
- पीएम–सेतु के तहत सूरत आईटीआई क्लस्टर के लिए ₹240.18 करोड़ के स्ट्रेटेजिक इन्वेस्टमेंट प्लान को मंजूरी मिली
- एएम/एनएस इंडिया और नामटेक मिलकर सूरत क्षेत्र के पांच सरकारी आईटीआई का उद्योग–आधारित कायाकल्प करेंगे
- 25,000 से अधिक युवाओं को भविष्य के अनुकूल ट्रेनिंग, अप्रेंटिसशिप और रोजगार के अवसर मिलेंगे
सूरत, गुजरात | 07 जुलाई 2026 | आर्सेलरमित्तल निप्पॉन स्टील इंडिया (एएम/एनएस इंडिया) को भारत सरकार की प्रमुख योजना ‘प्रधानमंत्री स्किलिंग एंड एम्प्लॉयबिलिटी ट्रांसफॉर्मेशन थ्रू अपग्रेडेड आईटीआई‘ (पीएम–सेतु) के तहत सूरत आईटीआई क्लस्टर के लिए एंकर इंडस्ट्री पार्टनर के रूप में चुना गया है। कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय (एमएसडीई) की अध्यक्षता वाली राष्ट्रीय संचालन समिति ने इसके लिए स्ट्रेटेजिक इन्वेस्टमेंट प्लान (एसआईपी) को मंजूरी दे दी है।
यह मंजूरी ऐसे समय में आई है जब भारत सरकार ने देश भर में चुने गए सभी 200 आईटीआई क्लस्टरों में पीएम–सेतु योजना को लागू करने की मंजूरी दे दी है। यह कदम उद्योग–आधारित साझेदारियों के माध्यम से भारत के वोकेशनल एजुकेशन तंत्र को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा बदलाव लाएगा।
गुजरात में, स्वीकृत सूरत क्लस्टर में सरकारी आईटीआई सूरत ‘हब इंस्टीट्यूट‘ के रूप में काम करेगा, जिसे चार ‘स्पोक इंस्टीट्यूट्स‘ सहयोग देंगे, जिनमें सरकारी आईटीआई हजीरा, सरकारी आईटीआई बारडोली, सरकारी आईटीआई सचिन और सरकारी आईटीआई सूरत (महिला) का समावेश है। इस स्ट्रेटेजिक इन्वेस्टमेंट प्लान के लिए पांच वर्षों में ₹240.18 करोड़ के खर्च को मंजूरी दी गई है।
एएम/एनएस इंडिया इस परियोजना को न्यू एज मेकर्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (नामटेक) के साथ मिलकर लागू करेगी। यह साझेदारी औद्योगिक विशेषज्ञता और शैक्षणिक श्रेष्ठता को एक साथ लाएगी ताकि भारत के मैन्युफैक्चरिंग और औद्योगिक विकास के लक्ष्यों के अनुसार भविष्य के लिए तैयार वर्कफोर्स तैयार किया जा सके।
इस मंजूरी पर टिप्पणी करते हुए एएम/एनएस इंडिया के डायरेक्टर और वाइस प्रेसिडेंट – एचआर एवं एडमिनिस्ट्रेशन, श्री आशुतोष तेलंग ने कहा, “पीएम–सेतु के तहत सूरत आईटीआई क्लस्टर को मिली मंजूरी गुजरात के कौशल विकास इकोसिस्टम के लिए एक मील का पत्थर है। यह सरकार, उद्योग और शैक्षणिक संस्थानों के बीच सहयोग की ताकत को दर्शाती है। गुजरात में हजीरा में एएम/एनएस इंडिया का मुख्य स्टील मैन्युफैक्चरिंग प्लांट स्थित है, और हमें इस परिवर्तनकारी पहल के माध्यम से राज्य के भविष्य के वर्कफोर्स को मजबूत करने में योगदान देने पर गर्व है। जैसे–जैसे भारत का मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर बढ़ रहा है, पीएम–सेतु जैसी पहल युवाओं को कल के उद्योगों के लिए जरूरी कौशल से लैस करने और ‘विकसित भारत 2047′ के सपने को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।“
गुजरात में मिली यह मंजूरी भारत के कौशल विकास की यात्रा में एएम/एनएस इंडिया की अग्रणी भूमिका को और मजबूत करती है। पिछले महीने, एएम/एनएस इंडिया आंध्र प्रदेश में विशाखापट्टनम आईटीआई क्लस्टर के लिए एंकर इंडस्ट्री पार्टनर के रूप में पीएम–सेतु के तहत स्ट्रेटेजिक इन्वेस्टमेंट प्लान की मंजूरी पाने वाली भारत की पहली कंपनी बनी थी।
कार्यक्रम की मुख्य विशेषताएं:
|
क्लस्टर की संरचना
|
निवेश और पहुंच
|
|
शैक्षणिक और पाठ्यक्रम में बदलाव
|
मुख्य ध्यान देने वाले क्षेत्र
|
उद्योग के अनुकूल पढ़ाई
|
|
एएम/एनएस इंडिया के पास उद्योगों से जुड़ी स्किल डेवलपमेंट ट्रेनिंग देने का व्यापक अनुभव है। ओडिशा और गुजरात में आईटीआई तथा अन्य तकनीकी संगठनों के साथ साझेदारी के माध्यम से कंपनी ने 4,200 से अधिक छात्रों की मदद की है। वहीं, मेहसाणा में सरकारी आईटीआई के साथ नामटेक के आउटरीच मॉडल ने 1,800 से अधिक छात्रों को प्रशिक्षित किया है, 1,300 से अधिक नौकरी के प्रस्ताव दिलाए हैं, और वेतन में 50% तक की बढ़ोतरी सुनिश्चित की है। यह साबित करता है कि क्लस्टर-आधारित आईटीआई बदलाव को बड़े पैमाने पर सफलतापूर्वक लागू किया जा सकता है।
== समाप्त ==

