
अहमदाबाद, गुजरात | 01 फरवरी 2026 — केंद्रीय बजट 2026–27 उद्यमियों और एमएसएमई क्षेत्र के लिए एक भरोसेमंद और उत्साहजनक संकेत है, जो भारत की विकास यात्रा में उनकी निर्णायक भूमिका को स्पष्ट रूप से सामने रखता है।
श्रुति अग्रवाल, सह-संस्थापक, स्टैशफिन का कहना है, “औपचारिक ऋण तक पहुंच को सुदृढ़ करने, तरलता बढ़ाने और वित्तीय तंत्र को सरल बनाने के माध्यम से यह बजट छोटे व्यवसायों से जुड़ी उन चुनौतियों को संबोधित करता है, जो लंबे समय से उनकी प्रगति में बाधा बनी हुई थीं।“ डिजिटल एकीकरण पर विशेष जोर वित्त तक पहुंच को अधिक सहज बनाता है और एक पारदर्शी, प्रभावी तथा उद्यमी-अनुकूल इकोसिस्टम के निर्माण को गति देता है, जो नवाचार और उद्यमशीलता को प्रोत्साहित करता है।
यह दृष्टिकोण एक समावेशी और सशक्त अर्थव्यवस्था की मजबूत नींव रखता है, जहां हर आकार के उद्यम स्पष्ट दिशा और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ सकें। एक स्थिर और पूर्वानुमेय वित्तीय वातावरण तैयार कर तथा औपचारिक अर्थव्यवस्था में भागीदारी का विस्तार करके यह बजट उद्यमियों को सतत विकास की ओर बढ़ने, रोजगार सृजन को बढ़ावा देने और आर्थिक प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान देने के लिए सक्षम बनाता है। कुल मिलाकर, यह दीर्घकालिक विकास और साझा समृद्धि को आगे बढ़ाने वाले एक जीवंत, अवसर-प्रधान इकोसिस्टम के निर्माण की स्पष्ट मंशा को दर्शाता है।
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