Homeगुजरातरिकॉर्डेंट ने धारा 8 के अंतर्गत पंजीकृत सूक्ष्म वित्त संस्थानों (एमएफआई) के...

रिकॉर्डेंट ने धारा 8 के अंतर्गत पंजीकृत सूक्ष्म वित्त संस्थानों (एमएफआई) के लिए समर्पित ऋण रजिस्ट्री की स्थापना की।

अहमदाबाद, गुजरात | 07 जुलाई 2026 | अग्रणी क्रेडिट जोखिम एवं ऋण वसूली (कलेक्शंस) प्लेटफॉर्म रिकॉर्डेंट ने धारा 8 के अंतर्गत पंजीकृत सूक्ष्म वित्त संस्थानों (एमएफआई) के लिए एक समर्पित क्रेडिट रजिस्ट्री शुरू की है। इसका उद्देश्य ऋण संबंधी जानकारी की पारदर्शिता बढ़ाना तथा जोखिम मूल्यांकन को और अधिक सशक्त बनाना है।

एमएफआई क्रेडिट रजिस्ट्री के माध्यम से भाग लेने वाले संस्थान एक साझा मंच पर उधारकर्ताओं के ऋण संबंधी आंकड़ों का आदान-प्रदान कर सकेंगे और उन तक पहुंच प्राप्त कर सकेंगे। इससे ऋणदाता ऋण स्वीकृति (अंडरराइटिंग) प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बना सकेंगे, उधारकर्ताओं के कुल ऋण भार की बेहतर निगरानी कर सकेंगे तथा अधिक सूचित और विवेकपूर्ण ऋण संबंधी निर्णय ले सकेंगे।

यह पहल सूक्ष्म वित्त (माइक्रोफाइनेंस) क्षेत्र में ऋण संबंधी जानकारी के आदान-प्रदान को सुदृढ़ बनाने तथा जोखिम मूल्यांकन को अधिक प्रभावी करने के प्रयासों के तहत की गई है।

वैश्विक डेटा एवं क्रेडिट एनालिटिक्स की अग्रणी कंपनी इक्विफैक्स की माइक्रोफाइनेंस इनसाइट्स रिपोर्ट (फरवरी 2026) के अनुसार, सूक्ष्म वित्त क्षेत्र का कुल बकाया ऋण पोर्टफोलियो 3.2 लाख करोड़ रुपये था, जो 10.5 करोड़ सक्रिय ऋण खातों में फैला हुआ है।

यह क्रेडिट रजिस्ट्री विशेष रूप से गैर-लाभकारी (नॉट-फॉर-प्रॉफिट) सूक्ष्म वित्त संस्थानों (एमएफआई) के लिए तैयार की गई है। यह एक साझा क्रेडिट सूचना अवसंरचना के रूप में कार्य करती है, जिसके माध्यम से भाग लेने वाले संस्थान उधारकर्ताओं से संबंधित आंकड़े अपलोड कर सकते हैं और उन तक पहुंच प्राप्त कर सकते हैं। साथ ही, इन आंकड़ों को क्रेडिट ब्यूरो की जानकारियों के साथ एकीकृत कर एकीकृत क्रेडिट रिपोर्ट के रूप में उपलब्ध कराया जाता है।

यह प्लेटफॉर्म धारा 8 के अंतर्गत पंजीकृत एमएफआई के लिए क्रेडिट दृश्यता (क्रेडिट विज़िबिलिटी) से जुड़ी एक प्रमुख चुनौती का समाधान करेगा। इसके माध्यम से ऋणदाताओं को उधारकर्ताओं के कुल ऋण दायित्व (एक्सपोज़र) और पुनर्भुगतान व्यवहार का व्यापक एवं समग्र दृष्टिकोण प्राप्त होगा। साझा क्रेडिट इतिहास संबंधी आंकड़ों तक पहुंच के माध्यम से, यह प्लेटफॉर्म भाग लेने वाले एमएफआई की पुनर्भुगतान संबंधी जानकारी को एकीकृत करेगा, जिससे उधारकर्ताओं की अधिक सटीक और व्यापक क्रेडिट प्रोफाइल तैयार की जा सकेगी।

यह क्रेडिट रजिस्ट्री रिकॉर्डेंट के मौजूदा बी2बी क्रेडिट रजिस्ट्री प्लेटफॉर्म की संरचना (आर्किटेक्चर) पर विकसित की गई है। इसका विकास एमएफआई के लिए भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) द्वारा नियुक्त स्व-नियामक संस्था (सेल्फ-रेगुलेटरी ऑर्गेनाइजेशन) स-धन (Sa-Dhan) के साथ विचार-विमर्श के बाद किया गया है। इसका उद्देश्य पूरे सूक्ष्म वित्त क्षेत्र में जिम्मेदार ऋण वितरण (रेस्पॉन्सिबल लेंडिंग) को बढ़ावा देना तथा जोखिम प्रबंधन को अधिक प्रभावी और सुदृढ़ बनाना है।

इस पहल को स-धन (Sa-Dhan) के सदस्य संस्थानों के लिए प्रस्तुत किया जा रहा है। स-धन के नेटवर्क में धारा 8 के अंतर्गत पंजीकृत सूक्ष्म वित्त संस्थानों (एमएफआई) की महत्वपूर्ण उपस्थिति को देखते हुए, इस क्रेडिट रजिस्ट्री में बड़ी संख्या में संस्थागत भागीदारी तथा पूरे उद्योग के स्तर पर व्यापक सहयोग मिलने की उम्मीद है।

यह क्रेडिट रजिस्ट्री निष्पक्ष और पारदर्शी ऋण वितरण को सुनिश्चित कर वित्तीय समावेशन को सुदृढ़ बनाने, तथा एमएफआई और उनसे संबद्ध संस्थानों के लिए जोखिम प्रबंधन को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की उम्मीद है। रिकॉर्डेंट का मानना है कि यह पहल एक अधिक सतत, पारदर्शी और जिम्मेदार ऋण पारिस्थितिकी तंत्र (लेंडिंग इकोसिस्टम) के निर्माण में सहायक होगी, जिससे ऋण लेने वालों (उधारकर्ताओं) और ऋण देने वालों (ऋणदाताओं) दोनों को समान रूप से लाभ मिलेगा। 

इस घोषणा पर टिप्पणी करते हुए, रिकॉर्डेंट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) एवं सह-संस्थापक विनी पात्रो ने कहा, “एमएफआई क्रेडिट रजिस्ट्री को पूरे सूक्ष्म वित्त क्षेत्र के हितों को ध्यान में रखते हुए विकसित किया गया है। इसका उद्देश्य गैर-लाभकारी संगठनों (एनपीओ) द्वारा संचालित एमएफआई को बेहतर डेटा उपलब्ध कराना, ऋण वितरण से जुड़े जोखिम को कम करना तथा जिम्मेदार वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देना है। इसकी सफलता सामूहिक भागीदारी पर निर्भर करती है। जितने अधिक संस्थान इसमें योगदान देंगे, उतना ही अधिक मजबूत, प्रभावी और विश्वसनीय यह संपूर्ण तंत्र (इकोसिस्टम) बनेगा।” 

भाग लेने वाले संस्थानों के बीच अधिक पारदर्शिता और सहयोग को बढ़ावा देकर, यह क्रेडिट रजिस्ट्री उधारकर्ताओं पर अत्यधिक ऋण भार (ओवर-इंडेब्टेडनेस) को कम करने, ऋण पोर्टफोलियो की गुणवत्ता में सुधार करने, ऋण संबंधी निर्णयों को अधिक तेज़ और सटीक बनाने तथा पूरे सूक्ष्म वित्त क्षेत्र में जोखिम की समय रहते पहचान (अर्ली-वार्निंग रिस्क डिटेक्शन) की क्षमता को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। 

रिकॉर्डेंट ने यह भी बताया कि वह एमएफआई, उद्योग संगठनों तथा सूक्ष्म वित्त क्षेत्र से जुड़े विभिन्न हितधारकों (स्टेकहोल्डर्स) के साथ सक्रिय रूप से संवाद कर रहा है, ताकि अधिक से अधिक संस्थानों की इस क्रेडिट रजिस्ट्री में भागीदारी सुनिश्चित की जा सके और भारत में अधिक पारदर्शी, डेटा-आधारित तथा जिम्मेदार सूक्ष्म वित्त पारिस्थितिकी तंत्र (माइक्रोफाइनेंस इकोसिस्टम) के विकास को बढ़ावा दिया जा सके।

== समाप्त ==

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Must Read