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“निशुल्क नारायण लिम्ब शिविर: नारायण सेवा संस्थान की सौगात से अहमदाबाद में मुस्कराएंगी 300 ज़िंदगियाँ”

प्रदेश के 290 से ज्यादा दिव्यांगों का लिया माप और 21 ऑपरेशन के लिए चयनित

अहमदाबाद | 03 अगस्त 2025: नारायण सेवा संस्थान एवं (आईआर) इंगरसोल रैंड के संयुक्त तत्वावधान में रविवार को अहमदाबाद के श्री कच्छ कड़वा पटेल सनातन समाज, नरोडा में निःशुल्क ऑपरेशन जांच-चयन और नारायण लिंब व केलिपर्स माप केम्प आयोजित हुआ। शिविर का उद्घाटन मुख्य अतिथि गुजरात राज्य बाल संरक्षण आयोग अध्यक्ष धर्मिष्ठा गज्जर, समारोह अध्यक्ष इंगरसोल रैंड के एम.डी सुनील खंडूजा, मुम्बई शाखा प्रमुख महेश अग्रवाल, कैथल शाखा संयोजक डॉ.विवेक गर्ग और निदेशक वंदना अग्रवाल सहित कई गणमान्य जन ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस मौके पर दिव्यांगों, उनके परिजनों और अहमदाबाद के सम्मानित सदस्यों को सम्बोधित करते हुए मुख्य अतिथि धर्मिष्ठा गज्जर ने कहा कि नारायण सेवा संस्थान दिव्यांगों की सेवा कर रही है ये ईश्वर की सेवा है। शिविर में यहां आना मेरा सौभाग्य है। आप लोग बहुत अच्छा कार्य कर रहे हैं, दिव्यांगों के समग्र विकास, सेवा और इस शिविर की जानकारी प्रधानमंत्री मोदी तक पहुंचेगी।

मुख्य अतिथि ने कहा दिव्यांगों की मदद के लिए संस्थान के अध्यक्ष प्रशांत अग्रवाल और पूरी टीम का अभिनंदन करती हूँ। ऐसे संस्थान के हाथ मजबूत करने के लिए समाज को आगे आना चाहिए।

विशिष्ट अतिथि इंगरसोल रैंड के निदेशक विश्वास देशमुख डायरेक्टर ऑपरेशन्स लीडर, सुरेन्द्र कुमार, मनोज घगारे, एच आर मैनेजर नरेन्द्र प्रजापति, हिमांशु श्रीवास्तव, अनील हिरपरा, श्वेता परमार एवं कल्याणी शिरोड़े उपस्थिति रहें। अतिथियों की उपस्थिति में 12 व्हील चेयर का भी वितरण किया गया।

अध्यक्षता कर रहे इंगरसोल रैंड के एम.डी सुनील खंडूजा ने बताया कि संस्थान के सेवा कार्यों को देख हम बहुत प्रभावित हुए है। आंखों से आंसू निकल गए। संस्थान दिव्यांगों की सेवा का जो कार्य कर रही है, उसके लिए हमारे पास कोई शब्द नहीं है। मैं दिव्यांग भाई – बहिनों को यही कहूंगा कि जीवन में कभी हार नहीं माने और हिम्मत और जज़्बा बनाएं रखें सब अच्छा होगा। संस्थान दिव्यांगों को शारीरिक, सामाजिक, आर्थिक एवं बौद्धिक रूप से सशक्त बनाने के लिए जो प्रयास और कार्य कर रही है, वह अनुकरणीय है।

विजिट के दौरान समाजसेवी मूलचंद प्रजापति, यशपाल शेरा, महेश पी शाह, अनंत भाई पटेल और कमलेश डिंगरा सहित अन्य मेहमानों ने इस शिविर में भाग लेने आये दिव्यांगजन के उद्गार सुने और डॉक्टर टीम से उपचार और लाभ पहुंचाने की प्रक्रिया भी जानी।

प्रारम्भ में निदेशक वंदना अग्रवाल ने मुख्य अतिथि और मंचासीन अतिथियों का मेवाड़ की परंपरा अनुसार अभिनंदन किया। साथ ही निदेशक अग्रवाल ने संस्थान की निःशुल्क सेवाएं ऑपरेशन, नारायण लिम्ब लगाना, 5000 लोगों को रोज भोजन करना, आर्थिक रूप से असमर्थ 600 मजदूरों के बच्चों के लिए निःशुल्क नारायण चिल्ड्रन एकेडमी स्कूल चलाना, सैकड़ो दिव्यांगों को स्वरोजगार के कंप्यूटर, मोबाइल, सिलाई, मेहंदी का प्रशिक्षण देना और उनका सामूहिक विवाह कर घर बसाने जैसे अनेक प्रकल्पों की जानकारी दी।

उन्होंने आज के केम्प की जानकारी देते हुए कहा 300 से अधिक सभी आयु वर्ग के दिव्यांगों ने कैम्प का लाभ उठाया। निदेशक वंदना अग्रवाल ने शिविर की रिपोर्ट बताते हुए कहा संस्थान की डॉक्टर व पीएंडओ टीम ने सभी दिव्यांगों को देखा और 252 दिव्यांगों का नारायण लिंब हाथ -पैर और 49 का कैलिपर्स लगाने के लिए मेजरमेंट लिया। करीब 21 दिव्यांग रोगियों का चयन शल्य चिकित्सा हेतु किया गया।

शिविर प्रभारी हरि प्रसाद लड्ढ़ा ने बताया कि आज के कास्टिंग और मेजरमेंट के लिए चयनित दिव्यांगों को करीब 2 से 3 माह बाद नारायण लिंब पुनः अहमदाबाद में शिविर आयोजित कर पहनाए जाएंगे। संस्थान द्वारा निर्मित ये नारायण लिंब गुणवत्ता युक्त है और वजन में हल्के हैं। उपयोग में टिकाऊ रहेंगे। सभी रोगियों को संस्थान की ओर से निःशुल्क भोजन, चाय, अल्पाहार प्रदान किया गया। संस्थान की 40 सदस्य टीम ने सेवाएं दी। और संयोजन जितेंद्र शर्मा ने किया।

नारायण सेवा संस्थान 1985 से नर सेवा-नारायण सेवा की भावना से काम कर रहा है। संस्थापक श्री कैलाश मानव जी को राष्ट्रपति महोदय ने मानव सेवा के लिए पद्मश्री अलंकरण से नवाजा है। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने हाल ही में 30 मई को दिल्ली में मानव जी को सामुदायिक सेवा एवं सामाजिक उत्थान श्रेणी में सम्मानित किया है। संस्थान के अध्यक्ष प्रशान्त अग्रवाल दिव्यांगों के लिए मेडिकल, शिक्षा, कौशल विकास और खेल अकादमी के माध्यम से मानसिक,शारीरिक एवं आर्थिक दृष्टि से मजबूत कर लाखों दिव्यांगों को समाज की मुख्यधारा में ला चुके हैं। वर्ष 2023 में अग्रवाल को राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित किया गया। संस्थान अब तक 40 हजार से अधिक कृत्रिम अंग लगा चुका है। संस्थान अब गुजरात के दिव्यांगों को निःशुल्क कृत्रिम अंग प्रदान कर उनकी रुकी जिन्दगी को फिर से शुरू करने के लिए बड़े स्तर पर काम करेगा।

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