
- 38 महीने से भी कम समय में FRONX की 2 लाख यूनिट एक्सपोर्ट की गई
- मेड-इन-इंडिया एसयूवी को लगभग 90 देशों में एक्सपोर्ट किया जाता है
नई दिल्ली | 18 अगस्त 2026 | मारुति सुज़ुकी इंडिया लिमिटेड (“मारुति सुज़ुकी”) ने आज यह घोषणा की है कि उसकी लोकप्रिय एसयूवी FRONX ने 38 महीनों से भी कम समय में 2 लाख एक्सपोर्ट का आंकड़ा पार कर लिया है और यह उपलब्धि हासिल करने वाली भारत की सबसे तेज़ एसयूवी बन गई है।
जून 2023 में एक्सपोर्ट शुरू होने के बाद से, FRONX की वैश्विक मांग में ज़बरदस्त उछाल देखा गया। जहाँ इस मेड-इन-इंडिया एसयूवी ने अपने पहले 1 लाख एक्सपोर्ट का आंकड़ा 25 महीने से भी कम समय में हासिल किया, वहीं अगले 1 लाख एक्सपोर्ट को लगभग 13 महीनों में पूरा किया। गुजरात में मारुति सुज़ुकी की हंसलपुर फैसिलिटी में बनी FRONX को जापान समेत लगभग 90 देशों में एक्सपोर्ट किया जाता है।

इस उपलब्धि पर मारुति सुज़ुकी इंडिया लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ, श्री हिसाशी ताकेउचि ने कहा, “मारुति सुज़ुकी द्वारा एक्सपोर्ट की जाने वाली हर गाड़ी में हमारे लोगों की कड़ी मेहनत और गर्व शामिल है। ये गाड़ियाँ भारतीय मैन्युफैक्चरिंग को लगभग 120 देशों तक पहुँचाती हैं। मारुति सुज़ुकी की एक्सपोर्ट सफलता में FRONX का अहम योगदान है। वित्त वर्ष 24-25 से यह भारत की एक्सपोर्ट होने वाली नंबर 1 पैसेंजर व्हीकल* रही है और अब इसे लगभग 90 देशों में भेजा जाता है। रिकॉर्ड समय में 1 लाख एक्सपोर्ट का आंकड़ा पार करने के बाद, FRONX ने इससे भी तेज़ 2 लाख का आंकड़ा छुआ, जो अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में इसकी बढ़ती मांग को दिखाता है।”
उन्होंने आगे कहा, “मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड’ के तहत, मारुति सुज़ुकी भारत के मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम की काबिलियत को लगातार दिखा रही है।” एक्सपोर्ट पर लगातार ध्यान देने की वजह से कंपनी भारत से पैसेंजर व्हीकल्स के एक्सपोर्ट में नंबर वन बन गई है*। वित्त वर्ष 26-27 की पहली तिमाही में भारत से सबसे अधिक एक्सपोर्ट की जाने वाली तीनों पैसेंजर व्हीकल्स^ मारुति सुज़ुकी की थीं, जो इस लीडरशिप को साबित करती है। हर साल एक्सपोर्ट की बढ़ती संख्या, वैश्विक बाज़ार में कंपनी के उत्पादों की विश्वसनीयता और लोकप्रियता का जीता जागता उदाहरण है।”
== समाप्त ==

