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“भारत की सर्जिकल क्रांति का अगला पड़ाव — सूरत में पहुंची एसएसआईआई मंत्राम ‘मेड-इन-इंडिया’ सर्जिकल रोबोट यात्रा”

  • एसएसआईआई मंत्रा ने रियल-टाइम प्रदर्शन किया, जिससे रिमोट सर्जिकल केयर और भारत की मेड-टेक लीडरशिप का भविष्य प्रदर्शित हुआ।
  • यह यात्रा महाराष्ट्र में 500 से अधिक डॉक्टरों, स्थानीय समुदायों और प्रमुख चिकित्सा संस्थानों के साथ व्यावहारिक प्रदर्शन और प्रशिक्षण के माध्यम से जुड़ने का लक्ष्य रखती है।
  • एसएसआईआई मंत्राम को भारतबेंज 1824 चेसिस पर तैयार किया गया है, जिसका ग्रॉस व्हीकल वेट 18,500 किलोग्राम है और जिसे परिवहन के दौरान स्थिरता और मजबूती के लिए डिज़ाइन किया गया है।

सूरत, गुजरात | 11 अक्टूबर 2025: महाराष्ट्र में सफल प्रदर्शनों की श्रृंखला के बाद, भारत में विकसित पहले स्वदेशी सर्जिकल रोबोटिक सिस्टम के निर्माता एसएस इनोवेशंस इंटरनेशनल ने अपनी राष्ट्रीय यात्रा में एक और महत्वपूर्ण पड़ाव पार किया। एसएसआईआई मंत्राम ‘मेड-इन-इंडिया’ सर्जिकल रोबोट यात्रा आज आइकन हॉस्पिटल, सूरत पहुंची, जो इसके गुजरात चैप्टर की एक ऐतिहासिक शुरुआत का प्रतीक है।

उन्नत स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच को लोकतांत्रिक बनाने के अपने मिशन के तहत, एसएस इनोवेशंस इंटरनेशनल ने अत्याधुनिक एसएसआईआई मंत्राम यूनिट को छात्रों, शिक्षकों और स्थानीय निवासियों तक पहुँचाया।

सूरत चैप्टर ने एसएसआईआई के उस दृष्टिकोण को और मजबूत किया जिसके तहत हर डॉक्टर और मेडिकल प्रोफेशनल को उन्नत सर्जिकल तकनीक की प्रत्यक्ष झलक दी जा रही है। मंत्राम मोबाइल सिमुलेशन बस के भीतर डॉक्टरों, सर्जनों और मेडिकल छात्रों को मंत्रा 3.0 सर्जिकल रोबोटिक प्लेटफॉर्म का अनुभव कराया गया — जो भारत की स्वदेशी सर्जिकल रोबोटिक्स में एक बड़ी उपलब्धि है।

यह पहल सिर्फ चिकित्सा समुदाय तक सीमित नहीं रही; इसने भारत की रोबोटिक सर्जरी में अग्रणी भूमिका को सामने लाते हुए आने वाली पीढ़ी को प्रेरित किया और वैश्विक स्वास्थ्य सेवा को आगे बढ़ाने में एसएसआईआई की प्रतिबद्धता को सशक्त किया। कार्यक्रम में लाइव डेमो और विशेषज्ञ प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए गए, जिससे प्रतिभागियों को यह समझने का अवसर मिला कि कैसे रोबोटिक-असिस्टेड सर्जरी आधुनिक शल्य चिकित्सा में सटीकता, सुरक्षा और पहुंच के मायने बदल रही है।

डॉ. अनुराग नेमा, जनरल सर्जन एवं डायरेक्टर, आइकन हॉस्पिटल, सूरत ने कहा — “यह एक ऐतिहासिक क्षण है जो दर्शाता है कि जब नवाचार और उद्देश्य मिलते हैं तो क्या संभव हो सकता है। यह पहल हमें उन्नत सर्जिकल केयर की पहुंच को नए सिरे से परिभाषित करने और उन क्षेत्रों तक पहुंचाने के करीब ले जाती है जहां विशेषज्ञों की कमी है। यह सिर्फ तकनीकी क्षमता नहीं बल्कि गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा की पहुंच बढ़ाने की दिशा में एक परिवर्तनकारी कदम है। एसएसआई मंत्रा सिस्टम की सफलता यह साबित करती है कि सुरक्षित, सटीक और समावेशी सर्जरी का भविष्य भारत में ही आकार ले रहा है।”

कार्यक्रम में डॉ. ऋषि ए ग्रोवर (यूरो-सर्जन), डॉ. परिमलसिंह घरिया (यूरो-सर्जन), और डॉ. ऋतु ग्रोवर (गायनेकोलॉजिस्ट) — सभी आइकन हॉस्पिटल, सूरत के निदेशक — भी उपस्थित रहे। डॉक्टरों, मेडिकल फैकल्टी, छात्रों और स्थानीय जनता की बड़ी संख्या ने भारत की मेड-टेक नवाचार को देखने के लिए उत्साहपूर्वक भाग लिया।

श्री चंदर शेखर सिबल, सीईओ – इंडिया, एसएस इनोवेशंस इंटरनेशनल ने कहा — “यह माइलस्टोन हमारे उस संकल्प को मजबूत करता है कि उन्नत सर्जिकल रोबोटिक्स को भारत के हर कोने तक सुलभ और किफायती बनाया जाए। एसएसआईआई मंत्राम ‘मेड-इन-इंडिया’ सर्जिकल रोबोट यात्रा सिर्फ एक आउटरीच नहीं बल्कि एक आंदोलन है — जिसका उद्देश्य है डॉक्टरों को सशक्त बनाना, सर्जिकल कौशल का निर्माण करना और रोबोटिक-असिस्टेड सर्जरी को जमीनी स्तर तक पहुंचाना।”

यह पहल सिर्फ सर्जनों और चिकित्सा पेशेवरों तक सीमित नहीं है, बल्कि छात्रों और स्थानीय समुदायों को भी जोड़ती है। भारत की रोबोटिक सर्जरी में प्रगति के प्रत्यक्ष अनुभव के माध्यम से, इस कार्यक्रम ने स्वास्थ्य सेवा के भविष्य के प्रति जागरूकता बढ़ाई और एसएस इनोवेशंस इंटरनेशनल की उपलब्धियों को उजागर किया — एक ऐसी भारतीय कंपनी जो वैश्विक चिकित्सा नवाचार को दिशा दे रही है।

तकनीकी विशेषताएँ:
मंत्राम यूनिट भारतबेंज 1824 चेसिस पर निर्मित है, जिसका वजन 18,500 किलोग्राम और आयाम 11.9 मीटर (लंबाई) × 2.59 मीटर (चौड़ाई) × 3.49 मीटर (ऊंचाई) है।

पूरी तरह संशोधित वाहन (रोबोटिक सिस्टम को छोड़कर) की लागत लगभग ₹1.3 करोड़ है।

इस बस को एसएसआईआई ने विशेष रूप से तैयार किया है — इसमें मजबूत बेस, एक्टुएटर-आधारित पेशेंट-साइड कार्ट्स, और लॉकिंग सिस्टम शामिल हैं ताकि परिवहन के दौरान स्थिरता और रोबोटिक आर्म्स का सटीक कैलिब्रेशन बना रहे।

इसका एक्सपैंडेबल केबिन सर्जिकल टीम के लिए पर्याप्त जगह प्रदान करता है, जबकि एयर सस्पेंशन, एसी (21°C ± 3°C तापमान और 55% RH) तथा EMI/EMC कम्प्लायंस संवेदनशील इलेक्ट्रॉनिक्स की सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं।
दूरस्थ और अविकसित क्षेत्रों के लिए डिज़ाइन किए गए इस यूनिट में 5 kVA ऑनबोर्ड जनरेटर, उच्च गति की टेलीकॉम संरचना, और सैटेलाइट कनेक्टिविटी जैसी सुविधाएँ हैं, जिससे भविष्य में टेली-सर्जरी संभव हो सकेगी।

380 लीटर फ्यूल टैंक, समर्पित ड्राइवर केबिन, मल्टीपल एक्सेस पॉइंट्स और सुरक्षित उपकरण मूवमेंट के लिए विशेष रैंप भी इसमें शामिल हैं।

मंत्राम एसएस इनोवेशंस की उस दृढ़ प्रतिबद्धता का प्रतीक है जो नवाचार और सटीक इंजीनियरिंग के माध्यम से स्वास्थ्य सेवा में क्रांति लाने की दिशा में काम कर रही है।

यह पहल सिर्फ तकनीक तक सीमित नहीं — बल्कि बाधाओं को तोड़ते हुए, जीवन-रक्षक विश्वस्तरीय सर्जिकल देखभाल को देश के सबसे दूरस्थ और अविकसित क्षेत्रों तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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