Homeगुजरातगुजरात के जामनगर में आगामी 12 से 20 फरवरी 2026 के दौरान...

गुजरात के जामनगर में आगामी 12 से 20 फरवरी 2026 के दौरान विश्व स्तरीय ‘अश्वमेध महायज्ञ महोत्सव – 2026’ का आयोजन

  • 5555 यज्ञकुंडों के साथ ऐतिहासिक आयोजन, 9999 किमी भारत भ्रमण यात्रा भी आयोजित की जाएगी
  • अश्वमेध महायज्ञ महोत्सव के दौरान 21 से अधिक विश्व रिकॉर्ड स्थापित करने का भी प्रयास किया जाएगा

गुजरात, अहमदाबाद | 13 नवंबर 2025 — भारत की प्राचीन वैदिक परंपरा को पुनर्जीवित करने के लिए ‘अश्वमेध महायज्ञ महोत्सव 2026’ का भव्य आयोजन आगामी 12 से 20 फरवरी 2026 के दौरान जामनगर के खंभालियाबायपास रोड, एयरपोर्ट रोड के सामने किया जा रहा है। इस भव्य यज्ञ का आयोजन ‘रिधमस फाउंडेशन’ द्वारा किया जा रहा है, जो पिछले कई वर्षों से सामाजिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पुनरुत्थान के लिए कार्यरत एक अग्रणी संस्था के रूप में जानी जाती है।

इस कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण 5555 यज्ञकुंडों के साथ होने वाला अश्वमेध यज्ञ है, जिसका आयोजन ठीक 5555 वर्षों के बाद उसी तिथि और नक्षत्र के संयोग में किया जाएगा — जो महाभारत काल के दौरान भगवान श्रीकृष्ण ने युधिष्ठिर से करवाया था। इस कार्यक्रम का उद्देश्य केवल धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह राष्ट्रीय शुद्धिकरण, सामाजिक कल्याण और पर्यावरण शुद्धिकरण का भी संदेश देता है।

इस कार्यक्रम के दौरान आचार्य पंडित रविंद्रभाईशास्त्रीजी के मार्गदर्शन में 1250 से अधिक आचार्य और पुरोहित मंत्रोच्चार और अग्निहोत्र करेंगे।

इस यज्ञ के दौरान उपयोग किए जाने वाले अनाज, औषधीय वनस्पतियां, घी, चंदन, कपूर, गुग्गुल और हिममध जैसे तत्व पर्यावरण को शुद्ध बनाते हैं और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाते हैं। वैज्ञानिक अध्ययनों के अनुसार, ऐसे यज्ञों के दौरान वायुमंडल का शुद्धिकरण होता है और आस-पास के क्षेत्रों में अपराध दर कम होती है।

इस महोत्सव से पहले 14 जनवरी 2026 से शुरू होने वाली 21 दिवसीय भारत भ्रमण यात्रा 9,999 किमी का मार्ग तय करेगी।यह यात्रा देश के प्रमुख तीर्थस्थलों और सांस्कृतिक स्थलों से होकर प्रत्येक स्थान पर इस यज्ञ के “धर्म द्वारा राष्ट्र निर्माण” का संदेश पहुँचाएगी।

अश्वमेध महायज्ञ महोत्सव के विशेष आकर्षणों की बात करें तो, श्रीमद्भागवत कथा और धर्मसभा – प्रतिदिन प्रसिद्ध कथावाचकों और संतों द्वारा वेदांत प्रवचन होंगे। कृषि मेला – आधुनिक खेती और जैविक तकनीकों पर मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा। इसके साथ ही, एमएसएमई और व्यापार मेला – स्थानीय उद्यमियों के लिए अवसर पैदा किए जाएँगे। लोक संगीत और लोक नाट्य कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाएगा। इसके अलावा, फ़ूड फेस्टिवल, कला और हस्तशिल्प मेले, स्वास्थ्य शिविरों के साथ-साथ बच्चों और युवाओं के लिए प्रतियोगिताएँ और नेतृत्व कार्यशालाएँ भी आयोजित की गई हैं।

इस अश्वमेध महायज्ञ के दौरान 6,000 से अधिक टेंट स्थापित किए जाएंगे, जिसमें 20,000 से अधिक तीर्थयात्रियों के ठहरने की व्यवस्था होगी। इसके साथ ही, बेहतरीन शौचालय, बाथरूम, बिजली, भोजन और सुरक्षा व्यवस्था के साथ 24×7 चिकित्सा सहायता भी उपलब्ध रहेगी। स्थानीय पुलिस, सीसीटीवी निगरानी, प्रशिक्षित स्वयंसेवक और फायर सिस्टम की व्यवस्था के साथ पूरे कार्यक्रम के लिए एक अंतरराष्ट्रीय स्तर की इवेंट मैनेजमेंट टीम कार्यरत रहेगी। इसके साथ ही, लाइव टेलीकास्ट, एलईडी स्क्रीन और आधुनिक साउंड सिस्टम के साथ कार्यक्रम को विश्वव्यापी प्रसारण के लिए तैयार किया जाएगा।

इस आयोजन के दौरान 21 से अधिक विश्व रिकॉर्ड स्थापित करने का भी प्रयास किया जाएगा, जिसके लिए World Talent Organization (USA) जैसी संस्थाओं के साथ करार किया गया है। स्थानीय स्तर पर पर्यटन, व्यापार और रोज़गार में वृद्धि होने के साथ-साथ किसानों और MSME उद्योगों को नए अवसर मिलेंगे। एनआरआई की उपस्थिति से स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

इस कार्यक्रम में मीडिया से भी विशेष अपील की गई है कि यह महायज्ञ केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं है – यह भारतीय संस्कृति, पर्यावरण और राष्ट्रीय गौरव का उत्सव है। मीडिया जगत से अनुरोध है कि वे इस ऐतिहासिक आयोजन को प्राथमिकता दें और इसकी भव्यता एवं आध्यात्मिक शक्ति को करोड़ों लोगों तक पहुँचाने में अपना सहयोग दें।

📞संपर्क और पंजीकरण के लिए

🌐वेबसाइट: www.rythmus.org

📧ईमेल: rythmusfoundation@gmail.com

📱संपर्क: +91 7722082498 | 7984998275 | 9723512422 | 9586872341 | 6351105656

🌍अंतर्राष्ट्रीय संपर्क: शैलेश सागर – +44 776320177

+++++++

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Must Read