- राज्यपाल श्री आचार्य देवव्रत द्वारा प्राकृतिक चिकित्सा दिवस पर्व का शुभारंभ
- INO द्वारा देश में 5000 स्थानो पर आयोजित होगा प्राकृतिक चिकित्सा दिवस
गुजरात, अहमदाबाद | 09 नवंबर 2025 — 8वें राष्ट्रीय प्राकृतिक चिकित्सा दिवस के उपलक्ष्य में नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ नेचुरोपैथी (NIN), आयुष मंत्रालय, भारत सरकार के सहयोग से सूर्या फाउंडेशन-इंटरनेशनल नेचुरोपैथी आर्गेनाइजेशन (INO) व गुजरात राज्य योग बोर्ड(GSYB) द्वारा दिनाँक 09 नवंबर 2025 को साबरमती रिवर फ्रंट , अहमदाबाद में प्राकृतिक चिकित्सा दिवस पर्व का शुभारम्भ आचार्य देवव्रत जी, माननीय राज्यपाल, गुजरात के कर कमल द्वारा किया गया।

इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में 885 लोगों ने धूप स्नान तथा फेस म़ड पैक के लिए INO ने तथा वृक्षाशन में अधिकतम संख्या में भाग लेने के लिए GSYB द्वारा तीन वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाए गए। जिसमें एशिया बुक का रिकॉर्ड तथा International Excellence Award (IEA) बुक ऑफ़ वर्ल्ड रिकॉर्ड में नाम दर्ज हुआ।
INO के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ अनंत बिरादार ने माननीय राज्यपाल जी का स्वागत किया तथा अपने प्रास्ताविक वक्तव्य में बताया कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जन्म भूमि गुजरात से आज प्राकृतिक चिकित्सा दिवस पर्व का शुभारंभ किया जा रहा है और महात्मा गांधी की कर्मभूमि पुणे महाराष्ट्र में 18 नवंबर 2025 को इसका समापन किया जाएगा। INO द्वारा 9 नवंबर से 18 नवंबर 2025 तक पूरे देश भर में 500 से अधिक जिलों में 5000 स्थानों में प्राकृतिक चिकित्सा के निःशुल्क शिविर तथा विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। आगे बताते हुए उन्होंने माननीय राज्यपाल महोदय से निवेदन किया कि सरकार द्वारा प्राकृतिक चिकित्सा को जन जन तक फैलाने के लिए राज्य सरकार को आवश्यक कदम उठाने के लिए कहें।

मंचाशीन अतिथि अहमदाबाद की मेयर श्रीमति प्रतिभाबेन जैन, GSYB के चेयरमैन योगसेवक शीशपाल, INO गुजरात के अध्यक्ष श्री मुकेश भाई शाह, NIN आयुष मंत्रालय, भारत सरकार के हिमांशु शर्मा, डॉ भरत भाई शाह का पुष्प गुच्छ तथा स्मृति चिन्ह देकर स्वागत किया गया।
GSYB के चेयरमैन योगसेवक शीशपाल ने अपने उद्बोधन में यह बताया कि योग के साथ साथ प्राकृतिक चिकित्सा को भी अपने जीवन में उतारने की आवश्यकता है।
अहमदाबाद की मेयर श्रीमति प्रतिभाबेन जैन ने अपनी स्वदेशी चिकित्सा को अपनाने तथा स्वदेशी वस्तुओं को लेने का आह्वान किया।
माननीय राज्यपाल श्री आचार्य देवव्रत जी ने प्राकृतिक चिकित्सा के अपने 30 वर्षों का अनुभव साझा किया तथा सूर्या फाउंडेशन के चेयरमैन पद्मश्री जयप्रकाश जी के जीवन से प्रेरणा लेकर प्राकृतिक चिकित्सा का कार्य प्रारंभ किया।
आचार्य देवव्रत जी ने प्राकृतिक चिकित्सा मूल सिद्धांत बताते हुए ये बताया कि
– प्राकृतिक चिकित्सा एक ऐसी पद्धति है जो बिना हस्पताल और बिना दवाई के अपने शरीर के रोगो को दूर करती है और शरीर को स्वस्थ करती है।
– पद्मश्री जयप्रकाश जी की जीवन से प्रेरणा लेकर मैंने प्राकृतिक चिकित्सा के बारे में समझा तथा प्राकृतिक चिकित्सा के उद्देश्य एवम प्राकृतिक चिकित्सा को आगे बढ़ाया – तथा प्राकृतिक चिकित्सा को लोगो के बीच जागरूक किया।
– समग्र स्वास्थ्य के लिए प्राकृतिक जीवन शैली और प्राकृतिक आहार बहुत जरूरी।
– जिस प्रकार लोहे को ठीक करने के लिए लोहे में डालते है उसी प्रकार हमारा शरीर प्रकृति से बना है तो उसे ठीक करने के लिए प्रकृति के पास ही जाना चाहिए।
– अप्राकृतिक खेती की वजह से हम जो आहार ले रहे है उससे हमारे शरीर में स्लो पॉइजन जा रहा है। इसलिए हमे प्राकृतिक खेती की और भी बढ़ना है ।
– दिनचर्या एवम खानपान, के बारे मे बच्चो को स्कूल मे पढ़ायी जानी चाहिए।
– मैं मुख्यमंत्री जी से प्राकृतिक चिकित्सा का कॉलेज और रिसर्च सेंटर बनाने के बारे मे बात करूँगा तथा समग्र स्वास्थ के प्रति प्राकृतिक चिकित्सा एवम प्राकृतिक आहार के बारे मे जागरूकता अभियान चलाने के बारे मे कहूंगा।
– शीशपाल जी गुजरात राज्य मे योग के लिए बहुत अच्छा काम कर रहे है।
कार्यक्रम में INO सदस्य, GSYB के योग साधक, प्राकृतिक चिकित्सक, योगाचार्य, विद्यार्थी तथा समान्य लोगों ने भाग लिया।
INO गुजरात के पदाधिकारी श्री जीतू भाई शाह, डॉ सुरेश भाई शाह, डॉ हितेश परमार, डॉ राघव पुजारा, रूही संघवी, डॉ हेतल शाह, डॉ. पलक त्रिवेदी, योगाचार्य डिंपल पटेल, डॉ नारायण बोहिते, डॉ हंसमुख भाई वाजा, त्रिभुवन सिंह, डॉ मुकेश कुमार एवं अन्य वरिष्ठ कार्यकर्ता उपस्थित थे।

