
- ग्राइंडिंग क्षमता का 4 MMTPA तक विस्तार करने के लिए लगभग 200 करोड़ रुपये का कैपेक्स निवेश किया; वित्त वर्ष 2026-27 के अंत तक क्षमता 35 MMTPA तक पहुंचने का लक्ष्य
- नए निवेश से पूर्वी भारत में ब्लेंडेड सीमेंट की बिक्री का हिस्सा और बढ़ेगा, जिसमें प्रीमियमाइजेशन अहम भूमिका निभाएगा
मुंबई | 01 सितंबर 2025: भारत की विश्वसनीय बिल्डिंग मटेरियल कंपनी और क्षमता के आधार पर देश की पांचवीं सबसे बड़ी सीमेंट कंपनी, न्युवोको विस्टास कॉर्प. लिमिटेड ने अपनी व्यावसायिक रणनीति के अनुरूप पूर्वी भारत में विस्तार योजनाओं की घोषणा की। कंपनी सतत् विकास के लिए कई परियोजनाओं पर काम कर रही है, ताकि अपनी बाजार पहुंच और उपस्थिति को और विविध बनाया जा सके।
पूर्वी भारत में क्षमता विस्तार
~200 करोड़ रुपये के निवेश से 4 MMTPA की नई ग्राइंडिंग क्षमता
न्युवोको विस्टास अपने अरसमेटा सीमेंट प्लांट में एक नई मिल जोड़ने और जोजोबेरा, पानागढ़ और ओडिशा सीमेंट प्लांट में डिबॉटलनेकिंग परियोजनाओं के जरिए पूर्वी भारत में अपनी उपस्थिति को मजबूत कर रही है। कंपनी उपकरणों के उन्नयन, प्रक्रियाओं में सुधार और आंतरिक डिबॉटलनेकिंग पहलों के माध्यम से वित्त वर्ष 2026-27 के अंत तक लगभग 4 MMTPA की अतिरिक्त ग्राइंडिंग क्षमता जोड़ने की योजना बना रही है। मुख्य लक्ष्यों में वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही के दौरान ~1 MMTPA, वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान ~2 MMTPA और वित्त वर्ष 2026-27 में ~1 MMTPA की अतिरिक्त क्षमता जोड़ना शामिल है। इन सुधारों से अगले 18 महीनों में पूर्वी भारत में न्युवोको की कुल सीमेंट क्षमता 20% से अधिक बढ़कर 19 MMTPA से बढ़कर 23 MMTPA तक पहुंच जाएगी।
मौजूदा परियोजनाओं से प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त
न्युवोको लगातार अपनी फैक्ट्रियों को अपग्रेड कर रही है, ताकि ग्राहकों की बदलती ज़रूरतों को पूरा किया जा सके और उन्हें बेहतर सेवा दी जा सके। हाल ही में कंपनी ने कई आंतरिक परियोजनाएं पूरी की हैं, जैसे कि सोनाडीह सीमेंट प्लांट में नया कोल अनलोडिंग और क्लिंकर लोडिंग वैगन सिस्टम, जिससे रेक हैंडलिंग समय में लगभग ~50% की कमी आई है। इसके अलावा ओडिशा सीमेंट प्लांट रेलवे साइडिंग, जो कच्चे माल और सीमेंट का नए बाज़ारों में निर्बाध रेल परिवहन सुनिश्चित करेगा, जिससे मालभाड़ा लागत कम होगी। ये पहल सामूहिक रूप से परिचालन लागत घटाने, प्लांट उपयोग क्षमता में सुधार करने और पूर्वी मध्य प्रदेश, पूर्वी उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और ओडिशा जैसे प्रमुख बाज़ारों में कंपनी की पहुँच को मजबूत करने में मदद करेंगी।
इस मौके पर न्युवोको विस्टास कॉर्प. लिमिटेड के प्रबंध निदेशक श्री जयकुमार कृष्णस्वामी ने कहा, “भारत में सीमेंट की मांग वित्त वर्ष 2025-26 में 7-8% की दर से बढ़ने की उम्मीद है, और हम लंबी अवधि के विकास पथ पर मज़बूती से आगे बढ़ रहे हैं। हाल ही में वद्राज सीमेंट लिमिटेड के अधिग्रहण और मौजूदा सुविधाओं के उन्नयन में किए गए निवेश हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं कि हम पूर्वी भारत में अपनी मजबूत स्थिति बनाए रखते हुए पश्चिमी और उत्तरी बाज़ारों में भी हिस्सेदारी बढ़ाना चाहते हैं।”
उन्होंने आगे कहा, “न्युवोको में, हमारा विकास हमेशा सस्टेनेबिलिटी के प्रति हमारी प्रतिबद्धता के साथ जुड़ा रहा है। नई क्षमता वृद्धि के साथ हम ब्लेंडेड सीमेंट की हिस्सेदारी बढ़ा रहे हैं, ताकि ग्राहकों को अधिक पर्यावरण-अनुकूल विकल्प उपलब्ध कराए जा सकें। क्लिंकर-टू-सीमेंट अनुपात में सुधार करके हम CO₂ उत्सर्जन में महत्वपूर्ण कमी लाने की उम्मीद करते हैं। यह पहल हमारे उस विज़न को और मजबूत करती है, जिसमें हम एक सुरक्षित, स्मार्ट और टिकाऊ दुनिया का निर्माण करना चाहते हैं, साथ ही बाज़ार में अपनी उपस्थिति को भी सुदृढ़ करते हैं।”

