– स्मार्ट मीटर के साथ आपका पुराना मीटर भी लगा रहेगा
– दो से तीन दिनों तक आप प्रतिदिन अपने दोनों मीटर के यूनिट का मिलान कर सकते हैं
– तीन दिन बाद विभागीय टीम आपके पुराने मीटर को हटा देगी
वडोदरा | 08 जनवरी 2026 — ऊर्जा के क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव लाने के उद्देश्य से सभी उपभोक्ताओं के घरों में लगाए जा रहे स्मार्ट मीटर को लेकर आपके मन में तनीक भी संदेह है, तो चेक मीटर आपके सभी शंकाओं का समाधान है। चेक मीटर के जरिए आप अपनी बिजली उपयोग का मिलान स्मार्ट मीटर के साथ कर सकते हैं। जिससे आपको यह पता चल जाएगा कि दोनों की मीटर के यूनिट में कोई अंतर नहीं है। आपकी संतुष्टि के बाद विभागीय टीम पुराने मीटर को हटाकर स्मार्ट मीटर लगा रहने देगी।
बिजली विभाग के अधिकारियों का कहना है कि चेक मीटर की सुविधा स्मार्ट मीटर को लेकर उपभोक्ताओं के मन में चल रहे शंकाओं के दूर करने के दी गई है। यह उपभोक्ताओं की मांग पर स्मार्ट मीटर इंस्टॉल करने वाली टीम बिजली उपभोक्ताओँ के पुराने मीटर के साथ स्मार्ट मीटर इंस्टॉल करती है। ताकि, उपभोक्ता के मन में कोई संदेह न रह जाए। यह चेक मीटर मोहल्ले या सोसायटी में किसी एक या दो उपभोक्ता के घर पर ही लगाया जाएगा। क्योंकि, इसका उद्देश्य सिर्फ शंकाओं का समाधान करना है।
इस तरह काम करता है चेक मीटर : बिजली उपभोक्ताओं के मन में चल रहे शंकाओं के समाधान के लिए चेक मीटर लगाए जाते हैं। इस प्रक्रिया में उपभोक्ता के घर पर पुराने मीटर के बगल में स्मार्ट मीटर इंस्टॉल कर दोनों ही मीटर को एक-दूसरे के कनेक्ट कर दिया जाता है। इंस्टॉलेशन के समय पुराने मीटर कुल उपयोग की गई बिजली यूनिट दिखाई देगी, वहीं स्मार्ट मीटर में यह शून्य होगा। अगले तीन दिनों तक उपभोक्ता को दोनों की मीटर से तुलना कर दिखाया जाएगा। जैसे पुराने मीटर में पहले दिन कुल यूनिट 200 और स्मार्ट मीटर में शून्य है। दूसरे दिन पुराने मीटर में कुल खपत यूनिट 210 है तो स्मार्ट मीटर में यह 10 यूनिट दिखाई देगा। अर्थात उपभोक्ता ने एक दिन में 10 यूनिट बिजली का उपयोग किया है।
तीन दिनों बाद हट जाएंगे पुराने मीटर : चेक मीटर से मिलान की प्रक्रिया नियमित रूप से तीन दिनों तक चलती है। तीसरे दिन विभागीय अधिकारी उपभोक्ता या उसके घर के सदस्य की मौजूदगी में मिलान के बाद पुराने मीटर को हटा देगा और स्मार्ट मीटर आपके घर में लगा रहने देगा। सबसे महत्वपूर्ण बात कि चेक मीटर मिलान की अवधि के दौरान बिजली यूनिट भले ही दोनों मीटर में दिखाई देगा, लेकिन उपभोक्ता का बिजली बिल एक ही मीटर के यूनिट के हिसाब से तैयार होता है।
चेक मीटर के उद्देश्य : चेक मीटर लगाने के मुख्य फायदे उपभोक्ताओं के विश्वास को बढ़ाना और सटीकता सुनिश्चित करना है। दरअसल, स्मार्ट मीटर लगाने के दौरान कई उपभोक्ताओं के मन में यह शंका थी कि स्मार्ट मीटर से बिल ज्यादा आ सकता है या रीडिंग गलत हो सकती है। इसे दूर करने के लिए ही चेक मीटर लगाकर स्मार्ट मीटर की सटीकता की पुष्टि की प्रक्रिया शुरू की गई।
उपभोक्ताओं के विश्वास बढ़ाना : चेक मीटर से उपभोक्ता खुद देख सकते हैं कि दोनों मीटर की रीडिंग लगभग समान है। इससे “स्मार्ट मीटर तेज चलता है” जैसी अफवाहें दूर होती हैं। इससे सटीक बिलिंग की गारंटी होती है। अब तक गुवाहाटी, पटना और लखनऊ में उपभोक्ताओं द्वारा चेक मीटर लगवाए गए हैं। सभी स्थानों पर रीडिंग का मिलान पूरी तरह सटीक पाया गया है और उपभोक्ता इस प्रयोग से संतुष्ट हैं।
इसीलिए चेक मीटर को स्मार्ट मीटर की विश्वसनीयता को साबित करने का एक प्रभावी तरीका बताया जाने लगा है, जिससे उपभोक्ताओं को स्मार्ट मीटर के अन्य फायदे (जैसे रियल-टाइम ट्रैकिंग, प्रीपेड रिचार्ज, बिजली
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