऊर्जा उत्पादन के साथ पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए भी ओएनजीसी मेहसाणा एसेट विभिन्न कदम उठा रहा है। ओएनजीसी के ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत अधिकारियों और स्थानीय लोगों की भागीदारी से पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं।

इसके अलावा, ओएनजीसी ने 121 डीज़ल बसों और ट्रकों की जगह CNG बसें मुहैया करवाई हैं। साथ ही, ग्रिड से जुड़ी 715 किलोवाट सौर ऊर्जा भी स्थापित की गई है।

तकनीकी नवाचार, जिम्मेदार ऊर्जा उत्पादन, सामुदायिक विकास और पर्यावरण संरक्षण के माध्यम से ओएनजीसी मेहसाणा एसेट देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के साथ सतत और समावेशी विकास में योगदान दे रहा है।

==समाप्त==

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