- पिछले 1.5 वर्षों में स्टेशनों की संख्या 66 से बढ़कर 201 हुई
- अधिक सहज अनुभव के लिए लॉन्च किए गए नए फीचर्स – ‘सर्च बाय ट्रेन’, जो केवल ट्रेन नंबर/नाम सर्च करके रेस्टोरेंट और मेनू ब्राउज़ करने की सुविधा देता है। उपयोगकर्ता ’99 स्टोर विजेट’ के जरिए किफायती भोजन भी खोज सकते हैं
- टियर-2 और 3 शहरों में बड़े पैमाने पर अपनाया गया
राष्ट्रीय | 27 अगस्त 2026 | भारत के अग्रणी ऑन-डिमांड सुविधा प्लेटफॉर्म स्विगी (स्विगी लिमिटेड, एनएसई: SWIGGY / बीएसई: 544285) ने आज घोषणा की कि उसकी ‘फूड ऑन ट्रेन’ पेशकश पिछले 2 वर्षों (अगस्त 2024 से अगस्त 2026) में 12 गुना बढ़ी है, जिसमें टियर-2 और 3 बाजारों में इसे अपनाने की रफ्तार मेट्रो शहरों की तुलना में दोगुनी तेजी से रही है। इसके अतिरिक्त, स्विगी ने अपनी फूड ऑन ट्रेन सेवा का विस्तार 201 स्टेशनों तक कर दिया है, जो 2024 में 66 थी।
स्विगी ने यात्रा के दौरान ऑर्डर करने की प्रक्रिया को अधिक तेज़ और सहज बनाने के लिए दो नए प्रोडक्ट फीचर्स भी लॉन्च किए हैं। पहला है ‘सर्च बाय ट्रेन’, जो उपयोगकर्ताओं को सामान्य रेस्टोरेंट फ़िल्टरिंग को छोड़कर केवल अपना ट्रेन नंबर या ट्रेन का नाम टाइप करने की अनुमति देता है, जिससे वे तुरंत अपने विशिष्ट रूट और शेड्यूल के अनुसार मैप किए गए भोजन विकल्पों को देख सकते हैं। इसके अलावा, नया लॉन्च किया गया ’99 स्टोर विजेट’ ऐप पर एक समर्पित हब है, जो यात्रियों को बजट-अनुकूल भोजन विकल्पों पर तेजी से नेविगेट करने की सुविधा देता है, जिससे लंबी यात्राओं में किफायती भोजन चुनना बेहद आसान हो जाता है।
स्विगी ने ट्रेन यात्रियों की बदलती खान-पान की आदतों से जुड़े दिलचस्प ट्रेंड्स भी साझा किए। सिर्फ एक साल के भीतर, यात्रियों ने फास्ट फूड और कार्बोनेटेड ड्रिंक्स से हटकर स्वास्थ्यवर्धक और ताजगी भरे विकल्पों को अपनाया है। पिछले साल की तुलना में, यात्री लस्सी (+60%), छाछ (+40%), और मोजितो (+90%) जैसे पारंपरिक और ताजगी देने वाले पेय पदार्थों को प्राथमिकता दे रहे हैं, जबकि मानक फिज़ी ड्रिंक्स के ऑर्डर्स में काफी गिरावट आई है। ट्रेनों में भोजन के मामले में लोग पारंपरिक और क्षेत्रीय कम्फर्ट फूड की ओर लौट रहे हैं, जिसमें कुल ट्रेन ऑर्डर्स का 65% से अधिक हिस्सा थाली जैसे पूर्ण भोजन का है। इसके अलावा, मिठाइयों के ऑर्डर्स में ज़बरदस्त उछाल (+110%) देखा गया है, जिसकी अगुआई रसगुल्लों ने की है।
“फूड ऑन ट्रेन’ के विस्तार और टियर-2 तथा टियर-3 शहरों में इसके बढ़ते इस्तेमाल पर अपने विचार साझा करते हुए, स्विगी फूड मार्केटप्लेस, इंडिया नेक्स्ट के वाइस प्रेसिडेंट कार्तिक कुमार तंगिराला ने कहा, “’फूड ऑन ट्रेन’ हमारे सबसे सफल प्रोडक्ट्स में से एक है। हमने देखा है कि कई टियर-2 शहरों में कुल ऑर्डर्स का 50% से अधिक हिस्सा ट्रेन ऑर्डर्स का है, और पिछले 2 से अधिक वर्षों में इसमें जबरदस्त बढ़त दर्ज की गई है। स्विगी पर 75% से अधिक ट्रेन ऑर्डर्स टियर-2 और टियर-3 शहरों से आते हैं, जिनमें भारत के मध्य क्षेत्र की हिस्सेदारी सबसे अधिक है। यह सर्विस इतनी तेजी से आगे बढ़ रही है कि स्विगी ने मनमाड, दौंड, बीना और टूंडला जैसे शहरों में अपने ऑपरेशन्स सिर्फ ‘फूड ऑन ट्रेन’ के ग्राहकों की जरूरतों को पूरा करने के लिए शुरू किए हैं। हम समझते हैं कि भोजन ट्रेन यात्रा का एक अहम हिस्सा है, और हमें खुशी है कि ‘फूड ऑन ट्रेन’ के जरिए हम लाखों रेल यात्रियों के खाने के अनुभव को और बेहतर बना पाए हैं।“
नेटवर्क में जोड़े गए नए स्टेशनों में कोल्हापुर, वर्धा, शहडोल, काकीनाडा, भरतपुर, चित्तूर, तंजावुर, रायगढ़, जामनगर, इंदौर और टूंडला शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, यात्री अपनी ट्रेन यात्रा का उपयोग क्षेत्रीय स्वाद की यात्रा के रूप में कर रहे हैं, और अपनी बर्थ से ही प्रसिद्ध स्थानीय खास व्यंजनों का ऑर्डर दे रहे हैं। यह ट्रेंड स्टेशन-स्तरीय बिक्री डेटा में देखा जा सकता है: जयपुर जंक्शन पर प्याज कचौरी सबसे अधिक बिकने वाली सिंगल आइटम है, जबकि भोपाल में पोहा शीर्ष-10 नाश्ते के विकल्पों में शामिल है। दक्षिण और मध्य स्टेशनों पर स्थानीय बिरयानी के प्रकारों का दबदबा है और यह प्रसिद्ध टुंडे गलौटी कबाब के साथ लखनऊ में भी बिक्री में सबसे आगे है। दिलचस्प बात यह है कि नागपुर में हल्दीराम की थालियां शीर्ष पर हैं और स्थानीय सीफूड थालियां गोवा के मडगांव में सबसे ज्यादा ऑर्डर की जाने वाली चीजों में शामिल हैं।
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