Homeगुजरातपूज्य मोरारी बापू ने रामेश्वरम से डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम को नमन...

पूज्य मोरारी बापू ने रामेश्वरम से डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम को नमन किया

देश और विश्व में अनेक पीठें हैं, पर ‘सद्भाव पीठ’ की आज आवश्यकता है: मोरारी बापू 

रामेश्वरम, तमिलनाडु | 02 नवंबर 2025: चित्रकूट से 25 अक्टूबर को प्रारंभ हुई पूज्य मोरारी बापू की ऐतिहासिक मानस रामयात्रा दो दिनों की रेल यात्रा के बाद गत दिवस तमिलनाडु के रामेश्वरम पहुंची। कथा के सातवें दिन पूज्य बापू ने भारत के पूर्व राष्ट्रपति और महान वैज्ञानिक डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम को श्रद्धांजलि अर्पित की। बापू ने कहा, “यह उनकी पावन भूमि है। उन्होंने हमें ‘जय विज्ञान’ का प्रेरक सूत्र दिया था।” 

रामेश्वरम में सातवें दिन की कथा में दिल्ली की रामकथा के प्रेरक जैनाचार्य लोकेश मुनिजी ने भी विशेष उपस्थिति दर्ज कराई। व्यासपीठ से पूज्य बापू ने कहा, “देश में अनेक पीठें हैं, पर आज सबसे अधिक आवश्यकता एक ‘सद्भाव पीठ’ की है। जहां न कोई वैर हो, न कोई विवाद, न कोई विरोध।” 

बापू ने आगे कहा कि जिनकी मानसिकता सांसारिक है, उन्हें यह यात्रा बाह्य यात्रा लग सकती है, और जिनमें वैराग्य है, उन्हें यह अंतर यात्रा प्रतीत हो सकती है। किंतु मेरे दृष्टिकोण से यह साधुओं के लिए मध्यम मार्गी यात्रा है, ठीक उसी तरह जैसे देहरी पर रखा दीप भीतर और बाहर दोनों ओर प्रकाश फैलाता है।” 

पूज्य बापू ने कहा कि तीन मुख्य बिंदु समझने योग्य हैं। राम प्राकट्य, रामसेतु और रामराज्य। राम प्राकट्य के बिना रामसेतु नहीं बन सकता, और रामसेतु के बिना रामराज्य की कल्पना संभव नहीं। रामसेतु के आदर्श को जीवंत रखने के लिए इस प्रकार की यात्राएं अत्यंत आवश्यक हैं। 

कथा के समापन के बाद पूज्य मोरारी बापू ने रामनाथ स्वामी मंदिर में दर्शन किए और शाम में धनुषकोडी जाकर भक्तों के साथ संगोष्ठी की। वहां भक्ति और संगीत से भरे वातावरण में कविताओं का गायन हुआ। 

अब यह रामयात्रा हवाई मार्ग से श्रीलंका के कोलंबो पहुंचेगी, जहां 3 नवम्बर से पूज्य मोरारी बापू द्वारा आगे की कथा का गान होगा।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Must Read