
गुजरात, अहमदाबाद | 11 जनवरी 2026 — अडालज स्थित दादानगर कन्वेंशन सेंटर में आयुर्वेद व्यासपीठ द्वारा आयोजित त्रि-दिवसीय ‘आयुर्विवेक महोत्सव’ में देशभर से आए आयुर्वेद विद्वानों और वैद्यों के साथ आयुर्वेद की प्रासंगिकता और ‘स्वस्थ भारत’ के संकल्प पर संवाद करने का सौभाग्य मिला।
आयुर्वेद अथर्ववेद का उपवेद है। हमारे प्राचीन ऋषि ही वास्तविक ‘रिसर्च स्कॉलर’ थे, जिनके द्वारा हज़ारों वर्ष पूर्व प्रतिपादित सिद्धांत आज की आधुनिक प्रयोगशालाओं में भी खरे उतर रहे हैं।
भारतीय प्रजाति की गाय का दूध, गोमूत्र और घी अद्भुत औषधीय गुणों से भरपूर है। गौमूत्र और घी में विषैले तत्वों को भी शुद्ध करने की क्षमता है।
सभी आयुर्वेद चिकित्सकों को इस प्राचीन विज्ञान पर अटूट विश्वास रखना चाहिए और निरंतर नये अनुसंधान करने चाहिए ताकि भारत एक स्वस्थ और ‘विकसित राष्ट्र’ बन सके।
आइए, हम सब मिलकर आयुर्वेद के ज्ञान और प्राकृतिक जीवन पद्धति को अपनाकर एक निरोगी समाज का निर्माण करें।
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