Homeगुजरातविज़िट दुबई की नई पहल: अनिरुद्ध रविचंदर और अरकम अल अबरी के...

विज़िट दुबई की नई पहल: अनिरुद्ध रविचंदर और अरकम अल अबरी के बीच क्रॉस-कल्चरल म्यूजिक साझेदारी का अनावरण

भारतीय और अमीराती कलाकारों की यह जुगलबंदी दुबई को मनोरंजन, संस्कृति और वैश्विक कलात्मक अभिव्यक्ति के केंद्र के रूप में करती है प्रदर्शित 


नेशनल | 01 जुलाई 2026 | दुबई कॉरपोरेशन फॉर टूरिज्म एंड कॉमर्स मार्केटिंग (विजिट दुबई), जो दुबई डिपार्टमेंट ऑफ इकोनॉमी एंड टूरिज्म (DET) का हिस्सा है, ने भारत और यूएई के बीच सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने के लिए एक अनोखी पहल की है। संस्था ने भारत के मशहूर संगीतकार और गायक अनिरुद्ध रविचंदर तथा यूएई के लोकप्रिय गायक-संगीतकार अरकम अल अबरी को एक विशेष क्रॉस-कल्चरल संगीत सहयोग के लिए एक मंच पर लाया है। दुबई के ऐतिहासिक इलाकों और आधुनिक सांस्कृतिक स्थलों पर फिल्माई गई यह साझेदारी भारतीय दर्शकों के साथ विजिट दुबई के मजबूत जुड़ाव को और आगे बढ़ाती है। यही संबंध भारत को दुबई के प्रमुख अंतरराष्ट्रीय पर्यटन स्रोत बाजारों में से एक बनाते हैं।

यह कलात्मक आदान-प्रदान की भावना पर आधारित सहयोग दो अलग-अलग संगीत परंपराओं को एक साझा रचनात्मक यात्रा के माध्यम से जोड़ता है। फिल्म में अनौपचारिक बातचीत, संयुक्त संगीत सत्र और सहज मानवीय जुड़ाव के पल दिखाए गए हैं, जो दुबई को संस्कृति, रचनात्मकता और कला के वैश्विक संगम के रूप में प्रस्तुत करते हैं।

वीडियो में अनिरुद्ध रविचंदर और अरकम अल अबरी को ओल्ड दुबई और अल सीफ की गलियों में घूमते हुए दिखाया गया है, जहां वे अपनी-अपनी संगीत शैलियों को मिलाकर एक आधुनिक संगीत अनुभव तैयार करते हैं। अल सीफ की पारंपरिक वास्तुकला, संकरी गलियों और खूबसूरत वाटरफ्रंट के बीच फिल्म यह दर्शाती है कि दुबई में विरासत और आधुनिक रचनात्मकता किस तरह स्वाभाविक रूप से साथ-साथ मौजूद हैं।

वर्ष 2025 में दुबई ने 19.59 मिलियन अंतरराष्ट्रीय रात्रि प्रवास करने वाले पर्यटकों का स्वागत किया, जिनमें भारत सबसे बड़ा स्रोत बाजार रहा। यह नया अभियान दोनों देशों के बीच गहरे सांस्कृतिक जुड़ाव को भी दर्शाता है। दुबई दुनिया के सबसे बड़े भारतीय प्रवासी समुदायों में से एक का घर है, जिसने कई पीढ़ियों से शहर के खान-पान, संस्कृति और रचनात्मक परिदृश्य को समृद्ध बनाया है।

भारत के सबसे प्रभावशाली समकालीन संगीतकारों में से एक अनिरुद्ध रविचंदर इस परियोजना में अपनी विशिष्ट संगीत शैली और व्यापक लोकप्रियता लेकर आए हैं। जवान, जेलर, लियो, विक्रम, बीस्ट, मास्टर जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्मों के चार्टबस्टर गीतों और विश्वभर में लोकप्रिय हुए व्हाई दिस कोलावरी डी के कारण अनिरुद्ध भारत और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लाखों प्रशंसकों के बीच बेहद लोकप्रिय हैं। भारतीय संगीत परंपराओं को वैश्विक धुनों के साथ जोड़ने की उनकी क्षमता ने उन्हें आधुनिक भारतीय संगीत की सबसे प्रभावशाली आवाजों में शामिल किया है।

उनके साथ इस सहयोग में शामिल हुए हैं अरकम अल अबरी, जो अपनी भावपूर्ण आवाज और समकालीन संगीत शैली के लिए जाने जाते हैं। अरकम ने कई प्रतिष्ठित सांस्कृतिक और मनोरंजन मंचों पर प्रस्तुति दी है। वे विश्वप्रसिद्ध पियानोवादक लैंग लैंग के साथ मंच साझा कर चुके हैं और इंटरनेशनल जैज़ डे के वैश्विक समारोहों का भी हिस्सा रहे हैं। अपनी प्रस्तुतियों और रचनात्मक सहयोगों के माध्यम से अरकम आधुनिक अमीराती संगीत की एक विशिष्ट पहचान बन चुके हैं।

अपने अनुभव को साझा करते हुए अनिरुद्ध रविचंदर ने कहा, “इस प्रोजेक्ट की सबसे खास बात यह रही कि हमें दो अलग-अलग संगीत परंपराओं को एक साथ लाकर उनके बीच समानता तलाशने का अवसर मिला। अरकम के साथ काम करना बेहद प्रेरणादायक अनुभव रहा और इस रचनात्मक यात्रा के लिए दुबई से बेहतर स्थान नहीं हो सकता था। शहर की बहुसांस्कृतिक पहचान, समृद्ध विरासत और नए विचारों को अपनाने की सोच ने इस पूरे अनुभव को बेहद स्वाभाविक और यादगार बना दिया।”

इस क्रॉस-कल्चरल संगीत यात्रा पर अरकम अल अबरी ने कहा,“संगीत में भाषा और भौगोलिक सीमाओं से परे लोगों को जोड़ने की अनूठी शक्ति होती है। अनिरुद्ध जैसे कलाकार के साथ काम करना मेरे लिए बेहद प्रेरणादायक रहा, जिनका संगीत भारत और दुनिया भर में करोड़ों लोगों तक पहुंचा है। इस प्रोजेक्ट के दौरान हमने महसूस किया कि हमारी अलग-अलग संगीत परंपराएं मिलकर कुछ बिल्कुल नया और अनूठा रच सकती हैं। दुबई ने इस रचनात्मक आदान-प्रदान को संभव बनाया। यह ऐसा शहर है जहां विभिन्न संस्कृतियां स्वाभाविक रूप से मिलती हैं, एक-दूसरे से सीखती हैं और यही भावना इस पूरी यात्रा में दिखाई देती है।”

दुबई डिपार्टमेंट ऑफ इकोनॉमी एंड टूरिज्म के रीजनल डायरेक्टर (प्रॉक्सिमिटी मार्केट्स) बादेर अली हबीब ने कहा, “संगीत हमेशा लोगों को जोड़ने का सबसे प्रभावी माध्यम रहा है और यह सहयोग उसी रचनात्मक आदान-प्रदान की भावना को दर्शाता है जिसके लिए दुबई जाना जाता है। अनिरुद्ध रविचंदर और अरकम अल अबरी दो अलग-अलग संगीत परंपराओं का प्रतिनिधित्व करते हैं, जो शहर की बहुसांस्कृतिक ऊर्जा और विकसित होते रचनात्मक परिदृश्य को प्रतिबिंबित करती हैं। संस्कृति और रचनात्मकता के वैश्विक केंद्र के रूप में दुबई लगातार दुनिया भर के कलाकारों और दर्शकों को साझा अनुभवों और कलात्मक अभिव्यक्ति के माध्यम से जोड़ने के अवसर प्रदान कर रहा है। भारत, दुबई की विकास यात्रा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है और यह रचनात्मक साझेदारी भारतीय यात्रा प्रेमियों के साथ हमारे संबंधों को और मजबूत करने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।”

आज के समय में, जब लोग अधिक सार्थक सांस्कृतिक अनुभवों और मानवीय जुड़ाव की तलाश कर रहे हैं, यह साझेदारी संगीत और कला की उस शक्ति को रेखांकित करती है, जो विभिन्न समुदायों के बीच संवाद, रचनात्मकता और साझा अनुभवों को बढ़ावा देती है।

मनोरंजन, कॉमेडी और अब संगीत के क्षेत्र में भी विजिट दुबई लगातार वैश्विक और क्षेत्रीय कलाकारों के साथ साझेदारी कर रहा है, ताकि विभिन्न बाजारों के दर्शकों के लिए सांस्कृतिक रूप से प्रासंगिक और प्रभावशाली कहानियां प्रस्तुत की जा सकें। यह पहल इस बात का प्रमाण है कि दुबई लगातार एक ऐसे वैश्विक मंच के रूप में विकसित हो रहा है, जहां दुनिया भर के कलाकार, रचनाकार और दर्शक संस्कृति, कहानी कहने की कला और साझा रुचियों के माध्यम से एक साथ आते हैं।

अनिरुद्ध रविचंदर और अरकम अल अबरी अभिनीत यह नया वीडियो देखने के लिए यहां जाएं:

https://www.visitdubai.com/en/travel-to-dubai/in

== समाप्त ==

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Must Read