HomeगुजरातQS I-GAUGE का भारतीय शिक्षा में AI पर राष्ट्रीय शिखर सम्मेलन 20-21...

QS I-GAUGE का भारतीय शिक्षा में AI पर राष्ट्रीय शिखर सम्मेलन 20-21 अगस्त को गांधीनगर में आयोजित होगा

दो दिवसीय शिखर सम्मेलन में मंत्री, शिक्षाविद, नीति-निर्माता, प्रौद्योगिकी विशेषज्ञ और शिक्षा क्षेत्र से जुड़े हितधारक एक मंच पर एकत्र होकर जिम्मेदार, समानतापूर्ण और गुणवत्तापूर्ण AI अपनाने को आगे बढ़ाएंगे

गांधीनगर, गुजरात | 17 अगस्त 2026 | भारत की स्वतंत्र शैक्षणिक संस्थान रेटिंग एवं मूल्यांकन प्रणाली QS I-GAUGE द्वारा 20 और 21 अगस्त 2026 को गुजरात के गांधीनगर में प्रतिष्ठित नेशनल समिट ऑन AI इन इंडियन एजुकेशन का आयोजन किया जाएगा। इस दो दिवसीय शिखर सम्मेलन में शिक्षा क्षेत्र से जुड़े विभिन्न प्रमुख हितधारक एक मंच पर एकत्र होंगे।

दो दिवसीय नेतृत्व सम्मेलन का आयोजन द लीला गांधीनगर में किया जाएगा। इसमें उच्च शिक्षा एवं K-12 शिक्षा क्षेत्र के वरिष्ठ नेतृत्वकर्ता, नीति-निर्माता, उद्योग विशेषज्ञ, प्रौद्योगिकी क्षेत्र के दिग्गज और गुणवत्ता आश्वासन विशेषज्ञ हिस्सा लेंगे। कार्यक्रम की थीम “Advancing Responsible AI for Access, Equity, and Excellence” रखी गई है। शिखर सम्मेलन में भारतीय शिक्षा व्यवस्था में AI के जिम्मेदार उपयोग के लिए आवश्यक अवसरों, चुनौतियों और संस्थागत ढांचे पर व्यापक विचार-विमर्श किए जाने की उम्मीद है। कार्यक्रम के उद्घाटन दिवस पर गुजरात सरकार के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के माननीय राज्य मंत्री श्री त्रिकम्बभाई छांगा बतौर विशिष्ट अतिथि सभा को संबोधित करेंगे।

राष्ट्रीय स्तर पर रुपये10,372 करोड़ के बजटीय प्रावधान के साथ समर्थित इंडियाAI मिशन के माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों में AI को अपनाने की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है। इससे भविष्य के लिए आवश्यक कौशल की मांग भी बढ़ी है। ऐसे में शैक्षणिक संस्थानों के लिए अब केवल AI के प्रति जागरूकता और प्रयोग तक सीमित रहने के बजाय इसे संरचित एवं गुणवत्ता-केंद्रित तरीके से शिक्षा व्यवस्था में एकीकृत करना आवश्यक हो गया है।

भारत की शिक्षा व्यवस्था अभूतपूर्व स्तर पर संचालित होती है। देश में उच्च शिक्षा में लगभग 4.46 करोड़ विद्यार्थी नामांकित हैं, जबकि 14 लाख से अधिक स्कूल लगभग 24 करोड़ विद्यार्थियों को शिक्षा प्रदान करते हैं। दूसरी ओर, भारत का AI बाजार वर्ष 2027 तक 17 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है। यह स्थिति विद्यार्थियों, शिक्षकों, संकाय सदस्यों और संस्थागत नेतृत्व को AI-सक्षम भविष्य के लिए तैयार करने के बढ़ते महत्व को रेखांकित करती है।

शिखर सम्मेलन में होने वाली पैनल चर्चाओं और नेतृत्व-स्तरीय राउंडटेबल बैठकों में AI के शिक्षण, सीखने, मूल्यांकन, अनुसंधान, प्रशासन, गुणवत्ता आश्वासन, रोजगार क्षमता और विद्यार्थियों के कल्याण पर पड़ने वाले प्रभावों पर चर्चा की जाएगी।

भारतीय शिक्षा में AI पर राष्ट्रीय शिखर सम्मेलन की परिकल्पना शिक्षा जगत के नेतृत्वकर्ताओं के लिए एक ऐसे मंच के रूप में की गई है, जहां वे सामूहिक रूप से AI को अपनाने के लिए जिम्मेदार और गुणवत्ता-केंद्रित दृष्टिकोण तैयार कर सकें। संस्थानों को AI के संदर्भ में पहुंच, नैतिकता, अकादमिक ईमानदारी, डेटा संरक्षण, संकाय की तैयारी और शैक्षणिक प्रभाव को मापने जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार करना होगा,” QS I-GAUGE के प्रबंध निदेशक श्री रविन नायर ने कहा।

पहला दिन (20 अगस्त) शिक्षण, मूल्यांकन, अनुसंधान, प्रशासन और विद्यार्थी सहायता सहित विभिन्न क्षेत्रों में AI के तेजी से बढ़ते उपयोग के प्रति शैक्षणिक संस्थानों की प्रतिक्रिया पर केंद्रित होगा। कार्यक्रम में प्रो. डॉ. जगदीश एस. जोशी, कुलपति, गुजरात विश्वविद्यालय; प्रो. डॉ. भारत भास्कर, निदेशक, IIM अहमदाबाद; तथा श्री सुधीर नैन्सवती, अध्यक्ष, GLS विश्वविद्यालय विशेष संबोधन देंगे। इसके अलावा QS इंडिया के चेयर एवं QS के वाइस प्रेसिडेंट डॉ. अश्विन फर्नांडिस द्वारा QS चेयर एड्रेस भी प्रस्तुत किया जाएगा।

प्रमुख चर्चाओं में उच्च शिक्षा में AI का लोकतांत्रिकीकरण और समान पहुंच सुनिश्चित करना, लागत का प्रबंधन एवं डेटा सुरक्षा, AI के माध्यम से शिक्षण को बेहतर बनाना, अकादमिक ईमानदारी एवं मानवीय निर्णय क्षमता को बनाए रखना तथा स्नातकों को AI-संचालित कार्यबल के लिए तैयार करना शामिल होगा।

पहले दिन का समापन वैलेडिक्टरी एवं QS I-GAUGE अवॉर्ड समारोह के साथ होगा। इस अवसर पर शैक्षणिक एवं शिक्षा क्षेत्र में उत्कृष्टता के लिए QS I-GAUGE द्वारा रेटिंग प्राप्त 90 से अधिक संस्थानों को सम्मानित किया जाएगा।

दूसरा दिन (21 अगस्त) स्कूली शिक्षा में AI के एकीकरण पर केंद्रित होगा, जिसमें बच्चों और युवा विद्यार्थियों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। चर्चाओं में AI-संचालित गुणवत्ता आश्वासन, स्कूलों में सतत AI अपनाने, विद्यार्थी कल्याण, शिक्षकों की तैयारी, मूल्यांकन प्रणाली में पुनर्रचना, अभिभावकों का विश्वास, डेटा गोपनीयता और संस्थागत AI प्रशासन जैसे विषयों पर विचार-विमर्श किया जाएगा।

राउंडटेबल चर्चाओं में AI-सक्षम वातावरण में भविष्य के लिए तैयार स्कूलों की भूमिका तथा सुरक्षित, नैतिक और जिम्मेदार AI अपनाने के लिए प्रभावी नीतियां तैयार करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इस प्रकार शिखर सम्मेलन का उद्देश्य केवल AI टूल्स के उपयोग को बढ़ाने की चर्चा तक सीमित न रहकर संस्थागत तैयारी, मजबूत प्रशासन, गुणवत्ता आश्वासन, समावेशी पहुंच और मापनीय शैक्षणिक परिणामों के निर्माण की दिशा में चर्चा को आगे बढ़ाना है।

दो दिनों तक चलने वाले संवाद के माध्यम से QS I-GAUGE का उद्देश्य शिक्षा क्षेत्र से जुड़े सभी हितधारकों के बीच इस बात की साझा समझ विकसित करना है कि भारत किस प्रकार AI का उपयोग शैक्षणिक उत्कृष्टता को बढ़ावा देने वाले माध्यम के रूप में कर सकता है, साथ ही इस परिवर्तन के केंद्र में समानता, नैतिकता, मानवीय निर्णय क्षमता और विद्यार्थियों के कल्याण को बनाए रखा जा सके।

== समाप्त ==

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Must Read